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अब एक क्लिक में पता चलेगा पुस्तकों का लेखा जोखा
Sat, 15 Jun 2019 02:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 15 Jun 2019 02:14 AM IST
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- एक क्लिक और पता चल जाएगा कितनी हैं किताबें
- गोविवि के सेंट्रल लाइब्रेरी में ऑटोमेशन का पहल चरण पूरा
- 67000 पुस्तकों का लेखा-जोखा अब कंप्यूटराइज्ड गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी में अब विद्यार्थियों को पुस्तकें लेने या वापस करने के लिए काउंटर पर देर तक खड़ा नहीं होना पड़ेगा। विद्यार्थी के डिजिटल लाइब्रेरी कार्ड पर एक क्लिक करते ही उसके अकाउंट की सूचना कंप्यूटर के स्क्रीन पर दिखेगी। किताब के बारकोड पर दूसरे क्लिक के बाद उसकी सभी सूचनाएं देखा जा सकेंगी।
- किताब, लेखक, प्रकाशक का नाम व मूल्य स्क्रीन पर होगा
- लाइब्रेरी में किस सेक्शन में किस रैक पर पुस्तक है पता चलेगा
- प्रतिदिन आवंटित और जमा पुस्तकों को लेखा-जोखा एक क्लिक पर मिलेगा
- किसी ने पुस्तक ज्यादा समय से जमा नहीं की है तो भी पता चल जाएगा
- लाइब्रेरी प्रबंधन में आसानी होगी
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सेंट्रल लाइब्रेरी में ऑटोमेशन का पहला चरण पूरा हो गया है। कुलपति प्रो विजय कृष्ण सिंह ने लाइब्रेरी में जाकर इसका जायजा लिया।
किताबों को देने-जमा करने की प्रक्रिया को देखा। कहा कि लाइब्रेरी में बीते दो साल में बहुत सारे सुधार हुए हैं। इसे और अधिक आधुनिक, बेहतर बनाने में ऑटोमेशन एक अहम पड़ाव है। आगे का काम भी तेजी से कराया जाएगा। विवि के मानद ग्रंथालयी प्रो हर्ष कुमार सिन्हा ने बताया कि पहले चरण में 67000 पुस्तकों का लक्ष्य रखा गया था, जो पूरा हो चुका है। दूसरे चरण में लगभग दो लाख पुस्तकों की डिजिटल आइडेंटिटी, चिह्नित और वर्गीकरण का काम होना है। इसकी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। निरीक्षण में समन्वयक प्रो राजवंत राव, वित्त अधिकारी वीरेंद्र चौबे और लेखाधिकारी पीएन सिंह भी उपस्थित रहे।
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