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एसआईसी ने किया महिला अस्पताल का निरीक्षण
Updated Sun, 22 Oct 2017 08:36 PM IST
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महिला अस्पताल।
- फोटो : Amar Ujala
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गोरखपुर। जिला महिला अस्पताल की व्यवस्था सुधारने के लिए एसआईसी ने अब सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। कई बार कर्मचारियों की मनमानी पर चेतावनी देने के बाद भी सुधार न होते देख कर अब वो एक्शन मोड में आ गए हैं। मरीजों के बेड की चादर न बदलने की मनमानी करने वाली तीन नर्साें के खिलाफ के एसआईसी ने वेतन रोकने का आदेश जारी कर दिया है।
चादर न बदलने की शिकायतों को देखते हुए शासन स्तर से हर दिन अलग-अलग रंग की चादर बिछाने की व्यवस्था की गई है। वार्डाें में भी दीवारों पर लिखवाया गया है कि किस दिन किस रंग की चादर बिछाई जाएगी। इतना सब होने के बाद भी नर्सें मनमानी कर रही हैं। जिला महिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. डीके सोनकर ने निरीक्षण किया तो पाया कि स्टाफ नर्सों ने वार्डाें में मरीजों के बेड की चादर नहीं बदली है। रविवार को एसआईसी ने एक बेड पर फटी चादर देख स्टॉफ नर्स को नसीहत दी। उन्होंने बताया कि चादर न बदलने को लेकर सर्जिकल वार्ड की दो और एंटीनेटल वार्ड की एक स्टाफ नर्स का एक दिन का वेतन रोका गया है।
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चादर न बदलने की शिकायतों को देखते हुए शासन स्तर से हर दिन अलग-अलग रंग की चादर बिछाने की व्यवस्था की गई है। वार्डाें में भी दीवारों पर लिखवाया गया है कि किस दिन किस रंग की चादर बिछाई जाएगी। इतना सब होने के बाद भी नर्सें मनमानी कर रही हैं। जिला महिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. डीके सोनकर ने निरीक्षण किया तो पाया कि स्टाफ नर्सों ने वार्डाें में मरीजों के बेड की चादर नहीं बदली है। रविवार को एसआईसी ने एक बेड पर फटी चादर देख स्टॉफ नर्स को नसीहत दी। उन्होंने बताया कि चादर न बदलने को लेकर सर्जिकल वार्ड की दो और एंटीनेटल वार्ड की एक स्टाफ नर्स का एक दिन का वेतन रोका गया है।
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