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काली पट्टी बांधकर किया काम
Updated Tue, 06 Jun 2017 08:39 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर।
मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को एनएचएम कर्मचारियों ने मांगें पूरी न होने के विरोध में काली पट्टी बांधकर काम किया। 12 सूत्री मांगों को लेकर कर्मचारियों ने नोडल अधिकारी डॉ. कफील खान का घेराव भी किया।
नोडल अधिकारी डॉ. कफील खान ने एनएचएम कर्मचारियों से कहा कि उनकी मांगों से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही सकारात्मक कार्रवाई होगी। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी तब तक वे काली पट्टी बांधकर काम करते रहेंगे। कर्मचारियों ने एक अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017 तक पांच फीसदी वेतन वृद्धि का भुगतान अविलंब करने, मार्च से बकाया वेतन जारी करने की मांग की है। साथ ही वेतन वृद्धि 2017-18 के लिए सातवें वेतनमान के तहत भेजे गए प्रस्ताव को स्वीकृत करने और समान कार्य के लिए समान वेतन निर्धारण की आवाज भी बुलंद की। संविदा कर्मचारियों के समायोजन के साथ ईपीएफ श्रेणी में आए कर्मचारियों का ईपीएफ कटना सुनिश्चित करने और आकस्मिक मृत्यु पर आश्रितों को 10 लाख की आर्थिक सहायता राशि और नौकरी देने की मांग भी कर्मचारियों ने की। इसके अलावा एनएचएम कर्मचारी अपने परिवार के लिए निशुल्क चिकित्सा सुविधा की भी मांग कर रहे हैं। उनकी लंबित मांगों में राज्य सरकार के संविदा कर्मचारियों की तरह छुट्टी की सुविधा भी शामिल है।
- मांगाें को लेकर मेडिकल कॉलेज में लामबंद हुए स्वास्थ्य कर्मचारी
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गोरखपुर।
मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को एनएचएम कर्मचारियों ने मांगें पूरी न होने के विरोध में काली पट्टी बांधकर काम किया। 12 सूत्री मांगों को लेकर कर्मचारियों ने नोडल अधिकारी डॉ. कफील खान का घेराव भी किया।
नोडल अधिकारी डॉ. कफील खान ने एनएचएम कर्मचारियों से कहा कि उनकी मांगों से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही सकारात्मक कार्रवाई होगी। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी तब तक वे काली पट्टी बांधकर काम करते रहेंगे। कर्मचारियों ने एक अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017 तक पांच फीसदी वेतन वृद्धि का भुगतान अविलंब करने, मार्च से बकाया वेतन जारी करने की मांग की है। साथ ही वेतन वृद्धि 2017-18 के लिए सातवें वेतनमान के तहत भेजे गए प्रस्ताव को स्वीकृत करने और समान कार्य के लिए समान वेतन निर्धारण की आवाज भी बुलंद की। संविदा कर्मचारियों के समायोजन के साथ ईपीएफ श्रेणी में आए कर्मचारियों का ईपीएफ कटना सुनिश्चित करने और आकस्मिक मृत्यु पर आश्रितों को 10 लाख की आर्थिक सहायता राशि और नौकरी देने की मांग भी कर्मचारियों ने की। इसके अलावा एनएचएम कर्मचारी अपने परिवार के लिए निशुल्क चिकित्सा सुविधा की भी मांग कर रहे हैं। उनकी लंबित मांगों में राज्य सरकार के संविदा कर्मचारियों की तरह छुट्टी की सुविधा भी शामिल है।
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- मांगाें को लेकर मेडिकल कॉलेज में लामबंद हुए स्वास्थ्य कर्मचारी