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खेलोगे-कूदोगे तो भी बनोगे नवाब : बजरंग

Fri, 16 Nov 2018 12:50 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर। Updated Fri, 16 Nov 2018 12:50 AM IST
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खेलोगे-कूदोगे तो भी बनोगे नवाब : बजरंग
विश्व के नंबर एक पहलवान ने कुश्ती को बताया दिमाग का भी खेल - फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर। खेलोगे-कूदोगे तो भी होगे नवाब। जी हां, अब लोगों की मानसिकता बदल गई है। अब वो जमाना नहीं रहा जब खेलने-कूदने को खराब माना जाता था। अगर ऐसा होता तो सुशील कुमार, योगेश्वर दत्त जैसे पहलवान दुनिया में अपनी प्रतिभा का लोहा न मनवा रहे होते।
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यह कहना है विश्व के नंबर एक पहलवान बजरंग पुनिया का। गोरखपुर में आयोजित सीनियर स्टेट कुश्ती चैंपियनशिप में भाग लेने आए बजरंग बृहस्पतिवार को टाउनहाल स्थित रविंद्र भवन में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पहलवानी और कुश्ती पर फिल्म बनने के बाद युवाओं में इस खेल का क्रेज बढ़ा है। कुश्ती लीग से भी काफी बदलाव आया है। बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबले से पहले कुश्ती लीग खेलने से गलतियां सुधारने का मौका मिल जाता है। ‘यूपी दंगल’ की तरफ से खुद कुश्ती लीग खेलने वाले बजरंग ने युवाओं को अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने को कहा। यहीं उन्होंने जोड़ा कि यह जरूरी नहीं कि कुश्ती में उतरना है तभी कसरत की जाए। पढ़ाई के साथ-साथ शरीर को स्वस्थ रखने के लिए नियमित कसरत करनी चाहिए। एक अन्य सवाल के जवाब में शीर्षस्थ पहलवान ने बताया कि शुरूआती दौर में उन्हें इस खेल में काफी परेशानी झेलनी पड़ी, लेकिन परिवार और शुभचिंतकों के सहयोग से न सिर्फ इच्छाशक्ति मजबूत हुई बल्कि देश के लिए कुछ करने का जज्बा भी पैदा हुआ।
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मिट्टी से जुड़ा खेल है कुश्ती

बजरंग ने कहा कि भले ही कुश्ती मिट्टी से जुड़ा खेल है, मगर वर्तमान दौर में प्रतियोगिताएं मैट पर होती हैं। हरियाणा में सरकार ने करीब 80 गांवों में मैट लगवाएं हैं, लेकिन यह अब भी काफी कम है। हमें अगर पहलवानी में और आगे जाना है तो गांव-गांव, शहर-शहर मैट का इंतजाम करना होगा ताकि शुरुआत से ही पहलवानों को इससे परिचित कराया जा सके। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि कुश्ती ताकत, दांव पेंच के साथ ही दिमाग का भी खेल है। इसमें सेकंडों में खिलाड़ी को रणनीति बनानी होती है। प्रतिद्वंद्वी पहलवान की रणनीति को समझना होता है। ऐसे में हर पहलवान के लिए यह भी जरूरी है कि वह दिमागी तौर पर भी मजबूत हो।
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खेलो इंडिया से मिल रहा खिलाड़ियों को बढ़ावा

बजरंग पुनिया ने कहा कि भारत सरकार खेलों को बढ़ावा दे रही है। 2024 ओलंपिक के लिए नए खिलाड़ियों को तैयार किया जा रहा है। सरकार का यह प्रयास तारीफ योग्य है। यदि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तो देश के लिए मेडल लाना आसान होगा।

जिम जाना नहीं भूले बजरंग

बजरंग पुनिया ने बृहस्पतिवार की शाम तकरीबन एक घंटे तक कैंट के परमश्वर पांडेय के जिम में कसरत की। वहां उन्हें देखने, उनसे मिलने वालों का तांता लगा रहा। उन्होंने कई लोगों के साथ सेल्फी भी खिंचवाई।
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