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पडरौना नगर पालिका क्षेत्र का होगा विस्तार
Updated Thu, 10 Aug 2017 11:52 PM IST
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कुशीनगर। हाईकोर्ट इलाहाबाद के मुख्य न्यायाधीश ने पडरौना नगर पालिका परिषद क्षेत्र के विस्तार के लिए बृहस्पतिवार को फैसला सुना दिया। हाईकोर्ट की तरफ से आठ हफ्ते में नगर पालिका क्षेत्र के विस्तार की प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया गया है। हालांकि जिला प्रशासन अभी आदेश की पुष्टि नहीं कर रहा है।
पडरौना नगर पालिका क्षेत्र की आबादी निरंतर बढ़ती जा रही है, लेकिन बीते पांच दशक में इसका सीमा विस्तार नहीं किया गया। कई ऐसे मुहल्ले ऐसे हैं जो नगर क्षेत्र से सटे होने के बावजूद नगर पालिका की सीमा में नहीं हैं। वर्ष 2010 में हुई नगर पालिका बोर्ड की बैठक में पहली बार सीमा विस्तार के लिए प्रस्ताव पारित किया गया था। तत्कालीन डीएम एसवीएस रंगाराव ने जंगल विशुनपुरा, भरवलिया, जंगल बेलवा, जंगल अमवा, नोनियापट्टी, सोहरौना, बंधूछपरा, अहिरौली बुजुर्ग, बेलवा मिश्र, बलुचहां, भिस्वा सरकारी, मोतीछपरा, दमवतिया, मिल्की, सेवकछपरा, परसौनी कला सहित 18 राजस्व गांवों को पडरौना नगर पालिका क्षेत्र में शामिल किए जाने पर सहमति जताई थी, लेकिन तब से नगर पालिका क्षेत्र के विस्तार की प्रक्रिया लंबित है।
कसया और हाटा नगर पंचायतों का सीमा विस्तार हो जाने के बाद भी पडरौना नगर पालिका क्षेत्र का विस्तार न कराए जाने पर बसपा नेता जावेद इकबाल ने बीते जुलाई महीने में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दिलीप बी. भोसले और न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता ने रिट नं. 34463/17 की सुनवाई के दौरान नगर पालिका क्षेत्र के विस्तार का आदेश दिया। साथ ही इस नगर पालिका क्षेत्र के विस्तार की प्रक्रिया आठ हफ्ते में पूरी करने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी इंटरनेट पर अपलोड कर दी गई है। नगर पालिका क्षेत्र के विस्तार के संबंध में प्रमुख शिकायतकर्ता रहे बसपा नेता शाहिद लारी ने बताया कि हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने नगर पालिका क्षेत्र के विस्तार का आदेश दिया है। आठ हफ्तों में यह प्रक्रिया पूरी कर लेनी है। इस मुकदमे की पैरवी वादी की तरफ से अधिवक्ता विकास श्रीवास्तव कर रहे थे।
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इस संबंध में एडीएम कृष्णलाल तिवारी का कहना है कि जिला स्तर से फाइल तैयार कर शासन को भेज दी गई थी। हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी नहीं हो पाई है। यदि हाईकोर्ट ने आदेश दिया है तो उसकी कॉपी शासन को गई होगी। निर्देशानुसार कार्रवाई होगी।
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पडरौना नगर पालिका क्षेत्र की आबादी निरंतर बढ़ती जा रही है, लेकिन बीते पांच दशक में इसका सीमा विस्तार नहीं किया गया। कई ऐसे मुहल्ले ऐसे हैं जो नगर क्षेत्र से सटे होने के बावजूद नगर पालिका की सीमा में नहीं हैं। वर्ष 2010 में हुई नगर पालिका बोर्ड की बैठक में पहली बार सीमा विस्तार के लिए प्रस्ताव पारित किया गया था। तत्कालीन डीएम एसवीएस रंगाराव ने जंगल विशुनपुरा, भरवलिया, जंगल बेलवा, जंगल अमवा, नोनियापट्टी, सोहरौना, बंधूछपरा, अहिरौली बुजुर्ग, बेलवा मिश्र, बलुचहां, भिस्वा सरकारी, मोतीछपरा, दमवतिया, मिल्की, सेवकछपरा, परसौनी कला सहित 18 राजस्व गांवों को पडरौना नगर पालिका क्षेत्र में शामिल किए जाने पर सहमति जताई थी, लेकिन तब से नगर पालिका क्षेत्र के विस्तार की प्रक्रिया लंबित है।
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कसया और हाटा नगर पंचायतों का सीमा विस्तार हो जाने के बाद भी पडरौना नगर पालिका क्षेत्र का विस्तार न कराए जाने पर बसपा नेता जावेद इकबाल ने बीते जुलाई महीने में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दिलीप बी. भोसले और न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता ने रिट नं. 34463/17 की सुनवाई के दौरान नगर पालिका क्षेत्र के विस्तार का आदेश दिया। साथ ही इस नगर पालिका क्षेत्र के विस्तार की प्रक्रिया आठ हफ्ते में पूरी करने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी इंटरनेट पर अपलोड कर दी गई है। नगर पालिका क्षेत्र के विस्तार के संबंध में प्रमुख शिकायतकर्ता रहे बसपा नेता शाहिद लारी ने बताया कि हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने नगर पालिका क्षेत्र के विस्तार का आदेश दिया है। आठ हफ्तों में यह प्रक्रिया पूरी कर लेनी है। इस मुकदमे की पैरवी वादी की तरफ से अधिवक्ता विकास श्रीवास्तव कर रहे थे।
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इस संबंध में एडीएम कृष्णलाल तिवारी का कहना है कि जिला स्तर से फाइल तैयार कर शासन को भेज दी गई थी। हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी नहीं हो पाई है। यदि हाईकोर्ट ने आदेश दिया है तो उसकी कॉपी शासन को गई होगी। निर्देशानुसार कार्रवाई होगी।