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इंसेफेलाइटिस प्रभावित गांवों में तलाशे बीमारी के कारण
Updated Tue, 12 Sep 2017 08:07 PM IST
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गोरखपुर।
महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा (डीजीएमई) डॉ. केके गुप्ता की अगुवाई में केजीएमयू, बीआरडी मेडिकल कॉलेज, डब्लूएचओ, यूनिसेफ और चिकित्सा-स्वास्थ्य विभाग के अफसर इंसेफेलाइटिस को लेकर जारी सर्वे के क्रम में मंगलवार को भटहट पहुंचे। यहां दो गांवों का दौरा कर इंसेफेलाइटिस के कारण तलाशे। साथ ही भटहट और पिपराइच सीएचसी का निरीक्षण कर इंसेफेलाइटिस के इलाज की व्यवस्था परखी।
इससे पहले सोमवार को भी टीम ने दो गांवों का दौरा करके ग्रामीणों और वहां के स्वास्थ्यकर्मियों से इंसेफेलाइटिस से जुड़ी सूचनाएं जुटाई थीं। शासन के निर्देश पर डीजीएमई डॉ. केके गुप्ता की अगुवाई में डॉक्टरों व छात्रों की 50 सदस्यीय टीम मंगलवार को दूसरे दिन भी इस काम में जुटी रही। मंगलवार को टीम ने भटहट और पिपराइच सीएचसी पहुंचकर दवाओं की उपलब्धता, फीवर ट्रैकिंग सिस्टम, इंसेफेलाइटिस मरीजों को भर्ती और रेफर करने आदि का ब्यौरा जुटाया। साथ ही पतरा और रसूलपुर झुंगिया गांव पहुंचकर ग्रामीणों और स्वास्थ्यकर्मियों से बात की। केजीएमयू के सोशल एवं प्रिवेंटिव मेडिसिन विभाग के डॉ. शिवेंद्र कुमार सिंह की अगुवाई में 20 डॉक्टरों की टीम ने गांवों में सर्वे के दौरान 20 ग्रामीणों से 15 सवाल पूछे। वहीं दूसरी टीम इस बीच अस्पताल की व्यवस्था परखने में लगी रही।
महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा (डीजीएमई) डॉ. केके गुप्ता की अगुवाई में केजीएमयू, बीआरडी मेडिकल कॉलेज, डब्लूएचओ, यूनिसेफ और चिकित्सा-स्वास्थ्य विभाग के अफसर इंसेफेलाइटिस को लेकर जारी सर्वे के क्रम में मंगलवार को भटहट पहुंचे। यहां दो गांवों का दौरा कर इंसेफेलाइटिस के कारण तलाशे। साथ ही भटहट और पिपराइच सीएचसी का निरीक्षण कर इंसेफेलाइटिस के इलाज की व्यवस्था परखी।
इससे पहले सोमवार को भी टीम ने दो गांवों का दौरा करके ग्रामीणों और वहां के स्वास्थ्यकर्मियों से इंसेफेलाइटिस से जुड़ी सूचनाएं जुटाई थीं। शासन के निर्देश पर डीजीएमई डॉ. केके गुप्ता की अगुवाई में डॉक्टरों व छात्रों की 50 सदस्यीय टीम मंगलवार को दूसरे दिन भी इस काम में जुटी रही। मंगलवार को टीम ने भटहट और पिपराइच सीएचसी पहुंचकर दवाओं की उपलब्धता, फीवर ट्रैकिंग सिस्टम, इंसेफेलाइटिस मरीजों को भर्ती और रेफर करने आदि का ब्यौरा जुटाया। साथ ही पतरा और रसूलपुर झुंगिया गांव पहुंचकर ग्रामीणों और स्वास्थ्यकर्मियों से बात की। केजीएमयू के सोशल एवं प्रिवेंटिव मेडिसिन विभाग के डॉ. शिवेंद्र कुमार सिंह की अगुवाई में 20 डॉक्टरों की टीम ने गांवों में सर्वे के दौरान 20 ग्रामीणों से 15 सवाल पूछे। वहीं दूसरी टीम इस बीच अस्पताल की व्यवस्था परखने में लगी रही।
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