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सौर ऊर्जा संयंत्र

Thu, 14 Mar 2019 09:42 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 14 Mar 2019 09:42 PM IST
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सौर ऊर्जा संयंत्र
सूर्य से ‘ऊर्जा’ ले रहा आईटीआई चरगावां
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- 40 किलोवाट के सोलर प्लांट से हो रहा रोशन
- डेढ़ लाख के बिल में आई एक तिहाई की कमी
विवेक सिंह
गोरखपुर। 40 किलोवाट के सौर ऊर्जा पैनल लगाकर आईटीआई चरगावां ने अपना बिजली का बिल एक तिहाई कम कर लिया है। एक महीने में ही भारी बचत से उत्साहित होकर इसके विभिन्न विभागों में भी सौर ऊर्जा की सप्लाई शुरू करने की तैयारी है। काम शुरू भी हो गया है। जल्द ही आईटीआई चरगावां के ज्यादातर विभाग सौर ऊर्जा से काम करेंगे।
पिछले सत्र में ही आईटीआई चरगावां ने परिसर में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का फैसला किया था। 40 लाख रुपये की धनराशि से यूपी नेडा ने इसे कॉलेज के प्रशासनिक भवन की छत पर लगाने का काम शुरू किया। दो महीने में काम पूरा हो गया। इसके बाद संस्थान के प्रशासनिक भवन और आईटी लैब में सौर ऊर्जा की आपूर्ति शुरू कर दी गई। उद्देश्य सफल रहने पर अब अन्य विभागों को भी सौर ऊर्जा की आपूर्ति देने की तैयारी है।
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50 हजार कम हुआ बिल
आईटीआई चरगांवा के प्रधानाचार्य सुनील श्रीवास्तव ने बताया कि कॉलेज का हर महीने करीब डेढ़ लाख का बिल आता था। 40 किलोवाट के सौर ऊर्जा संयंत्र से आईटीआई चरगांवा के दो विभागों में आपूर्ति शुरू करने के बाद इसमें 50 हजार रुपये की कमी आई है। फरवरी में संस्थान ने करीब 99 हजार रुपये का बिल अदा किया है।
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इन संस्थानों ने भी अपनाई सौर ऊर्जा
- बीआरडी मेडिकल कॉलेज- 500 किलोवाट
- गोरखपुर विश्वविद्यालय- एक मेगावाट
- एमएमएमयूटी- 100 किलोवाट, क्षमता बढ़ाने पर चल रहा काम
- विकास भवन- 75 किलोवाट
- चौरीचौरा तहसील- 20 किलोवाट


घर को भी ऐसे कर सकते हैं सौर ऊर्जा से रौशन
घरों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए यूपी नेडा की वेबसाइट upnedasolarrooftopportal.com पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। एक किलोवाट के पैनल लगाने के लिए छत पर 100 से 150 वर्ग फीट जगह की जरूरत होती है। वहीं इसे लगाने में 70 से 75 हजार रुपये का खर्च आता है। एक किलोवाट के संयंत्र पर सरकार 15000 और दो किलोवाट के संयंत्र पर 30 हजार का अधिकतम अनुदान देती है।


गैलेंट इस्पात में तीन मेगावाट का लग रहा संयंत्र
सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने में सरकारी संस्थानों की अपेक्षा प्राइवेट संस्थान ज्यादा उत्साहित हैं। यही वजह है कि ये संस्थान बिना अनुदान के भी सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने को प्राथमिकता दे रहे हैं। इनमें सहजनवां स्थित गैलेंट इस्पात लिमिटेड सबसे आगे है, यहां तीन मेगावाट (3000 किलोवाट) का सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया जाना प्रस्तावित है। इसका शिलान्यास पिछले वर्ष योगी आदित्यनाथ ने किया है। वहीं प्राइवेट विद्यालय, बैंक और कई औद्योगिक इकाइयां भी इसे लगाने की कवायद शुरू कर चुकी हैं।
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