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बालू खनन का मामला

Sat, 03 Jun 2017 11:43 PM IST
Updated Sat, 03 Jun 2017 11:43 PM IST
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बालू खनन का मामला
शुक्रवार रात का पुलिसिया तांडव की घटना बयां कर रो पड़े वृद्ध
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अमर उजाला ब्यूरो
हैंसर।
क्षेत्र के छपरा मगर्वी गांव में शनिवार को पुलिस के खौफ का असर साफ झलका। गांव में हर तरफ सन्नाटा था और अधिकांश घरों में ताले लटक थे। गांव के युवा और महिलाएं तक घर छोड़ कर भाग गए है। पुलिस का भय लोगों में इस कदर समा गया है कि घर मौजूद वृद्ध, किशोर तक अपनी जुबान खोलने से कतराते दिखे।
शुक्रवार को जिस जगह घटना हुई थी, उसी घर पर दो वृद्ध महिलाएं बैठीं मिलीं। जब कोई उनकी घर की तरफ बढ़ता था तो घर के अंदर जाने लगती थी। पूछने पर महिलाएं रोने लगी और काफी कुरेदने पर 72 वर्षीय खरपाती देवी ने बताया कि जिस समय घटना हुई, उस समय उनके घर का कोई पुरुष मौजूद नहीं था, लेकिन रात में दो बार पुलिस आई और घर के अंदर घुसकर तलाशी लेने के बाद छत पर पहुंच गई। जब वहां कोई नही मिला तो उसे अपशब्दों से नवाजा गया, इतना कहते कहते खरपाती रो पड़ी। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के दौर में पुलिस का तांडव सुना था, लेकिन इस तरह का पुलिसिया तांडव देखकर अंग्रेेजों का दौर याद आ गया। बंधे पर मगरु बैठे मिले और पूछने पर वह पूरी रात पुलिस द्वारा दी गई दबिश बयां करते हुए बताए कि रात में पुलिस इस कदर लोगों को घरों पर धावा बोली जैसे किसी डाकू को पकड़ना है। सोई हुई बहू, बेटियां भी पुलिस के कोप का शिकार हुई। शनिवार को सुबह होते-होते पूरी दलित बस्ती खाली हो गई। लोग अपने-अपने घरों में ताला लगाकर पुलिस से बचने के लिए रिश्तेदारों के वहां चले गए। राम समूझ ने बताया कि जो लोग गलती किए हैं, सजा उन्हीं को ही मिलनी चाहिए, लेकिन पुलिस के लोग राहगीरों तक को नहीं बख्श रहे हैं। चकिया गांव के एक राहगीर को पुलिस सुबह होते ही पकड़ कर थाने लेकर चली गई। इतना ही नही लोगों के घरों पर बांधे गए मवेशी को भी पुलिस वालों ने छोड़ कर भगा दिया। पुलिसिया खौफ का असर इस कदर है कि गांव में चारो तरफ सन्नाटा पसरा हुआ है, जो लोग अपने घर पर है भी वह खौफजदा है।प्रभारी एसपी अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि जो आरोपी है, पुलिस उन्हीं को गिरफ्तार करेगी। किसी निर्दोष को पुलिस परेशान नहीं करेंगी। पुलिस ने सिर्फ आरोपियों की धरपकड़ की है,किसी निर्दोष के साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं की है।
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मामले की कराएंगे उच्चस्तरीय जांच: सांसद
सांसद शरद त्रिपाठी ने कहा कि जो घटना हुई है, वह निंदनीय है। किसी के साथ ज्यादती नहीं होने पाएगी। वह पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराएंगे। इस मामले में वह कमिश्नर,डीआईजी और आईजी के भी संज्ञान में लाएंगे। मामले में पुलिस किसी निर्दोष के साथ अन्याय नहीं करने पाएगी।
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