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शानोशौकत से निकला इमामबाड़ा इस्टेट का शाही जुलूस
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
Updated Sun, 16 Sep 2018 11:26 PM IST
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विभिन्न चौक-चौराहों पर जुलूस का हुअाआ स्वागत।
- फोटो : amar ujala
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गोरखपुर। मियां साहब इमामबाड़ा इस्टेट से पांचवीं मुहर्रम का शाही जुलूस पूरी शानोशौकत से निकला। इसका शहर के विभिन्न चौराहों पर लोगों ने स्वागत किया।
करीब 300 साल से हर एक वर्ष निकल रहे मियां साहब के पांचवीं के इस जुलूस की अगुवाई इमामबाड़ा इस्टेट के सज्जादानशीन अदनान फ ार्रुख शाह मियां साहब ने किया। उनके दोनों पुत्र भी शामिल थे। सबसे आगे इमामबाड़ा इस्टेट का परचम अलम और उनके पीछे सफेद और परंपरागत वर्दी में अंगरक्षक चल रहे थे। मियां साहब के निजी सुरक्षा गार्ड उनके पीछे थे।
कई बैंड और शहनाई वादक भी जुलूस में शामिल थे। जुलूस हजरत सैयद रौशन अली शाह अलैहिर्रहमां की मजार पर फातिहा पढ़कर पश्चिमी फ ाटक से करीब सुबह 10:00 बजे निकला। इसके बाद कमाल शहीद बक्शीपुर, अलीनगर, चरनलाल चौक, बेनीगंज इमामबाड़ा, बेनीगंज चौराहा, जाफ रा बाजार से होता हुआ कर्बला के मैदान पहुंचा। वहां कुछ देर विश्राम के बाद जुलूस घासीकटरा, मिर्जापुर चौराहा, साहबगंज, खूनीपुर चौराहा, नखास चौराहा, कोतवाली, मान चौराहे से होते हुए इमामबाड़ा इस्टेट के दक्षिण फ ाटक से अंदर दाखिल हुआ।
मियां साहब ने अपने पूर्वजों की मजार पर फ ातिहा पढ़कर इसके समापन की घोषणा की। इस दौरान मियां साहब का विभिन्न संगठनों की ओर से स्वागत किया गया। इसमें भगवती अखाड़ा बक्शीपुर सहित कई मोहल्लों के जुलूस भी शामिल रहे। मियां साहब के साथ जलूस में उनके निकटतम सहयोगियों में जुल्फेकार अहमद, शहाब अहमद, तौकीर आलम, पूर्व पार्षद बबलू, आसिम खान, ख्वाजा शमसुद्दीन, फैजी बाबा, शकील अहमद, आसिम अहमद, अजहर समी, परवेज, सईदुल्लाह, रहमत आदि भी शामिल थे। मुख्यमंत्री के जिले में रहने के बाद भी जिला और पुलिस प्रशासन की ओर से कड़ी सुरक्षा की व्यवस्था की गई थी। इसके लिए मियां साहब ने सभी का आभार जताया।
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करीब 300 साल से हर एक वर्ष निकल रहे मियां साहब के पांचवीं के इस जुलूस की अगुवाई इमामबाड़ा इस्टेट के सज्जादानशीन अदनान फ ार्रुख शाह मियां साहब ने किया। उनके दोनों पुत्र भी शामिल थे। सबसे आगे इमामबाड़ा इस्टेट का परचम अलम और उनके पीछे सफेद और परंपरागत वर्दी में अंगरक्षक चल रहे थे। मियां साहब के निजी सुरक्षा गार्ड उनके पीछे थे।
कई बैंड और शहनाई वादक भी जुलूस में शामिल थे। जुलूस हजरत सैयद रौशन अली शाह अलैहिर्रहमां की मजार पर फातिहा पढ़कर पश्चिमी फ ाटक से करीब सुबह 10:00 बजे निकला। इसके बाद कमाल शहीद बक्शीपुर, अलीनगर, चरनलाल चौक, बेनीगंज इमामबाड़ा, बेनीगंज चौराहा, जाफ रा बाजार से होता हुआ कर्बला के मैदान पहुंचा। वहां कुछ देर विश्राम के बाद जुलूस घासीकटरा, मिर्जापुर चौराहा, साहबगंज, खूनीपुर चौराहा, नखास चौराहा, कोतवाली, मान चौराहे से होते हुए इमामबाड़ा इस्टेट के दक्षिण फ ाटक से अंदर दाखिल हुआ।
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मियां साहब ने अपने पूर्वजों की मजार पर फ ातिहा पढ़कर इसके समापन की घोषणा की। इस दौरान मियां साहब का विभिन्न संगठनों की ओर से स्वागत किया गया। इसमें भगवती अखाड़ा बक्शीपुर सहित कई मोहल्लों के जुलूस भी शामिल रहे। मियां साहब के साथ जलूस में उनके निकटतम सहयोगियों में जुल्फेकार अहमद, शहाब अहमद, तौकीर आलम, पूर्व पार्षद बबलू, आसिम खान, ख्वाजा शमसुद्दीन, फैजी बाबा, शकील अहमद, आसिम अहमद, अजहर समी, परवेज, सईदुल्लाह, रहमत आदि भी शामिल थे। मुख्यमंत्री के जिले में रहने के बाद भी जिला और पुलिस प्रशासन की ओर से कड़ी सुरक्षा की व्यवस्था की गई थी। इसके लिए मियां साहब ने सभी का आभार जताया।
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