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मेडिकल कालेज का निर्माण ऐसे की कुछआ भी शर्माए
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गोंडा। बेहतर इलाज सुविधा के लिए जिले में खुलने वाला मेडिकल कालेज का निर्माण कार्य फाइलों में उलझ कर थमा है। निर्माण कार्य की कछुआ चाल का अंदाजा इसी से देखा जा सकता है कि राजकीय मेडिकल कालेज के निर्माण कार्य को स्वीकृत 281 करोड़ की बजट स्वीकृति के साल भर बीत जाने के बाद भी निर्माण स्थल पर चंद ईट बालू मौरंग का भंडारण ही दिखता है। जबकि निर्माण की स्वीकृति बाद खर्च राशि की पहली किश्त नवंबर 2020 में ही जारी हो चुकी है।
मार्च में प्रदेश के बजट में प्रस्तावित मेडिकल कालेज के लिए 150 करोड़ की और व्यवस्था की गई थी। इसके बावजूद छह माह से बस निर्माण संबंधी कार्यों की तैयारी ही चल रही है।
साल भर बीत जाने के बाद भी शिलान्यास का समय तक तय नहीं हो सका है। इससे शुरू हुआ निर्माण कार्य भी बीते एक माह से बाधित है। शहर से सटे छावनी सरकार में 15 एकड़ भूमि आरक्षित है और वहां पर अभी सिर्फ निर्माण संस्था का कार्यालय बन रहा है। वह भी धीमी चाल से, इससे निर्माण में तेजी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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मेडिकल कॉलेज के निर्माण की कवायद फाइलों में उलझी हुई है। जमीन की तलाश पूरी होने के बाद अब प्रक्रिया पूरी कराने में प्रशासन हांफ रहा है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया से गाइडलाइन भी आ चुकी है। इसके तहत ही निर्माण कराया जाना है।
लोक निर्माण विभाग को दो अरब 81 करोड़ के सापेक्ष 20 करोड़ रुपये का बजट बीते साल नवंबर में ही जारी किए जा चुके हैं। निर्माण के लिए कार्यदाई संस्था का चयन भी हो चुका है, तेलांगना की एक संस्था को निर्माण का कार्य सौंपा गया। निर्माण स्थल पर अभी मेडिकल कालेज की तैयारियां अधूरी हैं।
ऐसा तब है जब नवंबर 2022 में ही निर्माण कार्य पूरा होना है। ऐसे में मेडिकल कालेज का निर्माण कार्य तय समय पर कैसे पूरा होगा इसे लेकर सवाल उठने लगे हैं।
देवीपाटन मंडल मुख्यालय पर मेडिकल कॉलेज के निर्माण को सरकार ने हरी झंडी दी है। मेडिकल कॉलेज के लिए छावनी सरकार गांव में 15 एकड़ भूमि चिकित्सा शिक्षा विभाग के नाम हो चुकी है।
अभी तक निर्माण कार्य नहीं शुरू हो सका है। मेडिकल कॉलेज के लिए कम से कम 500 बेड होने चाहिए। जिला अस्पताल में वर्तमान में 300 बेड है। ऐसे में 200 बेड बढ़ाने के लिए जिला अस्पताल में एएनएम ट्रेनिग सेंटर के पास निर्माण प्रस्तावित है।
यहां पर चिकित्सक आवास से लेकर अन्य को गिराने की योजना है। यहां से मेडिकल कॉलेज का प्रशासनिक भवन 4.8 किलोमीटर की दूरी पर है। 500 शैयायुक्त राजकीय मेडिकल कालेज के निर्माण के लिए 31 नवंबर 2022 तक कार्य पूर्ण कराने की तिथि तय की गई है।
राजकीय मेडिकल कालेज के निर्माण की स्वीकृति और प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी निर्माण शुरू होने में शिलान्यास कार्यक्रम तय होना एक पेंच है। बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिले में निरीक्षण पर आए थे, उस समय भी शिलान्यास नही हो सका। यह जरूर रहा कि सांसद कीर्तिवर्धन सिंह ने मुख्यमंत्री से मांग की थी कि जल्दी ही इसके शिलान्यास कार्यक्रम के लिए समय दे दें। अभी मुख्यमंत्री की ओर से कार्यक्रम तय होने का इंतजार हो रहा है।
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मार्च में प्रदेश के बजट में प्रस्तावित मेडिकल कालेज के लिए 150 करोड़ की और व्यवस्था की गई थी। इसके बावजूद छह माह से बस निर्माण संबंधी कार्यों की तैयारी ही चल रही है।
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साल भर बीत जाने के बाद भी शिलान्यास का समय तक तय नहीं हो सका है। इससे शुरू हुआ निर्माण कार्य भी बीते एक माह से बाधित है। शहर से सटे छावनी सरकार में 15 एकड़ भूमि आरक्षित है और वहां पर अभी सिर्फ निर्माण संस्था का कार्यालय बन रहा है। वह भी धीमी चाल से, इससे निर्माण में तेजी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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मेडिकल कॉलेज के निर्माण की कवायद फाइलों में उलझी हुई है। जमीन की तलाश पूरी होने के बाद अब प्रक्रिया पूरी कराने में प्रशासन हांफ रहा है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया से गाइडलाइन भी आ चुकी है। इसके तहत ही निर्माण कराया जाना है।
लोक निर्माण विभाग को दो अरब 81 करोड़ के सापेक्ष 20 करोड़ रुपये का बजट बीते साल नवंबर में ही जारी किए जा चुके हैं। निर्माण के लिए कार्यदाई संस्था का चयन भी हो चुका है, तेलांगना की एक संस्था को निर्माण का कार्य सौंपा गया। निर्माण स्थल पर अभी मेडिकल कालेज की तैयारियां अधूरी हैं।
ऐसा तब है जब नवंबर 2022 में ही निर्माण कार्य पूरा होना है। ऐसे में मेडिकल कालेज का निर्माण कार्य तय समय पर कैसे पूरा होगा इसे लेकर सवाल उठने लगे हैं।
देवीपाटन मंडल मुख्यालय पर मेडिकल कॉलेज के निर्माण को सरकार ने हरी झंडी दी है। मेडिकल कॉलेज के लिए छावनी सरकार गांव में 15 एकड़ भूमि चिकित्सा शिक्षा विभाग के नाम हो चुकी है।
अभी तक निर्माण कार्य नहीं शुरू हो सका है। मेडिकल कॉलेज के लिए कम से कम 500 बेड होने चाहिए। जिला अस्पताल में वर्तमान में 300 बेड है। ऐसे में 200 बेड बढ़ाने के लिए जिला अस्पताल में एएनएम ट्रेनिग सेंटर के पास निर्माण प्रस्तावित है।
यहां पर चिकित्सक आवास से लेकर अन्य को गिराने की योजना है। यहां से मेडिकल कॉलेज का प्रशासनिक भवन 4.8 किलोमीटर की दूरी पर है। 500 शैयायुक्त राजकीय मेडिकल कालेज के निर्माण के लिए 31 नवंबर 2022 तक कार्य पूर्ण कराने की तिथि तय की गई है।
राजकीय मेडिकल कालेज के निर्माण की स्वीकृति और प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी निर्माण शुरू होने में शिलान्यास कार्यक्रम तय होना एक पेंच है। बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिले में निरीक्षण पर आए थे, उस समय भी शिलान्यास नही हो सका। यह जरूर रहा कि सांसद कीर्तिवर्धन सिंह ने मुख्यमंत्री से मांग की थी कि जल्दी ही इसके शिलान्यास कार्यक्रम के लिए समय दे दें। अभी मुख्यमंत्री की ओर से कार्यक्रम तय होने का इंतजार हो रहा है।