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बगैर नक्शे के मकान बनवाने पर देना होगा जुर्माना
amarujala
Updated Sun, 09 Apr 2017 11:05 PM IST
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नगर पालिका परिषद के विनियमित क्षेत्र मेें बिना नक्शा पास कराये मकान बनवाने वाले भवन स्वामियों पर जिला प्रशासन की नजर टेढ़ी हो गई है। जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने नगर पालिका परिषद व विनियमित क्षेत्र में बना गए मकानों के सत्यापन का निर्णय लिया है।
डीएम के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व मेें गठित की गई 49 टीमों ने रविवार से इन भवनों के सत्यापन का काम प्रारंभ कर दिया है। इस सत्यापन में बिना नक्शे वाले मकानों से जुर्माना वसूल कर उन्हें भवन के नक्शे की स्वीकृति प्रदान की जाएगी।
जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने रविवार को बुलाई गई एक पे्रस वार्ता में इसकी जानकारी देते हुए कहा कि नगर पालिका क्षेत्र व शहर से सटे विनियमित क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 34 राजस्व गांवों में 1994 के बाद से बने मकानों के सत्यापन का फैसला किया गया है।
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डीएम ने बताया कि नगर क्षेत्र विनियमित क्षेत्र में लोगों ने बेतरतीब ढंग से मकानों का निर्माण तो करा लिया लेकिन जिला प्रशासन से इसका नक्शा नहीं पास कराया। मनमाने ढंग से कराये गए इस निर्माण में नाली व रास्ते जैसी बुनियादी समस्याओं का ध्यान भी नही रखा गया।
तमाम ऐसी कालोनी बस गई है जिसका कोई रिकार्ड प्रशासन के पास मौजूद ही नही है। ऐसे में इन मकानों के सत्यापन का फैसला लिया गया है। इसके लिए नगर पालिका क्षेत्र के 27 वार्डो में 15 टीमों को सत्यापन के कार्य में लगाया गया है। टीम मेें एक अवर अभियंता, लेखपाल व वार्ड के सफाई नायक की ड्यूटी लगाई गई है।
इसी तरह विनयमित क्षेत्र के 34 राजस्व गांवों मेें सत्यापन के लिए 34 टीमों का गठन किया गया है। इस टीम में दो लेखपाल व एक अमीन को लगाया गया है। यह सभी टीमें तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपेगी। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि सत्यापन के बाद इन भवन स्वामियों को 15 दिनों की मोहलत दी जाएगी।
इस अवधि के भीतर उन्हें अपने भवन का नक्शा जिला प्रशासन से पास करवाना होगा। इसके लिए उनसे कम से कम जुर्माना वसूल किया जायेगा। जिला प्रशासन ने इसके लिए नक्शे की दरें भी निर्धारित कर दी हैं।
सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि अविकसित क्षेत्र मेें भवन निर्माण के लिए 85 रुपये प्रति वर्ग मीटर प्रथम तल व उसके ऊपर के लिए 43 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर निर्धारित की गई है। इसी तरह व्यावसायिक भवनों में प्रथम तल के लिए 170 रुपये प्रति वर्ग मीटर व उसके ऊपर के निर्माण के लिए 90 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर तय की गई है।
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डीएम के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व मेें गठित की गई 49 टीमों ने रविवार से इन भवनों के सत्यापन का काम प्रारंभ कर दिया है। इस सत्यापन में बिना नक्शे वाले मकानों से जुर्माना वसूल कर उन्हें भवन के नक्शे की स्वीकृति प्रदान की जाएगी।
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जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने रविवार को बुलाई गई एक पे्रस वार्ता में इसकी जानकारी देते हुए कहा कि नगर पालिका क्षेत्र व शहर से सटे विनियमित क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 34 राजस्व गांवों में 1994 के बाद से बने मकानों के सत्यापन का फैसला किया गया है।
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डीएम ने बताया कि नगर क्षेत्र विनियमित क्षेत्र में लोगों ने बेतरतीब ढंग से मकानों का निर्माण तो करा लिया लेकिन जिला प्रशासन से इसका नक्शा नहीं पास कराया। मनमाने ढंग से कराये गए इस निर्माण में नाली व रास्ते जैसी बुनियादी समस्याओं का ध्यान भी नही रखा गया।
तमाम ऐसी कालोनी बस गई है जिसका कोई रिकार्ड प्रशासन के पास मौजूद ही नही है। ऐसे में इन मकानों के सत्यापन का फैसला लिया गया है। इसके लिए नगर पालिका क्षेत्र के 27 वार्डो में 15 टीमों को सत्यापन के कार्य में लगाया गया है। टीम मेें एक अवर अभियंता, लेखपाल व वार्ड के सफाई नायक की ड्यूटी लगाई गई है।
इसी तरह विनयमित क्षेत्र के 34 राजस्व गांवों मेें सत्यापन के लिए 34 टीमों का गठन किया गया है। इस टीम में दो लेखपाल व एक अमीन को लगाया गया है। यह सभी टीमें तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपेगी। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि सत्यापन के बाद इन भवन स्वामियों को 15 दिनों की मोहलत दी जाएगी।
इस अवधि के भीतर उन्हें अपने भवन का नक्शा जिला प्रशासन से पास करवाना होगा। इसके लिए उनसे कम से कम जुर्माना वसूल किया जायेगा। जिला प्रशासन ने इसके लिए नक्शे की दरें भी निर्धारित कर दी हैं।
सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि अविकसित क्षेत्र मेें भवन निर्माण के लिए 85 रुपये प्रति वर्ग मीटर प्रथम तल व उसके ऊपर के लिए 43 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर निर्धारित की गई है। इसी तरह व्यावसायिक भवनों में प्रथम तल के लिए 170 रुपये प्रति वर्ग मीटर व उसके ऊपर के निर्माण के लिए 90 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर तय की गई है।