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संभ्रांत नागरिकों से अपराधियों सा व्यवहार
Mon, 27 May 2019 01:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 27 May 2019 01:05 AM IST
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गोरखपुर। सहारा इस्टेट में स्थित क्लब के विवाद में पुलिस ने इस्टेट के संभ्रांत नागरिकों से अपराधियों की तरह व्यवहार किया। उन्हें जीप में ठूंसकर खोराबार थाने लाया गया। पुलिस ने क्लब पर अपना ताला डाल दिया था, जो देर रात दबाव पड़ने पर खोल दिया गया।
सहारा इस्टेट रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी के मीडिया प्रभारी कृष्णमूर्ति राय ने बताया कि मीना ट्रेडर्स के गुड्डू सिंह, मंजीत सिंह पुलिस बल के साथ आए और क्लब का ताला तोड़ दिया। क्षेत्रीय नागरिकों ने विरोध किया पुलिस ने पीटना शुरू कर दिया। दबाव बढ़ने पर पुलिस बाद में दूसरे पक्ष के भी दो लोगों को खोराबार थाने ले आई। पुलिस ने सोसाइटी पक्ष के लालबचन यादव, धर्मेंद्र प्रताप सिंह, भानू प्रताप सिंह, देवेंद्र मिश्रा, अनिल श्रीवास्तव, राम मोहन त्रिपाठी, सीके तिवारी, दिनेश राय, बीपी मिश्रा, डॉ. एपी त्रिपाठी और दूसरे पक्ष के गुड्डू सिंह और मंजीत का शांतिभंग में चालान कर किया। देर रात एसडीएम न्यायालय से सभी नागरिकों को जमानत पर छोड़ा गया।
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सहारा इस्टेट के लोगों की शिकायत की जांच जीडीए कर रहा है। पुलिस प्रॉपर्टी और जमीन के विवाद में सीधे हस्तक्षेप नहीं कर सकती है। नागरिकों के साथ मारपीट करना गलत है। आईजी को घटना की जानकारी दी है। मुख्यमंत्री से वार्ता कर उन्हें भी मामले से अवगत कराऊंगा।
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सहारा इस्टेट रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी के मीडिया प्रभारी कृष्णमूर्ति राय ने बताया कि मीना ट्रेडर्स के गुड्डू सिंह, मंजीत सिंह पुलिस बल के साथ आए और क्लब का ताला तोड़ दिया। क्षेत्रीय नागरिकों ने विरोध किया पुलिस ने पीटना शुरू कर दिया। दबाव बढ़ने पर पुलिस बाद में दूसरे पक्ष के भी दो लोगों को खोराबार थाने ले आई। पुलिस ने सोसाइटी पक्ष के लालबचन यादव, धर्मेंद्र प्रताप सिंह, भानू प्रताप सिंह, देवेंद्र मिश्रा, अनिल श्रीवास्तव, राम मोहन त्रिपाठी, सीके तिवारी, दिनेश राय, बीपी मिश्रा, डॉ. एपी त्रिपाठी और दूसरे पक्ष के गुड्डू सिंह और मंजीत का शांतिभंग में चालान कर किया। देर रात एसडीएम न्यायालय से सभी नागरिकों को जमानत पर छोड़ा गया।
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सहारा के पास है क्लब का स्वामित्व
सहारा इस्टेट स्थित सहारा क्लब का स्वामित्व सहारा का है। कंपनी ने कभी भी इसका स्वामित्व किसी सोसाइटी को किसी भी रूप में (लिखित या मौखिक) ट्रांसफर नहीं किया है। पिछ्ले महीने की 29 तारीख को लाइसेंस पर चलाने के लिए सहारा स्टेटस के ही रहवासी मानवेंद्र सिंह को दिया है । परंतु कुछ लोगों द्वारा क्लब पर अवैध रूप से कब्जा करने का बार -बार प्रयास किया जा रहा है। वहां जो भी सोसाइटी बनी है उसकी मान्यता जीडीए और हाईकोर्ट द्वारा भी खारिज हो चुकी है।- बीके सिंह, चीफ इंजीनियर, सहारा इस्टेट
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महिलाएं भी गोरखनाथ मंदिर पहुंची
सहारा इस्टेट की महिलाएं भी शिकायत लेकर गोरखनाथ मंदिर पहुंची। देर शाम पत्रक देकर कार्रवाई की मांग की गई है। मंदिर जाने वालों में प्रीति सिंह, साधना गुप्ता, वंदना राय, अंजना तिवारी, सुशीला राय, रीनू श्रीवास्तव, अमृता राय, नीतू राय, इंदू आदि शामिल थी।भारत माता मूर्ति पर प्रदर्शन किया
सहारा इस्टेट के नागरिकों ने पुलिस के खिलाफ परिसर में स्थित भारत माता की मूर्ति के सामने प्रदर्शन भी किया। पुलिस पर गुंडों की मदद कर नागरिकों से बदसलूकी करने का आरोप लगाया। नागरिकों ने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।सहारा इस्टेट के लोगों की शिकायत की जांच जीडीए कर रहा है। पुलिस प्रॉपर्टी और जमीन के विवाद में सीधे हस्तक्षेप नहीं कर सकती है। नागरिकों के साथ मारपीट करना गलत है। आईजी को घटना की जानकारी दी है। मुख्यमंत्री से वार्ता कर उन्हें भी मामले से अवगत कराऊंगा।