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गोरखपुर की धाक मुंबई पहुंची
Updated Wed, 04 Oct 2017 01:11 AM IST
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गोरखपुर।
गोरखपुर की खादी की धमक अब मुंबई तक पहुंच गई है। शहर के गोलघर स्थित गांधी आश्रम का मुंबई के ठाणे स्थित रेमंड कंपनी से करार हुआ है। जल्द ही यहां की खादी नए और आकर्षक डिजाइन में पूरे देश में धूम मचाती नजर आएगी। पहले आर्डर के तौर पर कंपनी को करीब एक लाख के खादी वस्त्रों की सप्लाई एक हफ्ते पहले भेजी गई है। इसके साथ ही और सैंपल भी भेजे गए हैं।
गोलघर गांधी आश्रम के सचिव विश्वेश्वर नाथ तिवारी ने बताया कि यहां की बढ़िया खादी की पूछ पूरे देश में हैं। दिल्ली के कनाट पैलेस स्थित दुकानों में पहले ही हम खादी वस्त्र सप्लाई करते थे। अब रेमंड कंपनी के जिम्मेदारों ने भी गोरखपुर की खादी को पसंद किया है। डिमांड के मुताबिक सप्लाई की गई है, इसके अलावा कंपनी की ओर से और भी सैंपल मंगाए हैं। बता दें कि गोलघर स्थित गांधी आश्रम से गोरखपुर, महाराजगंज और देवरिया के करीब 2200 बुनकर जुड़े हुए हैं। प्राकृतिक धागे और रंग से बने होने की वजह से ये हर मौसम में आरामदायक हैं। अब रेमंड कंपनी के गांधी आश्रम के साथ हाथ मिलाने से खादी को एक नया रूपरंग मिलने की उम्मीद है।
गोरखपुर की खादी की धमक अब मुंबई तक पहुंच गई है। शहर के गोलघर स्थित गांधी आश्रम का मुंबई के ठाणे स्थित रेमंड कंपनी से करार हुआ है। जल्द ही यहां की खादी नए और आकर्षक डिजाइन में पूरे देश में धूम मचाती नजर आएगी। पहले आर्डर के तौर पर कंपनी को करीब एक लाख के खादी वस्त्रों की सप्लाई एक हफ्ते पहले भेजी गई है। इसके साथ ही और सैंपल भी भेजे गए हैं।
गोलघर गांधी आश्रम के सचिव विश्वेश्वर नाथ तिवारी ने बताया कि यहां की बढ़िया खादी की पूछ पूरे देश में हैं। दिल्ली के कनाट पैलेस स्थित दुकानों में पहले ही हम खादी वस्त्र सप्लाई करते थे। अब रेमंड कंपनी के जिम्मेदारों ने भी गोरखपुर की खादी को पसंद किया है। डिमांड के मुताबिक सप्लाई की गई है, इसके अलावा कंपनी की ओर से और भी सैंपल मंगाए हैं। बता दें कि गोलघर स्थित गांधी आश्रम से गोरखपुर, महाराजगंज और देवरिया के करीब 2200 बुनकर जुड़े हुए हैं। प्राकृतिक धागे और रंग से बने होने की वजह से ये हर मौसम में आरामदायक हैं। अब रेमंड कंपनी के गांधी आश्रम के साथ हाथ मिलाने से खादी को एक नया रूपरंग मिलने की उम्मीद है।
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