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लावारिस बच्चे समाज की जिम्मेदारी
Updated Sat, 15 Jul 2017 10:14 PM IST
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गोरखपुर। लावारिस बच्चे पूरे समाज की जिम्मेदारी हैं। इन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़कर अच्छा नागरिक बनाना होगा। इसके लिए सरकारी तंत्र से लेकर निजी संस्थाओं को पूर्ण समर्पित भाव से अपने दायित्व का निर्वहन करना होगा। ये बातें यूनीसेफ लखनऊ के बाल संरक्षण प्रभाग अधिकारी आफताब अहमद ने कहीं। वह गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन में बाल संरक्षण से जुड़ी गोरखपुर मंडल की विभिन्न संस्थाओं की बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि समाज की मुख्य धारा से कटे इन बच्चों के लिए हमें व्यापक प्रचार प्रसार के साथ जागरूकता और आपसी तालमेल बनाना होगा।
अध्यक्षता करते हुए एसोसिएशन के अध्यक्ष रत्नाकर सिंह ने कहा कि समाज को इन बच्चों को मुक्त भाव से अपनाना होगा। एक सुदृढ़ योजना के तहत हमें इसके मूल कारण में जाना होगा। गरीब मलिन बस्तियों में शिक्षा का व्यापक प्रचार प्रसार करना होगा। बैठक के मुख्य संयोजक, पूर्व जेजेबी सदस्य प्रो. ओंकार नाथ तिवारी ने कहा कि इन बच्चों को समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए सरकारें सचेत हैं। पूर्व एडीजे और बाल कल्याण समिति सदस्य योगेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि स्थिति की भयावहता संवाद से परे है। बहुत लगन से प्रचार की आवश्यकता है। आरपीएफ. निरीक्षक कृष्णानंद तिवारी ने कहा कि रेलवे स्टेशन ऐसे बच्चों की पनाहगार बनता है। ऐसे में उन्हें तब और परेशानी होती है जब ह्यूमन ट्रैफिकिंग, चाइल्ड लेबर और अन्य अपराधों से जुड़े बच्चों के समर्थन में उनके अभिभावक उपस्थित हो जाते हैं। स्माइल रोटी बैंक के आजाद पांडेय ने कहा कि समाज को तपस्या के रूप में इस कार्य को अपनाना होगा।
बाल कल्याण समिति के एमएन गुप्ता, बृजेश दुबे, मनोज श्रीवास्तव गणेश, बाल कल्याण समिति गोरखपुर की डॉ. रेखा रानी मिश्र आदि उपस्थित रहे।
अध्यक्षता करते हुए एसोसिएशन के अध्यक्ष रत्नाकर सिंह ने कहा कि समाज को इन बच्चों को मुक्त भाव से अपनाना होगा। एक सुदृढ़ योजना के तहत हमें इसके मूल कारण में जाना होगा। गरीब मलिन बस्तियों में शिक्षा का व्यापक प्रचार प्रसार करना होगा। बैठक के मुख्य संयोजक, पूर्व जेजेबी सदस्य प्रो. ओंकार नाथ तिवारी ने कहा कि इन बच्चों को समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए सरकारें सचेत हैं। पूर्व एडीजे और बाल कल्याण समिति सदस्य योगेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि स्थिति की भयावहता संवाद से परे है। बहुत लगन से प्रचार की आवश्यकता है। आरपीएफ. निरीक्षक कृष्णानंद तिवारी ने कहा कि रेलवे स्टेशन ऐसे बच्चों की पनाहगार बनता है। ऐसे में उन्हें तब और परेशानी होती है जब ह्यूमन ट्रैफिकिंग, चाइल्ड लेबर और अन्य अपराधों से जुड़े बच्चों के समर्थन में उनके अभिभावक उपस्थित हो जाते हैं। स्माइल रोटी बैंक के आजाद पांडेय ने कहा कि समाज को तपस्या के रूप में इस कार्य को अपनाना होगा।
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बाल कल्याण समिति के एमएन गुप्ता, बृजेश दुबे, मनोज श्रीवास्तव गणेश, बाल कल्याण समिति गोरखपुर की डॉ. रेखा रानी मिश्र आदि उपस्थित रहे।