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पहले बच्चों को फिर दंपती ने पिया था जहर
Updated Wed, 05 Jul 2017 11:15 PM IST
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कुशीनगर। अहिरौली बाजार थाना क्षेत्र के जगदीशपुर बिचवा टोला में रविवार को हुई घटना में पति-पत्नी के आपसी विवाद की बात भी सामने आ रही है। बुधवार को मेडिकल कॉलेज से इलाज के बाद लौटे बच्चों ने कमिश्नर व डीआईजी के सामने पूरी घटना का जिक्र किया। बड़े लड़के नसीम के अनुसार मां ने गिलास में दवाई बताकर सल्फास घोली और पहले उन्हें पीने को दिया। थोड़ा सा जहर पिलाने के बाद बाकी बचा जहर मां व पिता ने पी लिया था। कुछ देर बाद बेचैनी बढ़ने पर सभी एक साथ काली मंदिर के पास जाकर जमीन पर लेट गए थे।
बीते रविवार को जगदीशपुर बिचवा टोला निवासी रज्जाक के पुत्र पिंटू, पत्नी चंदा व दो बच्चे नसीम व अरबाज काली मंदिर के पास जमीन पर बेसुध पड़े थे। आसपास के लोगों की नजर पड़ी तो इन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। जहां देर रात पति-पत्नी की मौत हो गई। दोनों बच्चे अरबाज व नसीम का इलाज चल रहा था। बुधवार को इन्हें मेडिकल कॉलेज से छुट्टी दी गई। शाम को बच्चों के घर पहुंचने की जानकारी होने पर कमिश्नर अनिल कुमार व डीआईजी निलाब्जा चौधरी जगदीशपुर गांव पहुंचे। यहां मृत पिंटू के बड़े बेटे पांच वर्षीय नसीम ने बताया कि घटना के दिन उसकी मां व बड़ी मां के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हो रहा था। इस दौरान बड़ी मां ने मिट्टी का टुकड़ा फेंक कर मारने की कोशिश की, जिससे उसके सिर में चोट लगी थी। दोपहर में उसके पिता, माता व दोनों भाई बाजार गए थे। वापस घर आने पर मां ने सल्फास को दवाई बताकर गिलास के पानी में घोली और पहले उसे व भाई अरबाज को थोड़ा-थोड़ा पिला दिया। बाकी बचा जहर उसने व उसके पिता ने पी लिया था। कुछ देर बाद जब घबराहट होने लगी तो सब लोग घर में से निकलकर काली मंदिर के पास जमीन पर जाकर लेट गए थे। इसके बाद क्या हुआ इसकी जानकारी बच्चों को नहीं है। इन दोनों मासूम को अभी यही पता है कि इनके माता-पिता की तबीयत खराब है और गोरखपुर में उनका इलाज हो रहा है।
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बीते रविवार को जगदीशपुर बिचवा टोला निवासी रज्जाक के पुत्र पिंटू, पत्नी चंदा व दो बच्चे नसीम व अरबाज काली मंदिर के पास जमीन पर बेसुध पड़े थे। आसपास के लोगों की नजर पड़ी तो इन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। जहां देर रात पति-पत्नी की मौत हो गई। दोनों बच्चे अरबाज व नसीम का इलाज चल रहा था। बुधवार को इन्हें मेडिकल कॉलेज से छुट्टी दी गई। शाम को बच्चों के घर पहुंचने की जानकारी होने पर कमिश्नर अनिल कुमार व डीआईजी निलाब्जा चौधरी जगदीशपुर गांव पहुंचे। यहां मृत पिंटू के बड़े बेटे पांच वर्षीय नसीम ने बताया कि घटना के दिन उसकी मां व बड़ी मां के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हो रहा था। इस दौरान बड़ी मां ने मिट्टी का टुकड़ा फेंक कर मारने की कोशिश की, जिससे उसके सिर में चोट लगी थी। दोपहर में उसके पिता, माता व दोनों भाई बाजार गए थे। वापस घर आने पर मां ने सल्फास को दवाई बताकर गिलास के पानी में घोली और पहले उसे व भाई अरबाज को थोड़ा-थोड़ा पिला दिया। बाकी बचा जहर उसने व उसके पिता ने पी लिया था। कुछ देर बाद जब घबराहट होने लगी तो सब लोग घर में से निकलकर काली मंदिर के पास जमीन पर जाकर लेट गए थे। इसके बाद क्या हुआ इसकी जानकारी बच्चों को नहीं है। इन दोनों मासूम को अभी यही पता है कि इनके माता-पिता की तबीयत खराब है और गोरखपुर में उनका इलाज हो रहा है।
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