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जेई-एईएस के मरीजों की उपचार की दी जानकारी
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जेई-एईएस के मरीजों की उपचार की दी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। जिले के विभिन्न सीएचसी-पीएचसी पर तैनात चिकित्साधिकारियों के लिए शुक्रवार को सदर सीएचसी सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजना किया गया। जिसमें जेई-एईएस के मरीजों के बचाव और त्वरित उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
एसएमओ डॉ. विवेक श्रीवास्तव ने चिकित्सकों से कहा कि अस्पताल आने वाले जेई-एईएस के मरीजों का त्वरित उपचार शुरू कर दें। जिससे मरीजों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि मरीज के साथ आए तीमारदारों को जेई-एईएस से बचाव के लिए सावधानियों के बारे में जागरूक करें। कहा कि मरीजों को मच्छरदानी प्रयोग करने, साफ सफाई बनाए रखने, खुले में शौच न जाने के बारे में सलाह दें। इससे जेई - एईएस बीमारी पर नियंत्रण किया जा सकता है। डॉ. रंजन मिश्रा ने अस्पताल आने वाले मरीजों को दी जाने वाली दवाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उपचार के बाद भी यदि मरीज को बार-बार झटका आए, ब्लड प्रेशर कंट्रोल न हो तो परिस्थिति में बच्चे को जिला अस्पताल रेफर करें। उन्होंने प्रशिक्षण से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारी दी। डॉ. राजेश द्विवेदी ने मरीज भर्ती मरीजों को उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर डॉ. स्वाती चौरसिया, विपिन कुमार शुक्ला, डॉ. अंकिता भाटिया, नेहा द्विवेदी, प्रमोद कुमार, जमीला, मुकेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। जिले के विभिन्न सीएचसी-पीएचसी पर तैनात चिकित्साधिकारियों के लिए शुक्रवार को सदर सीएचसी सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजना किया गया। जिसमें जेई-एईएस के मरीजों के बचाव और त्वरित उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
एसएमओ डॉ. विवेक श्रीवास्तव ने चिकित्सकों से कहा कि अस्पताल आने वाले जेई-एईएस के मरीजों का त्वरित उपचार शुरू कर दें। जिससे मरीजों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि मरीज के साथ आए तीमारदारों को जेई-एईएस से बचाव के लिए सावधानियों के बारे में जागरूक करें। कहा कि मरीजों को मच्छरदानी प्रयोग करने, साफ सफाई बनाए रखने, खुले में शौच न जाने के बारे में सलाह दें। इससे जेई - एईएस बीमारी पर नियंत्रण किया जा सकता है। डॉ. रंजन मिश्रा ने अस्पताल आने वाले मरीजों को दी जाने वाली दवाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उपचार के बाद भी यदि मरीज को बार-बार झटका आए, ब्लड प्रेशर कंट्रोल न हो तो परिस्थिति में बच्चे को जिला अस्पताल रेफर करें। उन्होंने प्रशिक्षण से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारी दी। डॉ. राजेश द्विवेदी ने मरीज भर्ती मरीजों को उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर डॉ. स्वाती चौरसिया, विपिन कुमार शुक्ला, डॉ. अंकिता भाटिया, नेहा द्विवेदी, प्रमोद कुमार, जमीला, मुकेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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