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गोला महिला की मौत
Updated Tue, 06 Jun 2017 02:23 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) पर इलाज में हुई लापरवाही से एक महिला की मौत हो गई। महिला को सांस लेने में तकलीफ थी और करीब घंटे तक वह तड़पती रही, डॉक्टर अस्पताल से नदारद थे। महिला के घरवालों की शिकायत पर सीएमओ डॉ रविंद्र कुमार ने प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ एमके सिंह को हटा दिया है और एडिशनल सीएमओ की निगरानी में जांच कमेटी गठित की है।
गोला प्रतिनिधि के मुताबिक दमा की मरीज बाड़ीतरया गांव की चंपा देवी (55) की हालत सोमवार को बिगड़ने लगी। घरवालों ने पहले मदरिया चौराहे के पास एक निजी अस्पताल में इलाज कराया लेकिन सांस फूलना बंद नहीं हुआ तो बहू ने एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गोला में भर्ती कराया। अस्पताल में डॉक्टर मौजूद नहंी थे, करीब एक घंटे घरवाले डॉक्टर के आने का इंतजार करते रहे। आरोप है कि डॉक्टर की जगह चीफ फर्मासिस्ट ने चंपा देवी को अटेंड किया। इस बीच उनकी हालत बिगड़ती गई और उन्होंने दम तोड़ दिया। अस्पताल गेट पर शव को रखकर घरवाले रोते बिलखते रहे। मृतक की बहू ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाकर सीएमओ से शिकायत की। अस्पताल अधीक्षक डॉ बीके राय का कहना है कि डॉक्टर एमके सिंह की ड्यूटी थी और वे अस्पताल में मौजूद थे। अस्पताल में भर्ती होते ही महिला की मौत हो गई।
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कोट
डॉक्टर के मौजूद न होने का मामला गंभीर है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ एके सिंह को हटा दिया गया है। केंद्र प्रभारी बीके राय के खिलाफ कार्रवाई होगी। मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी है। जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी।
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डॉरू रविन्द्र कुमार सीएमओ
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गोरखपुर। सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) पर इलाज में हुई लापरवाही से एक महिला की मौत हो गई। महिला को सांस लेने में तकलीफ थी और करीब घंटे तक वह तड़पती रही, डॉक्टर अस्पताल से नदारद थे। महिला के घरवालों की शिकायत पर सीएमओ डॉ रविंद्र कुमार ने प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ एमके सिंह को हटा दिया है और एडिशनल सीएमओ की निगरानी में जांच कमेटी गठित की है।
गोला प्रतिनिधि के मुताबिक दमा की मरीज बाड़ीतरया गांव की चंपा देवी (55) की हालत सोमवार को बिगड़ने लगी। घरवालों ने पहले मदरिया चौराहे के पास एक निजी अस्पताल में इलाज कराया लेकिन सांस फूलना बंद नहीं हुआ तो बहू ने एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गोला में भर्ती कराया। अस्पताल में डॉक्टर मौजूद नहंी थे, करीब एक घंटे घरवाले डॉक्टर के आने का इंतजार करते रहे। आरोप है कि डॉक्टर की जगह चीफ फर्मासिस्ट ने चंपा देवी को अटेंड किया। इस बीच उनकी हालत बिगड़ती गई और उन्होंने दम तोड़ दिया। अस्पताल गेट पर शव को रखकर घरवाले रोते बिलखते रहे। मृतक की बहू ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाकर सीएमओ से शिकायत की। अस्पताल अधीक्षक डॉ बीके राय का कहना है कि डॉक्टर एमके सिंह की ड्यूटी थी और वे अस्पताल में मौजूद थे। अस्पताल में भर्ती होते ही महिला की मौत हो गई।
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डॉक्टर के मौजूद न होने का मामला गंभीर है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ एके सिंह को हटा दिया गया है। केंद्र प्रभारी बीके राय के खिलाफ कार्रवाई होगी। मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी है। जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी।
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डॉरू रविन्द्र कुमार सीएमओ