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बाढ़ में गिरे मकान के बदले मिलेगा पक्का घर
Updated Sat, 26 Aug 2017 12:23 AM IST
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महराजगंज। शुक्रवार को सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने बाढ़ बचाव और राहत कार्य की समीक्षा की।बाद में धनेवा-धनेई पीडब्ल्यूडी डाक बगले में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बाढ़ से जिनके मकान गिरे हैं, उन्हें पक्के मकान दिए जाएंगे। अगर कोई बाढ़ क्षेत्र से हटकर दूसरी जगह रहना चाहता है तो उसे भी बसाने की व्यवस्था सरकार करेगी। हर स्तर पर सरकार पीड़ितों की मदद को सरकार तैयार है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिया जाएगा। बाढ़ का असर कम करने के लिए नेपाल के नवलपरासी में बांध जरूरी है।
उन्होंने कहा कि यूपी में सिंचाई विभाग की लंबित परियोजनाओं पर शीघ्र काम शुरू होगा। कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने प्रदेश को बर्बाद कर दिया है। उसे सुधारने में वक्त लग रहा है। पूर्व की सरकारों ने बांध की मरम्मत के नाम पर सरकारी धन का बंदरबांट किया। इससे तटबंध टूट गए और तबाही मच गई। इसकी जांच कर कसूरवारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नदियों की क्षमता वृद्धि के लिए योजना के तहत कार्य होगा।
सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि बाढ़ क्षेत्र में लोगों के स्वास्थ्य की चिंता भी सरकार कर रही है। स्वास्थ्य कैंप के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। पशुओं का टीकाकरण किया जा रहा है। जिले के 22 तटबंधों में पांच कई स्थानों पर टूट गए हैं। टूटे तटबंधों की मरम्मत शीघ्र शुरू करा दी जाएगी। क्षतिग्रस्त तटबंधों को मजबूत किया जाएगा। इसके लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी। जिले में 262 गांव बाढ़ प्रभावित हैं। 85 गांव जलमग्न रहे। इनमें कुछ कमी आई हैं। बर्बाद फसल के मुआवजे के लिए सर्वे कराया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि एक माह तक बाढ़ पीड़ितों को मदद दी जाएगी। खाद्य सामग्री की पूरी किट दी जाएगी। किट में दैनिक प्रयोग की चीजें शामिल हैं। बाढ़ पीड़ित परिवारों में हर सप्ताह किट का वितरण किया जाएगा। दावा किया कि राहत सामग्री बगैर किसी भेदभाव के बांटी जा रही है। कहा कि बाढ़ में मरने वालों को 4 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा। इस दौरान पनियरा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह, फरेंदा विधायक बजरंग बहादुर सिंह, जिलाध्यक्ष अरुण शुक्ल, भाजपा के वरिष्ठ नेता अजय कुमार श्रीवास्तव, अरुणेश शुक्ला, प्रदीप उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
नरकटहां तटबंध और बदहाल सडक का हाल देखे दंग रह गए सिचाई मंत्री
नरकटहां तटबंध और बदहाल सडक का हाल देखे दंग रह गए सिचाई मंत्री
अधिकारियों को दिए निर्देश, जल्दी दुरूस्त करें सडक, जनता को पहुंचावे राहत
अमर उजाला ब्यूरो
मुजुुरी-पनियरा। प्रदेश के सिचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने क्षेत्र के नरकटहां बंधे का कटान और बदहाल सडक देख दंग रह गए। हालात देखकर उन्हे जनता के दु:खदर्द का अंदाजा लगा गया। उन्होने अफसरो को तुरन्त निर्देशित किया कि जल्दी से सडक के मरम्मत को कार्य शुरू कर दे। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सिंचाई मंत्री से नरकटहां के ग्राम प्रधान वीरेन्द्र सिंह और जनता ने मांग किया कि इस ग्राम सभा में रूगुलेटर लगना जरुरी है, क्योंकि यह गांव हमेशा बाढ़ से प्रभावित हो जाता है। रेगूलेटर लगने से यह गांव सुरक्षित हो जाएगा। उन्होने आश्वासन दिया की जल्दी ही मांग पूरी हो जाएगी।
बंधे के टूटने के मसले पर बोले की लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। बंधे क्यों टूट इसकी जांच होगी। सरकार जनहित को लेकर गंभीर है। जनता के साथ सरकार है। बाढ़ से प्रभावित लोगो की हर संभव मदद की जा रही है। उत्तर प्रदेश में कुल 40 जिले बाढ़ प्रभवित हैं जिसमें 23 संवेदनसील और 17 अतिसंवेदनसील जिले हैं।
बाढ़ से प्रभावित दर्जनभर से अधिक गांवो को जोडने वाली बदहाल सडको को देखे और बोले की इन सभी सडको को जल्दी दुरूस्त किया जाए। संबंधित अधिकारियों को आश्वयक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान विधायक पनियरा ज्ञानेन्द्र सिंह, सीडीओ रामसिंहासन प्रेम, एडीआईओ सैयद नजमुल हसन, राजेश जायसवाल, सतीश सिह, ,जयनाथ सिंह,उमेशचन्द्र जायसवाल,बबलू यादव,गुड्डू के अलावा अन्य लोग मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि यूपी में सिंचाई विभाग की लंबित परियोजनाओं पर शीघ्र काम शुरू होगा। कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने प्रदेश को बर्बाद कर दिया है। उसे सुधारने में वक्त लग रहा है। पूर्व की सरकारों ने बांध की मरम्मत के नाम पर सरकारी धन का बंदरबांट किया। इससे तटबंध टूट गए और तबाही मच गई। इसकी जांच कर कसूरवारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नदियों की क्षमता वृद्धि के लिए योजना के तहत कार्य होगा।
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सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि बाढ़ क्षेत्र में लोगों के स्वास्थ्य की चिंता भी सरकार कर रही है। स्वास्थ्य कैंप के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। पशुओं का टीकाकरण किया जा रहा है। जिले के 22 तटबंधों में पांच कई स्थानों पर टूट गए हैं। टूटे तटबंधों की मरम्मत शीघ्र शुरू करा दी जाएगी। क्षतिग्रस्त तटबंधों को मजबूत किया जाएगा। इसके लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी। जिले में 262 गांव बाढ़ प्रभावित हैं। 85 गांव जलमग्न रहे। इनमें कुछ कमी आई हैं। बर्बाद फसल के मुआवजे के लिए सर्वे कराया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि एक माह तक बाढ़ पीड़ितों को मदद दी जाएगी। खाद्य सामग्री की पूरी किट दी जाएगी। किट में दैनिक प्रयोग की चीजें शामिल हैं। बाढ़ पीड़ित परिवारों में हर सप्ताह किट का वितरण किया जाएगा। दावा किया कि राहत सामग्री बगैर किसी भेदभाव के बांटी जा रही है। कहा कि बाढ़ में मरने वालों को 4 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा। इस दौरान पनियरा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह, फरेंदा विधायक बजरंग बहादुर सिंह, जिलाध्यक्ष अरुण शुक्ल, भाजपा के वरिष्ठ नेता अजय कुमार श्रीवास्तव, अरुणेश शुक्ला, प्रदीप उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
नरकटहां तटबंध और बदहाल सडक का हाल देखे दंग रह गए सिचाई मंत्री
नरकटहां तटबंध और बदहाल सडक का हाल देखे दंग रह गए सिचाई मंत्री
अधिकारियों को दिए निर्देश, जल्दी दुरूस्त करें सडक, जनता को पहुंचावे राहत
अमर उजाला ब्यूरो
मुजुुरी-पनियरा। प्रदेश के सिचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने क्षेत्र के नरकटहां बंधे का कटान और बदहाल सडक देख दंग रह गए। हालात देखकर उन्हे जनता के दु:खदर्द का अंदाजा लगा गया। उन्होने अफसरो को तुरन्त निर्देशित किया कि जल्दी से सडक के मरम्मत को कार्य शुरू कर दे। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सिंचाई मंत्री से नरकटहां के ग्राम प्रधान वीरेन्द्र सिंह और जनता ने मांग किया कि इस ग्राम सभा में रूगुलेटर लगना जरुरी है, क्योंकि यह गांव हमेशा बाढ़ से प्रभावित हो जाता है। रेगूलेटर लगने से यह गांव सुरक्षित हो जाएगा। उन्होने आश्वासन दिया की जल्दी ही मांग पूरी हो जाएगी।
बंधे के टूटने के मसले पर बोले की लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। बंधे क्यों टूट इसकी जांच होगी। सरकार जनहित को लेकर गंभीर है। जनता के साथ सरकार है। बाढ़ से प्रभावित लोगो की हर संभव मदद की जा रही है। उत्तर प्रदेश में कुल 40 जिले बाढ़ प्रभवित हैं जिसमें 23 संवेदनसील और 17 अतिसंवेदनसील जिले हैं।
बाढ़ से प्रभावित दर्जनभर से अधिक गांवो को जोडने वाली बदहाल सडको को देखे और बोले की इन सभी सडको को जल्दी दुरूस्त किया जाए। संबंधित अधिकारियों को आश्वयक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान विधायक पनियरा ज्ञानेन्द्र सिंह, सीडीओ रामसिंहासन प्रेम, एडीआईओ सैयद नजमुल हसन, राजेश जायसवाल, सतीश सिह, ,जयनाथ सिंह,उमेशचन्द्र जायसवाल,बबलू यादव,गुड्डू के अलावा अन्य लोग मौजूद रहे।