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कुरीतियों से मुक्ति पाकर भारत को बनाएं महाशक्ति: योगी
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
Updated Sun, 30 Sep 2018 12:48 AM IST
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ब्रह्मलीन गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ की पुण्य तिथि पर बोले मुख्यमंत्री।
- फोटो : amar ujala
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गोरखपुर। ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ के साप्ताहिक श्रद्धांजलि समारोह के समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत को महाशक्ति बनाने के लिए कुरीतियों से मुक्ति पाना होगा। महंत अवेद्यनाथ जीवन के अंतिम क्षण तक राष्ट्रीय, सामाजिक एवं सांस्कृतिक आंदोलन से जुड़े थे। वह कहते थे कि छुआछूत का भाव गलत है। इसका जिक्र हिंदू संस्कृति में नहीं है। सही मायने में वह सामाजिक समरसता के अग्रदूत थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सांस्कृतिक भारत के पुर्नप्रतिष्ठा का युग प्रारंभ हो गया। इसका आभास देश की जनता को है। नए युग के भारत की आहट सबको सुनाई दे रही है। अब देश की जनता को सरकार के प्रयत्नाें के साथ खड़ा होना होगा। हम एक साथ मिलकर भारत को परम वैभव का प्रतिष्ठित स्थान दिलाएंगे। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सांस्कृतिक राष्ट्रीयता अपना आकार ले रही है। योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल चुकी है।
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जगद्गुरु वासुदेवानंद महराज ने कहा कि उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री एक युवा सन्यासी है। इस पर भारत के संत समाज को गर्व है। यह सन्यासी बिना किसी भेदभाव के लोक कल्याण के भगीरथ पथ पर चल पड़ा है। यूपी में परिवर्तन की जो आध्यात्मिक लहर प्रारंभ हुई है, वह निश्चित ही लोक कल्याण एवं लोक मंगल सिद्ध होगी।
मणिराम छावनी के महंत नृत्य गोपालदास ने कहा कि महंत अवेद्यनाथ का सामाजिक समरसता स्थापित करने, रामजन्म भूमि का मामला आगे बढ़ाने और पूर्वांचल के शैक्षिक प्रगति में विशेष योगदान है। गोरक्ष पीठ ने भारत की सामाजिक विरासत को संजोकर रखने, देश को धार्मिक, सामाजिक एवं राजनीतिक नेतृत्व देने का कार्य किया है। स्वामी चिन्मयानंद महराज ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी को सर्वोत्तम प्रदेश बनाने का अभियान छेड़ा है, जो समाज के प्रति संकल्पित धारणा का ही प्रतिफल है।
सुरेश दास ने कहा कि अवेद्यनाथ कुशल राजनीतिक , सामाजिक समरसता के ध्वजवाहक और रूढ़िवादिता के विरुद्ध संघर्ष करने वाले संत थे। वे सनातन हिंदू धर्म के पथप्रदर्शक थे। इससे पहले महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ के चित्र पर पुष्प अर्पित किए गए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. भगवान सिंह ने किया।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि सांस्कृतिक भारत के पुर्नप्रतिष्ठा का युग प्रारंभ हो गया। इसका आभास देश की जनता को है। नए युग के भारत की आहट सबको सुनाई दे रही है। अब देश की जनता को सरकार के प्रयत्नाें के साथ खड़ा होना होगा। हम एक साथ मिलकर भारत को परम वैभव का प्रतिष्ठित स्थान दिलाएंगे। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सांस्कृतिक राष्ट्रीयता अपना आकार ले रही है। योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल चुकी है।
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नजर आ रही बदलते भारत की नई तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के 50 करोड़ गरीब परिवारों को हर साल पांच लाख रुपये निशुल्क चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा। आयुष्मान एतिहासिक और दुनिया की सबसे बड़ी योजना है। यूपी के करीब चार करोड़ परिवारों को निशुल्क विद्युत कनेक्शन दिए गए। करोड़ाें परिवारों को आवास दिया गया। आठ करोड़ से अधिक घरों में शौचालय बनवाए गए। यह बदलते भारत की नई तस्वीर है।
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निशुल्क नेत्र शिविर का उद्घाटन किया
मुख्यमंत्री ने गोरक्षनाथ चिकित्सालय में निशुल्क नेत्र परीक्षण और मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर का उद्घाटन किया। कहा कि गोरक्षनाथ चिकित्सालय में सस्ता और गुणवत्तापरक इलाज होता है। जितने मरीजों का नेत्र परीक्षण होगा, उन सभी का ऑपरेशन निशुल्क किया जाएगा। लेंस प्रत्यारोपण और अस्पताल में रहने की व्यवस्था होगी।मोबाइल एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाई
टाटा ट्रस्ट के सहयोग से मोबाइल एंबुलेंस सेवा शनिवार से शुरू की गई। इसे मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कहा कि अब इंसेफेलाइटिस रोगियों का गांव में ही प्राथमिक उपचार संभव होगा, फिर एंबुलेंस की मदद से रोगियों को मेडिकल कॉलेज या अन्य सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया जाएगा। एक एंबुलेंस गोरखपुर के पिपराइच क्षेत्र में रहेगी। दूसरी सिद्धार्थनगर को दी गई है।गोरखनाथ संस्कारों का मंदिर : वासुदेवाचार्य
गोरखपुर। महंत अवेद्यनाथ के श्रद्धांजलि सप्ताह के समापन समारोह में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद महराज ने कहा कि गोरखनाथ भारत की सांस्कृतिक सरोकारों और परंपराओं का मंदिर है। इस पीठ के संतों ने विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई। महंत अवेद्यनाथ ने ऐसे भारत का सपना देखा था, जहां राष्ट्रवाद, सामाजिक समरसता, हिंदुत्व और विकास दिखाई दे। यह सपना अब साकार होता दिख रहा है।जगद्गुरु वासुदेवानंद महराज ने कहा कि उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री एक युवा सन्यासी है। इस पर भारत के संत समाज को गर्व है। यह सन्यासी बिना किसी भेदभाव के लोक कल्याण के भगीरथ पथ पर चल पड़ा है। यूपी में परिवर्तन की जो आध्यात्मिक लहर प्रारंभ हुई है, वह निश्चित ही लोक कल्याण एवं लोक मंगल सिद्ध होगी।
मणिराम छावनी के महंत नृत्य गोपालदास ने कहा कि महंत अवेद्यनाथ का सामाजिक समरसता स्थापित करने, रामजन्म भूमि का मामला आगे बढ़ाने और पूर्वांचल के शैक्षिक प्रगति में विशेष योगदान है। गोरक्ष पीठ ने भारत की सामाजिक विरासत को संजोकर रखने, देश को धार्मिक, सामाजिक एवं राजनीतिक नेतृत्व देने का कार्य किया है। स्वामी चिन्मयानंद महराज ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी को सर्वोत्तम प्रदेश बनाने का अभियान छेड़ा है, जो समाज के प्रति संकल्पित धारणा का ही प्रतिफल है।
सुरेश दास ने कहा कि अवेद्यनाथ कुशल राजनीतिक , सामाजिक समरसता के ध्वजवाहक और रूढ़िवादिता के विरुद्ध संघर्ष करने वाले संत थे। वे सनातन हिंदू धर्म के पथप्रदर्शक थे। इससे पहले महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ के चित्र पर पुष्प अर्पित किए गए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. भगवान सिंह ने किया।