{"_id":"597110a34f1c1b83578b45a3","slug":"151500582051-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीआरपी थाने पर मिलेगी दवाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीआरपी थाने पर मिलेगी दवाएं
Updated Fri, 21 Jul 2017 01:50 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
गोरखपुर।
रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की तबियत खराब होती है तो उनका प्राथमिक उपचार जीआरपी थाने पर हो जाएगा। इसके साथ ही थाने पर मरहम पट्टी के साथ ही दवाएं भी मिलेंगी। जीआरपी इंस्पेक्टर ने यात्रियों की सुविधा के लिए यह व्यवस्था शुरू की है।
रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म दो पर मेडिकल स्टोर पहले था। अगर किसी यात्री की तबियत बिगड़ती थी तो उसे दवाएं मिल जाती थीं। तीन सालों से लाइसेंस रिनुअल न होने से मेडिकल स्टोर बंद पड़ा है। इसके चलते अब सर्दी, जुकाम, सिरदर्द, बुखार, पेट दर्द जैसे मामूली बीमारी की दवाएं भी यात्रियों को नहीं मिल पाती हैं। जीआरपी इंस्पेक्टर आनंद सिंह ने बताया कि आए दिन यात्री दवाएं खोजते मिल जाते हैं। सप्ताह भर पहले वैशाली एक्सप्रेस से सफर कर रहे एक यात्री के पेट में दर्द हो रहा था। वह काफी परेशान था, ट्रेन चलने का संकेत होते ही वह कराहते चला गया। इसके बाद थाने में दवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था शुरू कराई गई है।
रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की तबियत खराब होती है तो उनका प्राथमिक उपचार जीआरपी थाने पर हो जाएगा। इसके साथ ही थाने पर मरहम पट्टी के साथ ही दवाएं भी मिलेंगी। जीआरपी इंस्पेक्टर ने यात्रियों की सुविधा के लिए यह व्यवस्था शुरू की है।
रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म दो पर मेडिकल स्टोर पहले था। अगर किसी यात्री की तबियत बिगड़ती थी तो उसे दवाएं मिल जाती थीं। तीन सालों से लाइसेंस रिनुअल न होने से मेडिकल स्टोर बंद पड़ा है। इसके चलते अब सर्दी, जुकाम, सिरदर्द, बुखार, पेट दर्द जैसे मामूली बीमारी की दवाएं भी यात्रियों को नहीं मिल पाती हैं। जीआरपी इंस्पेक्टर आनंद सिंह ने बताया कि आए दिन यात्री दवाएं खोजते मिल जाते हैं। सप्ताह भर पहले वैशाली एक्सप्रेस से सफर कर रहे एक यात्री के पेट में दर्द हो रहा था। वह काफी परेशान था, ट्रेन चलने का संकेत होते ही वह कराहते चला गया। इसके बाद थाने में दवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था शुरू कराई गई है।
विज्ञापन