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नि:शुल्क सेवा देने को तैयार बच्चों के डॉक्टर
Updated Mon, 14 Aug 2017 01:59 AM IST
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गोरखपुर।
मेडिकल कॉलेज में इंसेफेलाइटिस आदि बीमारियों से पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए शहर के बच्चों के प्राइवेट डॉक्टर आगे आए हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ वाईडी सिंह ने पहल की है कि अगर शासन- प्रशासन चाहे तो शहर के बच्चों के डॉक्टर नि:शुल्क इलाज करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा इस संबंध में उनकी अन्य डॉक्टरों से भी बात हो गई है। सभी ने अपनी रजामंदी दी है।
बता दें कि मुख्यमंत्री की पहल पर पहले भी कुछ डॉक्टर सीएचसी, पीएचसी पर इलाज करने के लिए अपनी सहमति दे चुके हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने ही उन्हें आगे कोई दिशा निर्देश नहीं दिया। मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ वाईडी सिंह का कहना है कि मेडिकल कॉलेज में हुई बच्चों की मौत से डॉक्टर भी आहत हैं। पीड़ित परिवारों के प्रति सभी की संवेदना है। मरीजों के इलाज में अगर कहीं भी डॉक्टरों की कमी महसूस हो तो शासन , प्रशासन या मेडिकल कालेज प्राइवेट डॉक्टरों की मदद ले सकता है। डॉक्टर बिना किसी चार्ज के इलाज करने को तैयार हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने रविवार को मुख्यमंत्री से भी मिलने का प्रयास किया मगर उनकी मुलाकात नहीं हो सकी।
मेडिकल कॉलेज में इंसेफेलाइटिस आदि बीमारियों से पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए शहर के बच्चों के प्राइवेट डॉक्टर आगे आए हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ वाईडी सिंह ने पहल की है कि अगर शासन- प्रशासन चाहे तो शहर के बच्चों के डॉक्टर नि:शुल्क इलाज करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा इस संबंध में उनकी अन्य डॉक्टरों से भी बात हो गई है। सभी ने अपनी रजामंदी दी है।
बता दें कि मुख्यमंत्री की पहल पर पहले भी कुछ डॉक्टर सीएचसी, पीएचसी पर इलाज करने के लिए अपनी सहमति दे चुके हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने ही उन्हें आगे कोई दिशा निर्देश नहीं दिया। मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ वाईडी सिंह का कहना है कि मेडिकल कॉलेज में हुई बच्चों की मौत से डॉक्टर भी आहत हैं। पीड़ित परिवारों के प्रति सभी की संवेदना है। मरीजों के इलाज में अगर कहीं भी डॉक्टरों की कमी महसूस हो तो शासन , प्रशासन या मेडिकल कालेज प्राइवेट डॉक्टरों की मदद ले सकता है। डॉक्टर बिना किसी चार्ज के इलाज करने को तैयार हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने रविवार को मुख्यमंत्री से भी मिलने का प्रयास किया मगर उनकी मुलाकात नहीं हो सकी।
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