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शान्ति से बैठकर आत्म निरीक्षण करना ही राजयोग
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गोंडा के परसपुर में ब्रह्मकुमारियों का स्वागत करते हुए।
- फोटो : GONDA
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गोंडा। परसपुर नगर पंचायत में संचालित प्रजा पिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की शाखा पर अतिथि सम्मान एवं आशीर्वचन उत्सव आयोजित किया गया। मुख्यातिथि के रूप में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की जोनल डायरेक्टर काशी-विश्वनाथ (वाराणसी) से राजयोगिनी बीके सुरेंद्र बहन, बीके गीता बहन, वाराणसी जोन के प्रबंधक बीके दिपेन्द्र भाई ने कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
परसपुर सेवा केंद्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी अनामिका बहन सहित अन्य भाई बहनों ने अतिथियों का फूल मालाओं से स्वागत सत्कार किया। कार्यक्रम में राजयोगिनी बीके सुरेन्द्र दीदी ने कहा कि भागदौड़ भरी जिन्दगी से थोड़ा समय निकालकर शान्ति से बैठकर आत्मनिरीक्षण करना ही राजयोग है। आधुनिक दुनिया में हम अपनी जिंदगी से इतने दूर निकल आए हैं कि हम अपनी सच्ची मन की शान्ति और शक्ति को भूल गये हैं और तनाव महसूस करने लग जाते हैं। धीरे-धीरे ये तनाव हमारी मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक स्वास्थ्य को असन्तुलित कर हमें बीमारियों में जकड़ लेता है।
योग एक ऐसी स्थित है, जिसमें हम अपनी रोजमर्रा की चिन्ताओं से परे जाते हैं और अपने आध्यात्मिक सशक्तिकरण का आरंभ करते हैं। आध्यात्मिक जागृति हमें व्यर्थ और नकारात्मक भावों से दूर कर अच्छे और सकारात्मक विचार की शक्ति प्रदान कर्ता है। इस अवसर पर बी के सुनीता बहन बीके डॉ एससी तिवारी, मनीषा गुड़िया, सोनी, रमा, सुषमा, ममता, उमा पूनम साधना, अनूप, अंजली, माही, मुस्कान, कोमल, शालू, प्रताप नरायन, बजरंगी, सुनील, मनमोहन कौशल, अंशु सोनी शामिल रहे हैं। संवाद
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परसपुर सेवा केंद्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी अनामिका बहन सहित अन्य भाई बहनों ने अतिथियों का फूल मालाओं से स्वागत सत्कार किया। कार्यक्रम में राजयोगिनी बीके सुरेन्द्र दीदी ने कहा कि भागदौड़ भरी जिन्दगी से थोड़ा समय निकालकर शान्ति से बैठकर आत्मनिरीक्षण करना ही राजयोग है। आधुनिक दुनिया में हम अपनी जिंदगी से इतने दूर निकल आए हैं कि हम अपनी सच्ची मन की शान्ति और शक्ति को भूल गये हैं और तनाव महसूस करने लग जाते हैं। धीरे-धीरे ये तनाव हमारी मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक स्वास्थ्य को असन्तुलित कर हमें बीमारियों में जकड़ लेता है।
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योग एक ऐसी स्थित है, जिसमें हम अपनी रोजमर्रा की चिन्ताओं से परे जाते हैं और अपने आध्यात्मिक सशक्तिकरण का आरंभ करते हैं। आध्यात्मिक जागृति हमें व्यर्थ और नकारात्मक भावों से दूर कर अच्छे और सकारात्मक विचार की शक्ति प्रदान कर्ता है। इस अवसर पर बी के सुनीता बहन बीके डॉ एससी तिवारी, मनीषा गुड़िया, सोनी, रमा, सुषमा, ममता, उमा पूनम साधना, अनूप, अंजली, माही, मुस्कान, कोमल, शालू, प्रताप नरायन, बजरंगी, सुनील, मनमोहन कौशल, अंशु सोनी शामिल रहे हैं। संवाद
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