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अगस्त से शुरू होगा रेट के लिए आवेदन
Updated Wed, 28 Jun 2017 09:19 PM IST
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गोरखपुर। नेट और जेआरएफ क्वालीफाई करने वाले अभ्यर्थियों को भी पीएचडी की प्रवेश परीक्षा (रेट) देनी होगी। गोरखपुर यूनिवर्सिटी की कार्यपरिषद ने बुधवार को इस पर मुहर लगा दी। नई व्यवस्था इसी शैक्षिक सत्र से लागू होगी। यूनिवर्सिटी ने पिछले साल इन अभ्यर्थियों को प्रवेश परीक्षा से छूट दी थी।
बुधवार को कुलपति की अध्यक्षता में हुई कार्यपरिषद की बैठक में इस पर सहमति बनी। तय हुआ कि नेट, जेआरएफ और स्लेट उत्तीर्ण विद्यार्थियों को पांच फीसदी वेटेज मिलेगा, वहीं गोरखपुर यूनिवर्सिटी से पीजी करने पर भी आवेदकों पांच फीसदी वेटेज मिलेगा। किसी अभ्यर्थी को सात फीसदी से अधिक वेटेज नहीं दिया जाएगा। परीक्षा पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए विभागों में कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उम्मीद है कि अगस्त के आखिरी सप्ताह में शोध पात्रता परीक्षा (रेट) के आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी। बैठक में प्रो. एसके दीक्षित, प्रो. ईश्वर शरण विश्वकर्मा, प्रो. राम प्रकाश, प्रो. गोपाल प्रसाद, प्रो. सुनीत मुर्मू, कुलसचिव शत्रोहन वैश्य आदि मौजूद थे।
चार शिक्षकों को मिला प्रमोशन
बैठक में समाजशास्त्र विभाग के चार शिक्षकों के प्रमोशन को हरी झंडी दी गई। 25 जून को विभाग में हुई चयन समिति की संस्तुति पर भी कार्यपरिषद ने मुहर लगाई है। इसके बाद डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. शफीक अहमद, डॉ. सुभी धुसिया और डॉ. अंजू को एसोसिएट पद पर प्रमोशन दिया गया है।
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राष्ट्रगौरव के विद्यार्थियों को एक और मौका
कार्यपरिषद ने ऐसे विद्यार्थियों को एक और मौका देने का निर्णय लिया है, जिनका परिणाम राष्ट्रगौरव परीक्षा के अभाव में रुका है। भविष्य में इस प्रकार का कोई और अवसर नहीं दिए जाने का भी फैसला हुआ।
एमएड और नर्सिंग पाठ्यक्रम को मिली स्वीकृति
बैठक में एमएड और नर्सिंग के बीएससी पाठ्यक्रम को भी स्वीकृति मिली। साथ ही शिक्षाशास्त्र विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आरडी पांडेय को वरिष्ठ वेतनमान देने, यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति संबंधी यूजीसी के चतुर्थ संशोधन पर भी विचार विमर्श हुआ। औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद कार्यपरिषद की अगली बैठक में इस पर विचार किया जाएगा।
बुधवार को कुलपति की अध्यक्षता में हुई कार्यपरिषद की बैठक में इस पर सहमति बनी। तय हुआ कि नेट, जेआरएफ और स्लेट उत्तीर्ण विद्यार्थियों को पांच फीसदी वेटेज मिलेगा, वहीं गोरखपुर यूनिवर्सिटी से पीजी करने पर भी आवेदकों पांच फीसदी वेटेज मिलेगा। किसी अभ्यर्थी को सात फीसदी से अधिक वेटेज नहीं दिया जाएगा। परीक्षा पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए विभागों में कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उम्मीद है कि अगस्त के आखिरी सप्ताह में शोध पात्रता परीक्षा (रेट) के आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी। बैठक में प्रो. एसके दीक्षित, प्रो. ईश्वर शरण विश्वकर्मा, प्रो. राम प्रकाश, प्रो. गोपाल प्रसाद, प्रो. सुनीत मुर्मू, कुलसचिव शत्रोहन वैश्य आदि मौजूद थे।
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चार शिक्षकों को मिला प्रमोशन
बैठक में समाजशास्त्र विभाग के चार शिक्षकों के प्रमोशन को हरी झंडी दी गई। 25 जून को विभाग में हुई चयन समिति की संस्तुति पर भी कार्यपरिषद ने मुहर लगाई है। इसके बाद डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. शफीक अहमद, डॉ. सुभी धुसिया और डॉ. अंजू को एसोसिएट पद पर प्रमोशन दिया गया है।
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राष्ट्रगौरव के विद्यार्थियों को एक और मौका
कार्यपरिषद ने ऐसे विद्यार्थियों को एक और मौका देने का निर्णय लिया है, जिनका परिणाम राष्ट्रगौरव परीक्षा के अभाव में रुका है। भविष्य में इस प्रकार का कोई और अवसर नहीं दिए जाने का भी फैसला हुआ।
एमएड और नर्सिंग पाठ्यक्रम को मिली स्वीकृति
बैठक में एमएड और नर्सिंग के बीएससी पाठ्यक्रम को भी स्वीकृति मिली। साथ ही शिक्षाशास्त्र विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आरडी पांडेय को वरिष्ठ वेतनमान देने, यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति संबंधी यूजीसी के चतुर्थ संशोधन पर भी विचार विमर्श हुआ। औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद कार्यपरिषद की अगली बैठक में इस पर विचार किया जाएगा।