{"_id":"5a6f532b4f1c1bb1208b61f1","slug":"151517245227-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विकास भवन की बिजली एक सप्ताह से गुल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विकास भवन की बिजली एक सप्ताह से गुल
siddharthnagar
Updated Mon, 29 Jan 2018 11:20 PM IST
विज्ञापन
समाज कल्याण विभाग में बिजली न होने के कारण बंद पड़े कंप्यूटर।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धार्थनगर। जिले के विकास का खाका खींचने वाले विकास भवन की बत्ती पिछले एक सप्ताह से गुल है। बिजली न होने से विभागों के काम ठप हैं। कर्मचारी ब्लॉक स्तरीय कार्यालयों में जाकर जरूरी काम निबटा रहे हैं। बत्ती गुल होने का कारण तकनीकी फाल्ट बताया जा रहा है, मगर आला अफसरों वाले विकास भवन की बिजली चालू कराने के प्रति कोई गंभीर नहीं दिख रहा।
विकास भवन में करीब डेढ़ दर्जन विभागों के कार्यालय हैं। इनमें विकास, बाल विकास, आरईडी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता, डूडा, पंचायती राज, युवा कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, विकलांग कल्याण आदि शामिल हैं। इन विभागों को आपूर्ति देने वाली लाइन में तकनीकी फाल्ट आने से पूरे भवन की बत्ती गुल हो गई है। कुछ दिन तो इन्वर्टर के सहारे काम चलता रहा पर अब इन्वर्टर भी जवाब दे गए और फाल्ट अब तक दूर नहीं किया जा सका। कुछ विभागों में तो जनरेटर के सहारे काम हो जा रहा है, मगर अधिकांश विभागों के पास इसकी व्यवस्था भी नहीं है। अफसर-कर्मचारी घरों पर काम निपटा रहे हैं या फिर मैनुअली काम हो रहा है।
सोमवार को पशुपालन विभाग के अफसर सदर ब्लॉक स्थित पशु चिकित्सालय में बैठकर काम-काज करते रहे। एक सप्ताह में आई दर्जनों चिट्ठियों का जवाब तैयार होता रहा। मत्स्य पालन विभाग में सन्नाटा छाया रहा। समाज कल्याण में सामूहिक विवाह योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया चल रही है। इसकी अंतिम तिथि 31 जनवरी है। ऐसे में बिजली गुल होने से काम बाधित है। कुछ अफसरों ने बताया कि नया उपकरण लगाने के लिए विभागों से चंदा मांगा जा रहा है। इसी कारण अब तक बिजली आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी है।
विज्ञापन
वहीं सीडीओ अनिल कुमार मिश्र ने बताया कि तकनीकी फाल्ट के कारण विकास भवन की बिजली बाधित हुई है। संबंधित विभाग को अवगत करा दिया गया है। जल्द ही इसे ठीक करा लिया जाएगा।उधर, अधीक्षण अभियंता एके श्रीवास्तव ने बताया कि विकास भवन में बिजली की गड़बड़ी संबंधी कोई जानकारी विभाग को नहीं दी गई है। अब पता चला है जांच कराकर सुधार करवाया जाएगा।
विज्ञापन
विकास भवन में करीब डेढ़ दर्जन विभागों के कार्यालय हैं। इनमें विकास, बाल विकास, आरईडी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता, डूडा, पंचायती राज, युवा कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, विकलांग कल्याण आदि शामिल हैं। इन विभागों को आपूर्ति देने वाली लाइन में तकनीकी फाल्ट आने से पूरे भवन की बत्ती गुल हो गई है। कुछ दिन तो इन्वर्टर के सहारे काम चलता रहा पर अब इन्वर्टर भी जवाब दे गए और फाल्ट अब तक दूर नहीं किया जा सका। कुछ विभागों में तो जनरेटर के सहारे काम हो जा रहा है, मगर अधिकांश विभागों के पास इसकी व्यवस्था भी नहीं है। अफसर-कर्मचारी घरों पर काम निपटा रहे हैं या फिर मैनुअली काम हो रहा है।
विज्ञापन
सोमवार को पशुपालन विभाग के अफसर सदर ब्लॉक स्थित पशु चिकित्सालय में बैठकर काम-काज करते रहे। एक सप्ताह में आई दर्जनों चिट्ठियों का जवाब तैयार होता रहा। मत्स्य पालन विभाग में सन्नाटा छाया रहा। समाज कल्याण में सामूहिक विवाह योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया चल रही है। इसकी अंतिम तिथि 31 जनवरी है। ऐसे में बिजली गुल होने से काम बाधित है। कुछ अफसरों ने बताया कि नया उपकरण लगाने के लिए विभागों से चंदा मांगा जा रहा है। इसी कारण अब तक बिजली आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी है।
विज्ञापन
वहीं सीडीओ अनिल कुमार मिश्र ने बताया कि तकनीकी फाल्ट के कारण विकास भवन की बिजली बाधित हुई है। संबंधित विभाग को अवगत करा दिया गया है। जल्द ही इसे ठीक करा लिया जाएगा।उधर, अधीक्षण अभियंता एके श्रीवास्तव ने बताया कि विकास भवन में बिजली की गड़बड़ी संबंधी कोई जानकारी विभाग को नहीं दी गई है। अब पता चला है जांच कराकर सुधार करवाया जाएगा।