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लखनऊ में विशेष सचिव के सामने पेश हुईं डॉ. पूर्णिमा
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Wed, 06 Dec 2017 12:37 AM IST
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डॉ. पूर्णिमा शुक्ला
- फोटो : अमर उजाला
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मंडलीय कारागार में बंद बीआरडी कांड की आरोपी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला मंगलवार को लखनऊ में विशेष सचिव के सामने पेश हुईं। कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह उन्हें लखनऊ रवाना किया गया। बयान दर्ज कराने के बाद देर शाम वह जेल वापस आ गईं। डॉ. पूर्णिमा पर तत्कालीन प्राचार्य पति डॉ. राजीव मिश्र के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप करने का आरोप है।
बीआरडी मेडिकल कॅालेज में ऑक्सीजन की कमी के बीच अगस्त में बच्चों की मौत हुई थी। आरोप है कि वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी के तौर पर सीएचसी गोला में तैनात थीं लेकिन मेडिकल कॉलेज में होम्योपैथिक रिसर्च सेल में संबद्ध होकर तत्कालीन प्राचार्य के कार्यों में हस्तक्षेप करती रहीं। साथ ही उपकरणों की खरीद, फर्मों के भुगतान में कमीशनबाजी का खेल भी किया। ऑक्सीजन सप्लायर का भुगतान रोकने में भी कमीशनबाजी का मामला सामने आया। इस कारण भुगतान में देरी हुई। उन पर संविदा पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति में धांधली और कर्मचारियों का उत्पीड़न का आरोप भी लगा। कहा गया कि स्थानांतरण, पटल परिवर्तन में डॉ. पूर्णिमा का हस्तक्षेप था।
इस मामले में विशेष सचिव ने डॉ. पूर्णिमा को बयान के लिए लखनऊ बुलाया था। इससे पहले भी दो बार डॉ. पूर्णिमा को तलब किया गया था लेकिन मामला लटक गया था। वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. रामधनी ने कहा कि बयान दर्ज कराने के लिए वह लखनऊ गई थीं। देर शाम वापस आ गई हैं।
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बीआरडी मेडिकल कॅालेज में ऑक्सीजन की कमी के बीच अगस्त में बच्चों की मौत हुई थी। आरोप है कि वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी के तौर पर सीएचसी गोला में तैनात थीं लेकिन मेडिकल कॉलेज में होम्योपैथिक रिसर्च सेल में संबद्ध होकर तत्कालीन प्राचार्य के कार्यों में हस्तक्षेप करती रहीं। साथ ही उपकरणों की खरीद, फर्मों के भुगतान में कमीशनबाजी का खेल भी किया। ऑक्सीजन सप्लायर का भुगतान रोकने में भी कमीशनबाजी का मामला सामने आया। इस कारण भुगतान में देरी हुई। उन पर संविदा पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति में धांधली और कर्मचारियों का उत्पीड़न का आरोप भी लगा। कहा गया कि स्थानांतरण, पटल परिवर्तन में डॉ. पूर्णिमा का हस्तक्षेप था।
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इस मामले में विशेष सचिव ने डॉ. पूर्णिमा को बयान के लिए लखनऊ बुलाया था। इससे पहले भी दो बार डॉ. पूर्णिमा को तलब किया गया था लेकिन मामला लटक गया था। वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. रामधनी ने कहा कि बयान दर्ज कराने के लिए वह लखनऊ गई थीं। देर शाम वापस आ गई हैं।
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