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बाढ़ राहत कार्य में तेजी लाएं : कमिश्नर
Updated Sat, 26 Aug 2017 12:05 AM IST
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सिद्धार्थनगर। बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरण तेजी लाए जाने के लिए बस्ती मंडल के कमिश्नर दिनेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में अधिकारियों की बैठक शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई।
इसमें कमिश्नर ने बाढ़ की स्थिति और नदी के जलस्तर की जानकारी अधिशाषी अभियंता ड्रेनेज खंड व सिंचाई निर्माण खंड से ली। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि नदियों का जलस्तर घटने के साथ बांध क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जगह-जगह कट बन गए हैं। ऐसे में बांधों की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया जाए। राहत सामग्री को लेकर डीएम को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि राहत वितरण कार्य के पैकेटिंग के लिए और वेंडरों को बढ़ा दिया जाए। जिससे बाढ़ प्रभावित गांवों में एक सप्ताह के अंदर सभी बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध हो सके।
डीएम कुणाल सिल्कू ने बताया कि जिले में राहत सामग्री की आपूर्ति के लिए दो वेंडरों को बढ़ा दिया गया है। इस समय जनपद में कुल आठ वेंडरो को सामग्री आपूर्ति की जिम्मेदारी दी गई है। जिसमें प्रत्येक वेंडर प्रत्येक दिन एक हजार बोरों का पैकेट तैयार कर कर रहा है जिसकी आपूर्ति की जा रही है। मंडलायुक्त ने सीएमओ डॉ. रतन कुमार सिंह को दवाओं की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बाढ़ के बाद संक्रामक बीमारियों से निपटने के लिए प्रभावित इलाकों में युद्ध स्तर पर कार्य करने का निर्देश दिया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. फणीश सिंह को पशुओं के टीकाकरण के साथ पशुपालकों को भूसा वितरण का भी निर्देश दिया। इस दौरान डीआईजी आरसी साहू, एसपी सतेंद्र कुमार, एडीएम प्रमोद शंकर शुक्ला, एएसपी अरविंद मिश्र, डीएसओ नरेंद्र तिवारी, प्रभारी जिला सूचना अधिकारी आशुतोष पांडेय आदि मौजूद रहे।
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चार नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर
सिद्धार्थनगर। कमिश्नर ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता के दौरान बाढ़ राहत व बचाव कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले की चार नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर हैं लेकिन पानी घट रहा है। वर्तमान में 597 गांव बाढ़ प्रभावित हैं। इसमें से 373 जलमग्न हैं। बाढ़ से अब तक 11 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से दो को अनुग्रह राशि दी जा चुकी है। प्रभावित इलाकों में अब तक 159 गांवों के 31871 पीड़ितों को राहत सामग्री का वितरण किया जा चुका है। इसके अलावा दवाओं का पैकेट व क्लोरीन की गोलियों का वितरण भी किया गया है।
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इसमें कमिश्नर ने बाढ़ की स्थिति और नदी के जलस्तर की जानकारी अधिशाषी अभियंता ड्रेनेज खंड व सिंचाई निर्माण खंड से ली। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि नदियों का जलस्तर घटने के साथ बांध क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जगह-जगह कट बन गए हैं। ऐसे में बांधों की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया जाए। राहत सामग्री को लेकर डीएम को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि राहत वितरण कार्य के पैकेटिंग के लिए और वेंडरों को बढ़ा दिया जाए। जिससे बाढ़ प्रभावित गांवों में एक सप्ताह के अंदर सभी बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध हो सके।
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डीएम कुणाल सिल्कू ने बताया कि जिले में राहत सामग्री की आपूर्ति के लिए दो वेंडरों को बढ़ा दिया गया है। इस समय जनपद में कुल आठ वेंडरो को सामग्री आपूर्ति की जिम्मेदारी दी गई है। जिसमें प्रत्येक वेंडर प्रत्येक दिन एक हजार बोरों का पैकेट तैयार कर कर रहा है जिसकी आपूर्ति की जा रही है। मंडलायुक्त ने सीएमओ डॉ. रतन कुमार सिंह को दवाओं की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बाढ़ के बाद संक्रामक बीमारियों से निपटने के लिए प्रभावित इलाकों में युद्ध स्तर पर कार्य करने का निर्देश दिया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. फणीश सिंह को पशुओं के टीकाकरण के साथ पशुपालकों को भूसा वितरण का भी निर्देश दिया। इस दौरान डीआईजी आरसी साहू, एसपी सतेंद्र कुमार, एडीएम प्रमोद शंकर शुक्ला, एएसपी अरविंद मिश्र, डीएसओ नरेंद्र तिवारी, प्रभारी जिला सूचना अधिकारी आशुतोष पांडेय आदि मौजूद रहे।
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चार नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर
सिद्धार्थनगर। कमिश्नर ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता के दौरान बाढ़ राहत व बचाव कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले की चार नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर हैं लेकिन पानी घट रहा है। वर्तमान में 597 गांव बाढ़ प्रभावित हैं। इसमें से 373 जलमग्न हैं। बाढ़ से अब तक 11 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से दो को अनुग्रह राशि दी जा चुकी है। प्रभावित इलाकों में अब तक 159 गांवों के 31871 पीड़ितों को राहत सामग्री का वितरण किया जा चुका है। इसके अलावा दवाओं का पैकेट व क्लोरीन की गोलियों का वितरण भी किया गया है।