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आवास, शौचालय के लिए रिश्वत मांगने वाले जाएंगे जेल

Mon, 30 Apr 2018 01:34 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर। Updated Mon, 30 Apr 2018 01:34 AM IST
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आवास, शौचालय के लिए रिश्वत मांगने वाले जाएंगे जेल
सीएम ने कई विभागों के अफसरों के साथ बैठक कर विकास कार्यों की समीक्षा की। - फोटो : Amar Ujala
तीन दिवसीय दौरे पर रविवार को गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शाम को जीडीए सभागार में कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों की मैराथन समीक्षा बैठक की। तीन घंटे से अधिक देर तक चली इस बैठक में उन्होंने शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के बहाने रिश्वत मांगने वालों पर सख्ती के निर्देश दिए। आवास और शौचालय योजना पर उनका विशेष जोर रहा। उन्होंने गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज के डीएम को निर्देश दिए कि इन दोनों योजनाओं में किसी के द्वारा रिश्वत लेने की पुष्टि होते ही उसके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराकर उसे जेल भेजा जाए।
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उन्होंने चारों जिलों के डीएम को एक नंबर जारी कर उसका प्रचार-प्रसार कराने को कहा, ताकि लोग सीधे उन्हें शिकायत कर सकें। उन्होंने कहा कि आवास, शौचालय की रकम सीधे लाभार्थी के खाते में भेजी जाए। सीएम ने कहा कि खाद्यान्न चोरी के मामले में डीएम खुद दोषियों को रंगे हाथ पकड़ने का प्रयास करें और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं। ऐसे लोगों की सूचना ईडी को दें, उनकी संपत्ति जब्त कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि राशन वितरण की निगरानी की जाए। सुनिश्चित किया जाए कि किसी का राशन कार्ड कोई कोटेदार न रखने पाए।
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उन्होंने निर्देश दिए कि मुसहर जाति के सभी पात्र लोगों को आवास, शौचालय, राशन कार्ड, पेंशन उपलब्ध कराने के साथ ही इसका शत प्रतिशत सर्वे भी कराएं, ताकि कोई पात्र व्यक्ति न छूटे। इन गांवों में साफ-सफाई का विशेष प्रबंध करें। शुद्ध पेयजल की आपूर्ति कराएं। इन गांवों में जेई-एईएस का खतरा ज्यादा रहता है, लिहाजा उन्हें पूरी तरह से ओडीएफ किया जाए। उन्होंने कहा कि चकबंदी प्रक्रिया सरल करें। यह किसानों की सुविधा के लिए हो, न कि उत्पीड़न के लिए। एम्स, फर्टिलाइजर और फोरलेन सड़कों की समीक्षा करते हुए काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस दौरान कमिश्नर अनिल कुमार, सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह, सांसद कमलेश पासवान, सभी विधायक, डीएम के. विजयेंद्र पांडियन समेत चारों जिलों के डीएम-एसपी आदि मौजूद रहे।
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पेयजल योजना पर हुए खफा, एफआईआर कराने को कहा
मुख्यमंत्री ने पाइपलाइन पेयजल योजना की प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने सभी डीएम को टीम भेजकर सत्यापन कराने का निर्देश दिया है। डीएम ने बताया कि जांच में पता चला है कि प्राय: दो वर्ष में ही पानी की पाइपें फट जा रही हैं। इसपर मुख्यमंत्री ने निर्माण की खराब गुणवत्ता के लिए दोषी अफसरों, कार्यदायी संस्था पर एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया।

मंत्री के पहले अफसर करें कैंप
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ग्राम स्वराज अभियान के तहत चयनित सभी गांवों में पांच मई तक 16 योजनाओं के पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित कराया जाए। उन्हाेंने जिलेवार प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि जिन गांवों में मंत्री या जनप्रतिनिधि रात में कैंप लगाएं, उन गांवों में दिन में अधिकारी कैंप लगाकर वहां की समस्याएं सुनें और उनका निस्तारण कराएं। हर गांव और वार्ड के लिए एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए। समीक्षा में उन्होंने पाया कि गोरखपुर में 105 गांव, देवरिया में 25, कुशीनगर में 21 तथा महराजगंज में 21 गांव चयनित हैं। उन्होंने कहा कि इन गांवों में पात्र व्यक्तियों को राशन कार्ड, पेंशन योजना, विद्युत कनेक्शन, उद्योग के लिए ऋ ण आदि की व्यवस्था कराई जाए।

तीन दिन में जारी करें प्रमाण पत्र
मुख्यमंत्री ने तहसील समाधान व थाना दिवस को और प्रभावी बनाने का निर्देश दिया। कहा कि जाति, आवास समेत सभी प्रकार के प्रमाण पत्र तीन दिन में जारी कराए जाएं। उन्होंने कहा कि तहसील एवं थानों की कार्य संस्कृति बदली जाए। थानों पर संवेदनशील थानाध्यक्ष तैनात किए जाएं।

मेडिकल कॉलेज की आग पर भड़के सीएम
मेडिकल कॉलेज में बार-बार आग लगने की घटना पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए चेताया कि इसमें सुधार किया जाए, वर्ना संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इंसेफेलाइटिस से निपटने की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी डीएम को निर्देश दिया कि स्वच्छता अभियान गंभीरता से चलाया जाए। कुशीनगर जिला अस्पताल में उन्होंने गंदगी पर असंतोष व्यक्त किया। मेडिकल कॉलेज के अलावा उन्होंने जिला अस्पताल और सीएचसी-पीएचसी पर जेई-एईएस के उपचार की व्यवस्था करने का निर्देश दिया।


15 जून तक पूरा करें बाढ़ से बचाव के कार्य : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि पिछली बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त तटबंधों को 15 जून तक अवश्य पूरा करा लें। उन्होंने कहा कि गोरखपुर, बस्ती व देवीपाटन मंडल नेपाल की नदियों से प्रभावित होते हैं। सरयू नहर परियोजना को पूरा कराएं। इसके लिए धन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने गोरखपुर में मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता बाढ़ की तैनाती करने का निर्देश भी दिया।
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