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पेपरलेस ट्रांजिक्शन पर कैसे देंगे सवाल-जवाब
Updated Sun, 25 Jun 2017 01:49 AM IST
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जीएसटी की जानकारी देने के लिए आयोजित कार्यशाला में मौजूद लोग।
- फोटो : Amar Ujala
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गोरखपुर।
चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज की ओर से जीएसटी संबंधी कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें नई दिल्ली से लक्ष्मीकुमारन एंड श्रीधरन कंपनी के विशेषज्ञों के अलावा वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों ने जीएसटी संबंधी जानकारी दी।
जीएसटी लागू होने में अब मात्र एक सप्ताह का समय रह गया है, इसके बावजूद व्यापारियों ही नहीं उद्योगपतियों में भी काफी शंकाएं बनी हुई हैं। किसी को आईटीएस (इनपुट टैक्स क्रेडिट) को लेकर संशय है, किसी को इनवायस को लेकर तो किसी को अन्य राज्यों में कारोबार पर टैक्स को लेकर अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं है। शनिवार को चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज की ओर से आयोजित कार्यशाला में वाणिज्य कर विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर संगम लाल, सहायक कमिश्नर विनय गुप्ता, लक्ष्मीकुमारन एंड श्रीधरन कंपनी के चार्टर्ड अकाउंटेंट शिवम मेहता और राघव ने उद्योगपतियों की शंकाओं का समाधान किया। कार्यशाला के दौरान चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष प्रमोद मसकरा ने पूछा कि कहा जा रहा है कि जीएसटी लागू हो जाने के बाद व्यवसाय पूरी तरह से पेपरलेस हो जाएगा। ऐसे में अगर टैक्स को लेकर किसी तरह का विवाद होता है तो इसका कैसे हल निकाला जाएगा और अगर मैं समय पर इसका जवाब नहीं दे पाता हूं तो जीएसटी के नए प्रावधान के तहत क्या कार्रवाई होगी। वाणिज्य कर विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर संगम लाल ने इस शंका का समाधान करते हुए बताया कि किसी भी कार्रवाई संबंधी सवाल जवाब ईमेल के जरिए ही भेजे जाएंगे। अगर कोई जवाब देने में देरी के संबंध में तर्कसंगत बात कहता है तो उसे समय दिया जाएगा। चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के उपाध्यक्ष आरएन सिंह के जीएसटी डाटा माइग्रेशन में दिक्कत संबंधी सवाल पर ज्वाइंट कमिश्नर संगम लाल ने बताया कि अब इसके लिए लखनऊ जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जिला स्तर पर ही इसका निस्तारण हो सकेगा। 27 जून को जिला स्तर पर इसका निस्तारण शुरू हो जाएगा। सेमिनार में गौरव अग्रवाल, एसएस पांडेय, अमर तुलस्यान आदि ने अधिकतम मूल्य पर छूट संबंधी जानकारी मांगी। सुधीर वर्मा एमआरपी पर डिस्काउंट संबंधी प्रावधान की जानकारी मांगी। इस दौरान चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के महासचिव प्रवीण मोदी, हरिहर सिंह, आकाश जालान, नवीन अग्रवाल, ओमबाबू अग्रहरी, संत लाल, भीम सर्राफ, अरुण खट्टर, राजकुमार बरनवाल, जमालुद्दीन, रमेश सिंह, राजकुमार, अजय सिंह, आशीष खेतान, अशोक शाह, रमेश चंद्र, संतोष पारिख, विकास अग्रहरी, प्रमोद खेतान समेत 100 से ज्यादा उद्योगपति मौजूद थे।
चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज की ओर से जीएसटी संबंधी कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें नई दिल्ली से लक्ष्मीकुमारन एंड श्रीधरन कंपनी के विशेषज्ञों के अलावा वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों ने जीएसटी संबंधी जानकारी दी।
जीएसटी लागू होने में अब मात्र एक सप्ताह का समय रह गया है, इसके बावजूद व्यापारियों ही नहीं उद्योगपतियों में भी काफी शंकाएं बनी हुई हैं। किसी को आईटीएस (इनपुट टैक्स क्रेडिट) को लेकर संशय है, किसी को इनवायस को लेकर तो किसी को अन्य राज्यों में कारोबार पर टैक्स को लेकर अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं है। शनिवार को चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज की ओर से आयोजित कार्यशाला में वाणिज्य कर विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर संगम लाल, सहायक कमिश्नर विनय गुप्ता, लक्ष्मीकुमारन एंड श्रीधरन कंपनी के चार्टर्ड अकाउंटेंट शिवम मेहता और राघव ने उद्योगपतियों की शंकाओं का समाधान किया। कार्यशाला के दौरान चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष प्रमोद मसकरा ने पूछा कि कहा जा रहा है कि जीएसटी लागू हो जाने के बाद व्यवसाय पूरी तरह से पेपरलेस हो जाएगा। ऐसे में अगर टैक्स को लेकर किसी तरह का विवाद होता है तो इसका कैसे हल निकाला जाएगा और अगर मैं समय पर इसका जवाब नहीं दे पाता हूं तो जीएसटी के नए प्रावधान के तहत क्या कार्रवाई होगी। वाणिज्य कर विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर संगम लाल ने इस शंका का समाधान करते हुए बताया कि किसी भी कार्रवाई संबंधी सवाल जवाब ईमेल के जरिए ही भेजे जाएंगे। अगर कोई जवाब देने में देरी के संबंध में तर्कसंगत बात कहता है तो उसे समय दिया जाएगा। चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के उपाध्यक्ष आरएन सिंह के जीएसटी डाटा माइग्रेशन में दिक्कत संबंधी सवाल पर ज्वाइंट कमिश्नर संगम लाल ने बताया कि अब इसके लिए लखनऊ जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जिला स्तर पर ही इसका निस्तारण हो सकेगा। 27 जून को जिला स्तर पर इसका निस्तारण शुरू हो जाएगा। सेमिनार में गौरव अग्रवाल, एसएस पांडेय, अमर तुलस्यान आदि ने अधिकतम मूल्य पर छूट संबंधी जानकारी मांगी। सुधीर वर्मा एमआरपी पर डिस्काउंट संबंधी प्रावधान की जानकारी मांगी। इस दौरान चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के महासचिव प्रवीण मोदी, हरिहर सिंह, आकाश जालान, नवीन अग्रवाल, ओमबाबू अग्रहरी, संत लाल, भीम सर्राफ, अरुण खट्टर, राजकुमार बरनवाल, जमालुद्दीन, रमेश सिंह, राजकुमार, अजय सिंह, आशीष खेतान, अशोक शाह, रमेश चंद्र, संतोष पारिख, विकास अग्रहरी, प्रमोद खेतान समेत 100 से ज्यादा उद्योगपति मौजूद थे।
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