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गोरखपुर महोत्सव का रंगारंग आगाज
Sat, 12 Jan 2019 12:04 AM IST
ajay Kumar
Gorakhpur, Uttar Pradesh, India
Gorakhpur, Uttar Pradesh, India
Published by: ajay Kumar
Updated Sat, 12 Jan 2019 12:04 AM IST
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महोत्सव में राज्यपाल राम नाईक ने सेंट्राल एकेडमी के डायरेक्टर सृंजय सिंह को सम्मानित किया।
- फोटो : amar ujala
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गोरखपुर। गोरखपुर महोत्सव का शुक्रवार को रंगारंग आगाज हुआ। राज्यपाल राम नाईक ने उद्घाटन कर तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव का शुभारंभ किया।
राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि संस्कृति हमारे जीवन की परंपरा है। हमें इसे समझना होगा और इसके प्रचार की जरूरत है। लोक महोत्सव ही इसका सशक्त माध्यम है। गोरखपुर महोत्सव में कला की 64 विधाओं को समेटे सभ्यता एवं संस्कृति का अद्भुत संगम दिखेगा। उन्होंने गोरखपुर के लोगों को प्रयागराज में लगने वाले कुंभ मेले में आने का न्योता भी दिया। कमिश्नर अमित गुप्ता ने राज्यपाल का स्वागत करते हुए महोत्सव की रूपरेखा प्रस्तुत की। कुलपति प्रो वीके सिंह ने महोत्सव में आने पर राज्यपाल के प्रति आभार जताया।
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राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि संस्कृति हमारे जीवन की परंपरा है। हमें इसे समझना होगा और इसके प्रचार की जरूरत है। लोक महोत्सव ही इसका सशक्त माध्यम है। गोरखपुर महोत्सव में कला की 64 विधाओं को समेटे सभ्यता एवं संस्कृति का अद्भुत संगम दिखेगा। उन्होंने गोरखपुर के लोगों को प्रयागराज में लगने वाले कुंभ मेले में आने का न्योता भी दिया। कमिश्नर अमित गुप्ता ने राज्यपाल का स्वागत करते हुए महोत्सव की रूपरेखा प्रस्तुत की। कुलपति प्रो वीके सिंह ने महोत्सव में आने पर राज्यपाल के प्रति आभार जताया।
कुंभ मेले में आने का दिया न्योता
राज्यपाल ने शहरवासियों को प्रयागराज में लगने वाले कुंभ मेले में आने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि इस बार कुंभ मेला आपके शहर के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की देखरेख में हो रहा है। हजारों साल पहले इलाहाबाद का नाम प्रयागराज था, योगी जी ने फिर से पुराने नाम को पुनर्स्थापित किया। मुख्यमंत्री की ही देन है कि इस बार 440 साल से बंद पड़े किले को देखने को मिलेगा। इसी किले में अक्षयवट वृक्ष है, जिसकी हमारे पूर्वज पूजा करते थे।
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चटपटा खाइए, अच्छी किताबें खरीदिए
राज्यपाल ने कहा कि हमें पता चला है कि महोत्सव में 30-30 स्टॉल खानपान और पुस्तकों के लगे हैं। इससे अच्छी बात क्या होगी कि चाट और पानी बताशा खाइए, पुस्तक स्टॉल में जाकर अच्छी किताबें खरीदिए।
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