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Gonda News: सर्दी की दस्तक के साथ गरमाया रजाई-गद्दे का कारोबार
Sun, 09 Nov 2025 11:42 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 09 Nov 2025 11:42 PM IST
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एलबीएस चौराहे के पास रजाई-गद्दा तैयार करते कारीगर। - संवाद
गोंडा। सर्दी की दस्तक के साथ रजाई और गद्दे के कारोबार में तेजी आ गई है। कारीगर रजाई और गद्दा बनाने में जुटे हैं। लोग गर्म कपड़ों के साथ रजाई और गद्दे की खरीदारी करने लगे हैं। बदलता मौसम कारीगरों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर रहा है। उन्हें इस बार अच्छा कारोबार होने की उम्मीद है।
दुकानों में नई फर्द, कवर, रुई और रजाई-गद्दों की मांग बढ़ी है। दुकानदारों का कहना है कि दीपावली के बाद से ही बिक्री में तेजी आने लगी है। शिवकुमार ने बताया कि इस समय सबसे ज्यादा मांग हल्की रजाइयों और बच्चों के गद्दों की है। ठंड बढ़ने पर मोटी रजाइयों की बिक्री भी तेज हो जाएगी। एलबीएस चौराहे के पास रजाई-गद्दे की दुकान चला रहे मो. राशिद ने बताया कि गद्दा 800 रुपये से लेकर एक हजार रुपये में तैयार किया जा रहा है। वहीं, रजाई सिंगल बेड की 1200 रुपये में बेची जा रही है। डबल बेड की रजाई की कीमत 1800 रुपये है। उनकी दुकान पर 70 रुपये प्रति किलो से लेकर 140 रुपये तक रुई बिक रही है। मशीन से धुनाई के बाद रजाई को कारीगर सिल रहे हैं।
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दुकानों में नई फर्द, कवर, रुई और रजाई-गद्दों की मांग बढ़ी है। दुकानदारों का कहना है कि दीपावली के बाद से ही बिक्री में तेजी आने लगी है। शिवकुमार ने बताया कि इस समय सबसे ज्यादा मांग हल्की रजाइयों और बच्चों के गद्दों की है। ठंड बढ़ने पर मोटी रजाइयों की बिक्री भी तेज हो जाएगी। एलबीएस चौराहे के पास रजाई-गद्दे की दुकान चला रहे मो. राशिद ने बताया कि गद्दा 800 रुपये से लेकर एक हजार रुपये में तैयार किया जा रहा है। वहीं, रजाई सिंगल बेड की 1200 रुपये में बेची जा रही है। डबल बेड की रजाई की कीमत 1800 रुपये है। उनकी दुकान पर 70 रुपये प्रति किलो से लेकर 140 रुपये तक रुई बिक रही है। मशीन से धुनाई के बाद रजाई को कारीगर सिल रहे हैं।
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