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खतरे के और करीब राप्ती
Updated Thu, 13 Jul 2017 01:36 AM IST
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राप्ती का बढ़ रहा जलस्तर।
- फोटो : Amar Ujala
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गोरखपुर। राप्ती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बुधवार को राप्ती खतरे के लाल निशान के और करीब पहुंच गई। बर्डघाट पर इसका जलस्तर 73.710 मीटर तक पहुंच गया है, जो खतरे के निशान से ज्यादा दूर नहीं है। राप्ती नदी से सटे क्षेत्रों में पानी का जलस्तर बढ़ने से आसपास रहने वाले लोगों में दहशत है, क्योंकि राप्ती का खतरे का निशान 74.98 मीटर है। वहीं रोहिन नदी त्रिमोहानी घाट पर खतरे का निशान पार कर गई है। इसका खतरे का निशान 82.44 है जबकि जलस्तर बढ़कर 82.530 हो गया है।
नदियों के जलस्तर में हो रही वृद्धि आसपास के इलाकों में चर्चा का विषय बनी हुई है। राप्ती नदी से सटे बहरामपुर निवासी निक्कू राम का कहना है कि वे लोग दहशत में है। अक्सर राप्ती में मछली पकड़ने के लिए बच्चे और लोग जुटते हैं या फिर नहाने के लिए उतरते हैं लेकिन तीन दिन से राप्ती में कोई भी नदी में नहीं उतर रहा है।
देवी प्रसाद निषाद ने बताया कि टीवी पर लगातार नदियों का जलस्तर देख रहे हैं। हालांकि सुबह धूप और बादल आसमान पर देखने को मिले, लेकिन राप्ती में पानी कम होने के बजाय और बढ़ा है। लोग नजर बनाकर रखे हुए है।
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बरहुआं पानी की टंकी के पास कटान से कीचड़
बरहुआं पानी टंकी के पास राप्ती नदी से कटान होने पर सड़क पर कीचड़ हो गया है। बनारस से 12 ट्रक बांध को मजबूत करने के लिए बुधवार गोरखपुर पत्थर लेकर पहुंचे। जेसीबी की मदद से मिट्टी को दबाकर पत्थर लगाए गए हैं, ताकि पानी के प्रभाव से मिट्टी बहने से बच जाए और पानी या मिट्टी सड़क पर बहकर न आ सके। ट्रकों से पूरे दिन पत्थर सड़क पर उतारे जाते रहे। कर्मचारियों की ओर से उसे साथ-साथ में बांध पर लगाने का काम भी दिनभर जारी रहा। बताया जा रहा है कि 100 के करीब ट्रक पत्थर लेकर पहुंचेंगे।
नदियों के जलस्तर में हो रही वृद्धि आसपास के इलाकों में चर्चा का विषय बनी हुई है। राप्ती नदी से सटे बहरामपुर निवासी निक्कू राम का कहना है कि वे लोग दहशत में है। अक्सर राप्ती में मछली पकड़ने के लिए बच्चे और लोग जुटते हैं या फिर नहाने के लिए उतरते हैं लेकिन तीन दिन से राप्ती में कोई भी नदी में नहीं उतर रहा है।
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देवी प्रसाद निषाद ने बताया कि टीवी पर लगातार नदियों का जलस्तर देख रहे हैं। हालांकि सुबह धूप और बादल आसमान पर देखने को मिले, लेकिन राप्ती में पानी कम होने के बजाय और बढ़ा है। लोग नजर बनाकर रखे हुए है।
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बरहुआं पानी की टंकी के पास कटान से कीचड़
बरहुआं पानी टंकी के पास राप्ती नदी से कटान होने पर सड़क पर कीचड़ हो गया है। बनारस से 12 ट्रक बांध को मजबूत करने के लिए बुधवार गोरखपुर पत्थर लेकर पहुंचे। जेसीबी की मदद से मिट्टी को दबाकर पत्थर लगाए गए हैं, ताकि पानी के प्रभाव से मिट्टी बहने से बच जाए और पानी या मिट्टी सड़क पर बहकर न आ सके। ट्रकों से पूरे दिन पत्थर सड़क पर उतारे जाते रहे। कर्मचारियों की ओर से उसे साथ-साथ में बांध पर लगाने का काम भी दिनभर जारी रहा। बताया जा रहा है कि 100 के करीब ट्रक पत्थर लेकर पहुंचेंगे।