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बेटी के हत्यारे बाप को उम्रकैद
Updated Sat, 22 Jul 2017 12:03 AM IST
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संतकबीरनगर।पांच साल पूर्व दुधारा क्षेत्र के खटियावा गांव में मासूम बेटी की हत्या करने के आरोपी बाप को जिला एवं सत्र न्यायाधीश उमेश चंद्र शर्मा ने उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 25,000 रुपये के अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न अदा करने पर दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
खटियावां गांव निवासी नूरजहां ने तीन दिसंबर 2011 को अपनी आठ वर्षीय बेटी मुस्कान उर्फ भंवरी की हत्या करने का आरोप लगाते हुए पति मुरसली के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। आरोप था कि घटना के दिन वह सुबह मजदूरी करने चली गई थी। घर पर उसकी आठ वर्षीय बेटी मुस्कान व उसके पति मुरसली मौजूद थे। दोपहर को मजदूरी करके वापस घर लौटी तो देखी कि पति उसकी बेटी को हसिया व फावड़े से काट कर बोरे में भर रहे थे। शोर मचाते हुए बाहर निकली तो लोग जुट गए। जिला एवं सत्र न्यायालय में विचारण के बाद आरोपी पिता को दोषी पाया गया।अभियोजन की तरफ जिला शासकीय अधिवक्ता सुभद्रनाथ ने पैरवी की। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि आरोपी बाप को पत्नी पर शक था कि उसका संबंध दूसरे से है और बेटी उससे पैदा नहीं हुई है। पूर्व में आरोपी ने एक कुत्ते को भी काट डाला था। कोर्ट ने बेटी के हत्यारे बाप को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
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खटियावां गांव निवासी नूरजहां ने तीन दिसंबर 2011 को अपनी आठ वर्षीय बेटी मुस्कान उर्फ भंवरी की हत्या करने का आरोप लगाते हुए पति मुरसली के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। आरोप था कि घटना के दिन वह सुबह मजदूरी करने चली गई थी। घर पर उसकी आठ वर्षीय बेटी मुस्कान व उसके पति मुरसली मौजूद थे। दोपहर को मजदूरी करके वापस घर लौटी तो देखी कि पति उसकी बेटी को हसिया व फावड़े से काट कर बोरे में भर रहे थे। शोर मचाते हुए बाहर निकली तो लोग जुट गए। जिला एवं सत्र न्यायालय में विचारण के बाद आरोपी पिता को दोषी पाया गया।अभियोजन की तरफ जिला शासकीय अधिवक्ता सुभद्रनाथ ने पैरवी की। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि आरोपी बाप को पत्नी पर शक था कि उसका संबंध दूसरे से है और बेटी उससे पैदा नहीं हुई है। पूर्व में आरोपी ने एक कुत्ते को भी काट डाला था। कोर्ट ने बेटी के हत्यारे बाप को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
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