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शिक्षामित्रों ने सीएम का पुतला जलाया

Wed, 06 Sep 2017 11:12 PM IST
Updated Wed, 06 Sep 2017 11:12 PM IST
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शिक्षामित्रों ने सीएम का पुतला जलाया
संतकबीरनगर। कैबिनेट द्वारा शिक्षामित्रों का मानदेय 10,000 रुपये किए जाने की मंजूरी मिलने की जानकारी के बाद शिक्षामित्र फिर आक्रोशित हो उठे। नाराज शिक्षामित्रों ने बुधवार को आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले जूनियर हाईस्कूल में धरने पर बैठ गए। इस दौरान सीएम योगी आदित्य नाथ का पुतला भी जलाया गया। इस दौरान प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी भी की और सीएम को संबोधित दो मांगों का ज्ञापन तहसील प्रशासन के अफसरों को दिया।
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एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रणजीत राय ने कहा कि 25 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक पद पर समायोजित किए गए शिक्षा मित्रों का समायोजन रद्द कर दिया था। जिससे शिक्षा मित्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। शिक्षामित्र पिछले 16 वर्षों से प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे है। शिक्षा मित्रों के आगे अधिक उम्र हो जाने के कारण अब रोजगार जैसा कोई विकल्प नहीं बचा है। जबकि समस्त शिक्षा मित्र स्नातक और बीटीसी योग्यताधारी है। उनके सामने करो या मरो की स्थित उत्पन्न हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने विगत दिनों आंदोलन के दौरान आश्वासन दिया था कि शिक्षामित्रों के सम्मान के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। भविष्य को सुरक्षित रखते हुए उचित रास्ता निकाला जाएगा। कैबिनेट ने पांच सितंबर को 10 हजार मानदेय देने का प्रस्ताव पारित कर दिय जो किसी भी शिक्षामित्र को स्वीकार नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों को सम्मान जनक मानदेय नहीं दिया गया तो आगे और भी आंदोलन तेज किया जाएगा। इस अवसर पर रमाकांत मौर्य, बृजेश चौधरी, दयाराम मौर्य, राजेश शर्मा, नितेश सिह, महेंद्र यादव, विजय प्रताप सिंह, अनुज सिंह, दुर्गा यादव, अभय सिंह, संजय पांडेय, आशीष शुक्ला, श्रवण् यादव, माही मिश्रा, चंद्रकांत समेत अन्य मौजूद रहे।
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शिक्षामित्रों की ये है मांगे ं
1-सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में तत्कालिक रूप से सरकार नया अध्यादेश लाकर शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक बनाए।
2-नया अध्यादेश लाए जाने तक प्रदेश के समायोजित शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक पद के बराबर समान कार्य समान वेतन दे।
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