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जिला अस्पताल की पुरानी इमारत धरोहरों में शामिल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Mon, 05 Mar 2018 07:08 PM IST
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जिला अस्पताल।
- फोटो : Amar Ujala
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जिला अस्पताल की पुरानी इमारत को धरोहरों की सूची में शामिल किया गया है। 112 साल पुरानी इस इमारत के पुरातात्विक महत्व के होने के कारण अब इसके ढांचे में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा।
पिछले दिनों यूपीएचएसएसपी (उत्तर प्रदेश हेल्थ सिस्टम स्ट्रेंथनिंग प्रोजेक्ट) की टीम सेवा सुधार के लिए अस्पताल का सर्वे करने आई थी। टीम ने पर्ची काउंटर से लेकर विभिन्न विभागों की ओपीडी और पैथोलॉजी का निरीक्षण करके प्रस्ताव तैयार किया। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव के लिए भी कई सुझाव थे। हालांकि टीम चाहकर भी पुरानी बिल्डिंग के इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव की पैरवी नहीं कर सकी। अस्पताल की मुख्य बिल्डिंग काफी पुरानी होने के चलते हुआ।
पुरातात्विक महत्व की हो चुकी इस बिल्डिंग के ढांचे से कोई छेड़छाड़ नहीं हो सकेगी। इसके साथ ही मंडल भर में स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न भवनों में जिला अस्पताल की पुरानी इमारत इकलौती ऐसी है, जो धरोहरों की सूची में शामिल है। हॉस्पिटल मैनेजर रीमा बराट ने कहा कि अस्पताल की पुरानी इमारत पुरातात्विक महत्व की होने के साथ उस दौर के भवन शिल्प का नमूना है। धरोहरों की सूची में इस बिल्ंिडग का शामिल होना हमारे लिए भी गौरव की बात है।
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1906 में शुरू हुआ था अस्पताल
1906 में बने इस अस्पताल को बाद में विस्तार मिला। पुरानी ओपीडी वाला हिस्सा यहां सबसे पुराना है। 305 बेड के इस अस्पताल का फैलाव सड़क के दोनों ओर है। पुरानी बिल्डिंग के दूसरी ओर सड़क पार करते ही न्यू ओपीडी भवन समेत इमरजेंसी आदि है। इसमें जल्द ही व्यापक स्तर पर बदलाव किया जाना है।
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पिछले दिनों यूपीएचएसएसपी (उत्तर प्रदेश हेल्थ सिस्टम स्ट्रेंथनिंग प्रोजेक्ट) की टीम सेवा सुधार के लिए अस्पताल का सर्वे करने आई थी। टीम ने पर्ची काउंटर से लेकर विभिन्न विभागों की ओपीडी और पैथोलॉजी का निरीक्षण करके प्रस्ताव तैयार किया। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव के लिए भी कई सुझाव थे। हालांकि टीम चाहकर भी पुरानी बिल्डिंग के इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव की पैरवी नहीं कर सकी। अस्पताल की मुख्य बिल्डिंग काफी पुरानी होने के चलते हुआ।
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पुरातात्विक महत्व की हो चुकी इस बिल्डिंग के ढांचे से कोई छेड़छाड़ नहीं हो सकेगी। इसके साथ ही मंडल भर में स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न भवनों में जिला अस्पताल की पुरानी इमारत इकलौती ऐसी है, जो धरोहरों की सूची में शामिल है। हॉस्पिटल मैनेजर रीमा बराट ने कहा कि अस्पताल की पुरानी इमारत पुरातात्विक महत्व की होने के साथ उस दौर के भवन शिल्प का नमूना है। धरोहरों की सूची में इस बिल्ंिडग का शामिल होना हमारे लिए भी गौरव की बात है।
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1906 में शुरू हुआ था अस्पताल
1906 में बने इस अस्पताल को बाद में विस्तार मिला। पुरानी ओपीडी वाला हिस्सा यहां सबसे पुराना है। 305 बेड के इस अस्पताल का फैलाव सड़क के दोनों ओर है। पुरानी बिल्डिंग के दूसरी ओर सड़क पार करते ही न्यू ओपीडी भवन समेत इमरजेंसी आदि है। इसमें जल्द ही व्यापक स्तर पर बदलाव किया जाना है।