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तीन मंजिला भवन में खुलेगा गुरू गोरक्षनाथ शोधपीठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Tue, 07 Aug 2018 01:44 AM IST
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Gorakhnath
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गोरखपुर। गोरखपुर यूनिवर्सिटी में महायोगी गुरू गोरक्षनाथ शोधपीठ की स्थापना के लिए शासन स्तर से खाका तैयार कर लिया गया है। यूनिवर्सिटी के वाणिज्य संकाय के पुराने भवन को गिराकर तीन मंजिला भवन बनेगा। मुख्यद्वार पर गुरु गोरक्षनाथ की प्रतिमा और फव्वारा होगा। भवन में म्यूजियम के साथ लाइट एंड साउंड रूम भी बनेगा। पूरे प्रोजेक्ट पर 14 करोड़ 26 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
राजकीय निर्माण निगम ने भवन की डिजाइन तैयार की है। जिसमें थोड़े संशोधन के बाद शासन ने स्वीकृति दे दी है। पहली मंजिल पर डायरेक्टर सहित सभी अफसरों का दफ्तर और कांफ्रेंस रूम बनेगा। दूसरी मंजिल पर म्यूजियम व लाइट एंड शो रूम और शोधपीठ का केंद्रीय कार्यालय होगा जबकि तीसरी मंजिल पर सात कमरों वाला गेस्ट हाउस बनेगा। भवन के पश्चिम तरफ पार्किंग की सुविधा होगी।
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पुराने भवन को गिराकर तीन मंजिला भवन बनाया जाएगा। भवन निर्माण की जिम्मेदारी राजकीय निर्माण निगम को दी गई है। इसकी निगरानी संस्कृति मंत्रालय करेगा। लाइट एंड साउंड रूम भी बनेगा। शोधपीठ में पूरी दुनिया में गुरू गोरक्षनाथ से जुड़े साहित्य और पुस्तकें जुटाई जाएंगी।
-प्रो रवि शंकर सिंह, ओएसडी गुरू गोरक्षनाथ शोधपीठ
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राजकीय निर्माण निगम ने भवन की डिजाइन तैयार की है। जिसमें थोड़े संशोधन के बाद शासन ने स्वीकृति दे दी है। पहली मंजिल पर डायरेक्टर सहित सभी अफसरों का दफ्तर और कांफ्रेंस रूम बनेगा। दूसरी मंजिल पर म्यूजियम व लाइट एंड शो रूम और शोधपीठ का केंद्रीय कार्यालय होगा जबकि तीसरी मंजिल पर सात कमरों वाला गेस्ट हाउस बनेगा। भवन के पश्चिम तरफ पार्किंग की सुविधा होगी।
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नाथ संप्रदाय के सभी पीठों से जुटाएंगे सामग्री
गोरखपुर। गुरू गोरक्षनाथ शोध पीठ में नाथ संप्रदाय के देश भर में स्थापित पीठों से सामग्री जुटाई जाएगी। नाथ संप्रदाय पर प्रकाशित पुस्तकों को भी चिन्हित कर सूची बनाई जा रही है। महायोगी गुरू गोरक्षनाथ के दर्शन और सिद्धांत पर गहन मनन, चिंतन और शोध तो होंगे ही म्यूजियम में उन पर लिखे गए साहित्य एवं पुस्तकों के अलावा कई ग्रंथ भी रखे जाएंगे।
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पुराने भवन को गिराकर तीन मंजिला भवन बनाया जाएगा। भवन निर्माण की जिम्मेदारी राजकीय निर्माण निगम को दी गई है। इसकी निगरानी संस्कृति मंत्रालय करेगा। लाइट एंड साउंड रूम भी बनेगा। शोधपीठ में पूरी दुनिया में गुरू गोरक्षनाथ से जुड़े साहित्य और पुस्तकें जुटाई जाएंगी।
-प्रो रवि शंकर सिंह, ओएसडी गुरू गोरक्षनाथ शोधपीठ