फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   bsa upset to teachers work

शिक्षकों की कार्यप्रणाली से बीएसए दुखी

Wed, 28 Nov 2018 10:23 PM IST
siddharthnagar
siddharthnagar Updated Wed, 28 Nov 2018 10:23 PM IST
विज्ञापन
bsa upset to teachers work
demo pic
सिद्धार्थनगर। छह माह पूर्व कार्यभार ग्रहण करने के बाद जिले के बीईओ, शिक्षकों व कर्मियों की कार्यप्रणालियों से दुखी होकर बीएसए ने ‘मन की बात’ की है। इसकी ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया में वायरल हुई है जिसके जरिए जनपद में बेसिक शिक्षा व्यवस्था को उन्होंने शर्मनाक बताया है। बुधवार सुबह से ही बेसिक शिक्षा अधिकारी राम सिंह का वायरल ऑडियो क्लिप चर्चा का विषय बना हुआ है।
विज्ञापन


अधीनस्थों की कार्यप्रणाली पसंद न आने के साथ ही निरंतर प्रयास के बावजूद सुधार न होने की व्यथा ‘मन की बात’ में व्यक्त की है। शिक्षकों को समाज का रचनाकार बताते हुए कहा कि प्राय: निरीक्षण में अधिकांश स्कूलों में शिक्षक समय से विद्यालय नहीं पहुंचते या समय पूर्व ही विद्यालय से चले आते हैं।
विज्ञापन


इतना ही नहीं तमाम शिक्षक बगैर किसी आवदेन के ही गायब रहते हैं, यह खेदजनक, दुखद व बेहद शर्मनाक है। दायित्व व गरिमा को भूलते जा रहे हैं। अच्छे कर्म के कारण ही शिक्षा विभाग में सेवा करने का अवसर मिला है। सीसीएल, मातृत्व अवकाश व अन्य अवकाश के लिए शासन स्तर से दबाव बनवाते हैं। उदारता पूर्वक व्यवस्था के तहत सही आवेदनों का निस्तारण कर दिया जाता है। इसके बाद भी गलत पैरवी के लिए प्रदेश के उच्च अधिकारियों से दबाव बनाया जाता है। जिले में 4500 शिक्षकों की कमी के साथ ही लगभग 400 शिक्षक, शिक्षिका विविध अवकाश पर हैं। बीएसए राम सिंह ने बताया कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार देने के लिए शिक्षकों को एक सकारात्मक संदेश देने का कार्य किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


पंजीकृत 268, एमडीएम में दिखाया 275, मौके पर 175 बच्चे
ऑडियो क्लिप में मन की बात में बीते 27 नवंबर को कई विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान बगैर नाम लिए एक स्कूल का उल्लेख करते हुए बीएसए ने कहा है कि पंजीकृत 368 बच्चे, एमडीएम में दिखाया 275, मौके पर उपस्थित मिले 175 बच्चे। कहा कि कुछ ऐसे भी शिक्षक, शिक्षिकाएं हैं, जो बेसिक शिक्षा की साख को बढ़ाने के साथ ही दायित्व व गरिमा को ध्यान में रख रहे हैं। बहरहाल कार्यभार ग्रहण करने के 6 माह बाद भी सुधार न लाने संबंधित ऑडियो क्लिप कहीं न कहीं उनकी लाचारी को दर्शाता है। साथ ही अधीनस्थों पर नियंत्रण न होना भी साबित हो रहा है।




 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed