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पहले दीक्षांत समारोह के लिए राष्ट्रपति आमंत्रित
Updated Thu, 31 Aug 2017 10:28 PM IST
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कपिलवस्तु (सिद्धार्थनगर)। सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी की वित्त समिति की बैठक में गुरुवार को कई अहम फैसले लिए गए। माह के अंत में प्रस्तावित दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति व राज्यपाल को आमंत्रित करने और समारोह को भव्य बनाने की रूपरेखा तैयार की गई। इसके लिए बजट में 30 लाख रुपये का प्रस्ताव रखा गया। प्रोवेजनल डिग्री, अंकपत्र व माइग्रेशन की द्वितीय प्रति के लिए भी शुल्क निर्धारण किया गया। इस दौरान समिति ने आउट सोर्सिंग से रखे गए कर्मचारियों के मानदेय भुगतान पर भी चर्चा की।
इस बैठक में कुलपति प्रो. रजनीकांत पांडेय ने कहा कि माह के अंत में यूनिवर्सिटी का पहला दीक्षांत समारोह कराने की तैयारी है। इसके लिए सबको पूरी तत्परता से जुटना होगा। कार्यक्रम के लिए राष्ट्रपति व राज्यपाल को आमंत्रित किया गया है। यूनिवर्सिटी का पहला दीक्षांत समारोह बेहद भव्य होगा। इसके लिए 30 लाख रुपये के बजट का प्रावधान रखा जा रहा है। समिति ने स्क्रूटनी के लिए मानदेय न देकर बाहर से आने वाले परीक्षकों को टीए दिए जाने का निर्णय लिया है।
वित्ताधिकारी अच्छेलाल यादव ने बताया कि सारिणीयन पंजिका में त्रुटियों के निवारण के लिए संबंधित शिक्षकों को प्रति छात्र दो रुपये टीए दिया जाएगा। बैठक में कुलसचिव बद्रीनाथ सिंह, वरिष्ठ कोषाधिकारी अनुराग श्रीवास्तव, उच्च शिक्षा अधिकारी के प्रतिनिधि अश्वनी प्रसाद आदि मौजूद रहे।
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इस बैठक में कुलपति प्रो. रजनीकांत पांडेय ने कहा कि माह के अंत में यूनिवर्सिटी का पहला दीक्षांत समारोह कराने की तैयारी है। इसके लिए सबको पूरी तत्परता से जुटना होगा। कार्यक्रम के लिए राष्ट्रपति व राज्यपाल को आमंत्रित किया गया है। यूनिवर्सिटी का पहला दीक्षांत समारोह बेहद भव्य होगा। इसके लिए 30 लाख रुपये के बजट का प्रावधान रखा जा रहा है। समिति ने स्क्रूटनी के लिए मानदेय न देकर बाहर से आने वाले परीक्षकों को टीए दिए जाने का निर्णय लिया है।
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वित्ताधिकारी अच्छेलाल यादव ने बताया कि सारिणीयन पंजिका में त्रुटियों के निवारण के लिए संबंधित शिक्षकों को प्रति छात्र दो रुपये टीए दिया जाएगा। बैठक में कुलसचिव बद्रीनाथ सिंह, वरिष्ठ कोषाधिकारी अनुराग श्रीवास्तव, उच्च शिक्षा अधिकारी के प्रतिनिधि अश्वनी प्रसाद आदि मौजूद रहे।
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