{"_id":"5c38e253bdec2273250affbf","slug":"151547231827-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दर्शकों को भाया ‘सबरंग’ का हर ‘रंग’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दर्शकों को भाया ‘सबरंग’ का हर ‘रंग’
Sat, 12 Jan 2019 12:07 AM IST
ajay Kumar
Gorakhpur, Uttar Pradesh, India
Gorakhpur, Uttar Pradesh, India
Published by: ajay Kumar
Updated Sat, 12 Jan 2019 12:07 AM IST
विज्ञापन
महोत्सव में विभिन्न समूहों ने संस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुती की।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर। महोत्सव के पहले दिन ही सबरंग का जादू लोगों पर छा सा गया। स्थानीय कलाकारों ने कुल नौ कार्यक्रमों में प्रस्तुतियां देकर खूब वाहवाही बटोरी। प्रस्तुतियों में जहां भारतीय संस्कृति के विविध आयाम देखने को मिले, वहीं 28 विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झलकियों के साथ मनमोहक नृत्य पेश करके कलाकारों ने लोगों का मन मोह लिया।
आगाज नन्हीं देवांशी के ‘अरे जा रे हट नटखट...’ पर मनमोहक नृत्य से किया। शशांक मणि त्रिपाठी का सूफी गीत ‘एक दिल है एक जान है...’ और ‘न जाने कबसे उम्मीदें कुछ बाकी हैं...’ को लोगों ने संजीदगी से सुना। तबले पर चंडिका मिश्रा व विष्णुजी, ढोलक पर बेचन गौड़, वायलिन पर कृष्ण जीवन, गिटार पर सुबोध ने जुगलबंदी की। इसके बाद स्वरा त्रिपाठी ने ‘नाजुक नरम कलाई रे...’ पर आकर्षक नृत्य पेश करके खूब तालियां बटोरीं। श्याम सिंह श्रीनेत और राम सिंह श्रीनेत, हृदया त्रिपाठी और ठाकुर ने मनमोहन प्रस्तुति दी। विनोद पाठक, रंजना मिश्रा ने देवी गीत ‘निमिया के डारी...’ गाकर माहौल को भक्ति के रंग में रंग दिया। यामिनी कल्चरल ग्रुप की मैनेजर सोनिका सिंह के नेतृत्व में आए 40 कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से संस्कृति के रंग बिखेरे। रेडियंट नाइट ग्रुप के मनीष श्रीवास्तव और उनकी टीम ने वाराणसी, गोरखपुर और मथुरा की धार्मिकता , वेशभूषा की झलक के साथ लखनऊ की तहजीब का प्रदर्शन भी लोगों ने भाया।
विज्ञापन
आगाज नन्हीं देवांशी के ‘अरे जा रे हट नटखट...’ पर मनमोहक नृत्य से किया। शशांक मणि त्रिपाठी का सूफी गीत ‘एक दिल है एक जान है...’ और ‘न जाने कबसे उम्मीदें कुछ बाकी हैं...’ को लोगों ने संजीदगी से सुना। तबले पर चंडिका मिश्रा व विष्णुजी, ढोलक पर बेचन गौड़, वायलिन पर कृष्ण जीवन, गिटार पर सुबोध ने जुगलबंदी की। इसके बाद स्वरा त्रिपाठी ने ‘नाजुक नरम कलाई रे...’ पर आकर्षक नृत्य पेश करके खूब तालियां बटोरीं। श्याम सिंह श्रीनेत और राम सिंह श्रीनेत, हृदया त्रिपाठी और ठाकुर ने मनमोहन प्रस्तुति दी। विनोद पाठक, रंजना मिश्रा ने देवी गीत ‘निमिया के डारी...’ गाकर माहौल को भक्ति के रंग में रंग दिया। यामिनी कल्चरल ग्रुप की मैनेजर सोनिका सिंह के नेतृत्व में आए 40 कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से संस्कृति के रंग बिखेरे। रेडियंट नाइट ग्रुप के मनीष श्रीवास्तव और उनकी टीम ने वाराणसी, गोरखपुर और मथुरा की धार्मिकता , वेशभूषा की झलक के साथ लखनऊ की तहजीब का प्रदर्शन भी लोगों ने भाया।
विज्ञापन