{"_id":"596ccb934f1c1b7a498b4579","slug":"161500302227-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेडिका फर्जीवाड़ा: कुलपति ने कहा बनेगी जांच कमेटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेडिका फर्जीवाड़ा: कुलपति ने कहा बनेगी जांच कमेटी
Updated Mon, 17 Jul 2017 08:17 PM IST
विज्ञापन
सेंट एंड्रयूज कॉलेज।
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोरखपुर। सेंट एंड्रयूज कॉलेज के प्राचार्य की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। गोरखपुर यूनिवर्सिटी के कुलपति ने फर्जीवाड़े की जांच के लिए कमेटी बनाने का निर्णय लिया है। फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर अनुमोदन हासिल करने के प्रकरण को कुलपति ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि कमेटी के गठन के लिए सदस्यों पर विचार चल रहा है।
जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर शहर के नामी कॉलेज सेंट एंड्रयूज के प्राचार्य डॉ. जेके लाल ने शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को शुरू कर दिया। शुक्रवार को एग्लिकन चर्च ऑफ इंडिया, लखनऊ की सेक्रेटरी मधुलिका जोयश ओर से प्राचार्य डॉ. जेके लाल के खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस को दी गई तहरीर में कहा गया था कि सेंट एंड्रयूज पीजी कॉलेज में जूलॉजी, बॉटनी, फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स सहित कई विषयों में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया में प्राचार्य ने यूनिवर्सिटी को अंधेरे में रखकर अनुमोदन हासिल किया। अब यूनिवर्सिटी की ओर से भी जांच शुरू होने के बाद प्राचार्य की मुश्किलें और बढ़ती नजर आ रही हैं। इस बाबत शनिवार के अंक में ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी।
जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर शहर के नामी कॉलेज सेंट एंड्रयूज के प्राचार्य डॉ. जेके लाल ने शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को शुरू कर दिया। शुक्रवार को एग्लिकन चर्च ऑफ इंडिया, लखनऊ की सेक्रेटरी मधुलिका जोयश ओर से प्राचार्य डॉ. जेके लाल के खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस को दी गई तहरीर में कहा गया था कि सेंट एंड्रयूज पीजी कॉलेज में जूलॉजी, बॉटनी, फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स सहित कई विषयों में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया में प्राचार्य ने यूनिवर्सिटी को अंधेरे में रखकर अनुमोदन हासिल किया। अब यूनिवर्सिटी की ओर से भी जांच शुरू होने के बाद प्राचार्य की मुश्किलें और बढ़ती नजर आ रही हैं। इस बाबत शनिवार के अंक में ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी।
विज्ञापन