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जमीन के विवाद में युवती पर देसी बम से हमला
basti
Updated Tue, 16 Jan 2018 12:08 AM IST
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पुलिस की मदद से घायल को जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
- फोटो : अमर उजाला
रुधौली(बस्ती)। रमवापुर में दबंगों ने सोमवार को जमीन के विवाद में ग्राम प्रधान की भतीजी पर देसी बम से हमला कर दिया। घटना के वक्त परिवार के लोग जमीन के कागजात लेकर थाने गए थे। युवती को सीएचसी रुधौली ले जाया गया, यहां से उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल भेज दिया गया। रमवापुर ग्राम प्रधान माधव श्याम यादव और गांव के ही बलराम तिवारी के बीच वर्षों से जमीन को लेकर विवाद है। सोमवार को जब एसडीएम के आदेश के क्रम में ग्राम प्रधान पक्ष के लोगों ने विवादित घारी को गिराकर नया निर्माण करना चाहा तो इसकी शिकायत विपक्षियों ने रुधौली थाने पर की। एसओ के बुलावे पर ग्राम प्रधान और घर के अन्य सदस्य जमीन संबंधी कागजात लेकर थाने गए थे। इसी बीच दोपहर करीब एक बजे बलराम तिवारी पक्ष के लोगों ने घर पर हमला बोल दिया। इस घटना में देसी बम फेंके जाने से 18 वर्षीय भतीजी रागिनी घायल हो गई है। घर वालों की सूचना पर सभी लोग घर के लिए निकल पड़े। घायल को 108 एंबुलेंस से रागिनी को सीएचसी अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं वारदात के करीब डेढ़ घंटे बाद पहुंची पुलिस की मदद से घायल को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। पिता विनोद कुमार यादव की तहरीर पर बलराम उर्फ अरुण कुमार त्रिपाठी, प्रदीप त्रिपाठी, प्रमोद त्रिपाठी, सच्चिदानंद त्रिपाठी उर्फ भागीरथी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया।
1963 से चला आ रहा है विवाद
घायल युवती के 60 वर्षीय बाबा बंगाली यादव ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच सन 1963 से ही विवाद चला आ रहा है। इस बाबत चकबंदी विभाग से सीओ, एसएससी, डीएससी और हाईकोर्ट के साथ एसडीएम बांसी, कमिश्नर गोरखपुर, एसडीएम रुधौली और कमिश्नर बस्ती ने भी दोनों पक्षों की सुनवाई एवं जांच के बाद फैसला पक्ष में किया है। इसके बाद भी दबंगों की मनमानी के चलते अब तक निर्माण नहीं हो सका। 26 दिसंबर 17 को एसडीएम रुधौली कीर्ति प्रकाश भारती के फैसला पक्ष में आने के बाद घारी को गिराकर तक का निर्माण शुरू किया गया था।
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1963 से चला आ रहा है विवाद
घायल युवती के 60 वर्षीय बाबा बंगाली यादव ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच सन 1963 से ही विवाद चला आ रहा है। इस बाबत चकबंदी विभाग से सीओ, एसएससी, डीएससी और हाईकोर्ट के साथ एसडीएम बांसी, कमिश्नर गोरखपुर, एसडीएम रुधौली और कमिश्नर बस्ती ने भी दोनों पक्षों की सुनवाई एवं जांच के बाद फैसला पक्ष में किया है। इसके बाद भी दबंगों की मनमानी के चलते अब तक निर्माण नहीं हो सका। 26 दिसंबर 17 को एसडीएम रुधौली कीर्ति प्रकाश भारती के फैसला पक्ष में आने के बाद घारी को गिराकर तक का निर्माण शुरू किया गया था।
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