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बलरामपुर में 9 डिग्री पर पहुंचा पारा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 08 Dec 2016 10:17 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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भीषण शीतलहरी व सर्द हवाओं के कारण गोंडा और बलरामपुर में गलन बढ़ना शुरू हो गई है। गुरुवार को बलरामपुर में पारा लुढ़कर 9 डिग्री पर आ गया। वहीं, गोंडा में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। कड़ाके की ठंड ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। पशु-पक्षी भी ठंड से बेहाल हैं। ठंड बढ़ने के बाद भी दोनों जिलों में अभी तक न तो अलाव जलाया जा रहा है और न गरीबों को कंबल ही बांटे जा रहे हैं।
बलरामपुर में तीन दिनों से हो रही शीतलहरी गुरुवार को भी जारी रही। पूरे दिन सूर्य देवता के दर्शन नहीं हुए। गुरुवार को जिले में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस एवं अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पारा घटने के साथ सर्द हवाओं ने ठंड का कहर और भी तेज कर दिया है। कड़ाके की ठंड से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। शीत लहरी व सर्द हवाओं के कारण अधिकतर लोग पूरे दिन घर से बाहर नहीं निकले।
जरूरी काम से जो लोग बाहर निकले भी वे दिन ढलते ही घर लौट आये। शाम होते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। ठंड से बचने के लिए लोग रजाई व कंबल में दुबके रहे। पालतू जानवरों को भी ठंड से राहत देने के लिए गर्म कपड़े से ढक कर रखा गया। जिले मे ठंड बढ़ने से जहां लोग परेशान हैं वहीं प्रशासन पूरी तरह उदासीन बना हुआ है। अलाव जलवाने व कंबल वितरण के लिए धन आवंटित होने के बावजूद अभी तक न तो अलाव जल रहे हैं और न ही कंबल वितरण का काम प्रशासन ने शुरू कराया है।
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बलरामपुर में तीन दिनों से हो रही शीतलहरी गुरुवार को भी जारी रही। पूरे दिन सूर्य देवता के दर्शन नहीं हुए। गुरुवार को जिले में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस एवं अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पारा घटने के साथ सर्द हवाओं ने ठंड का कहर और भी तेज कर दिया है। कड़ाके की ठंड से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। शीत लहरी व सर्द हवाओं के कारण अधिकतर लोग पूरे दिन घर से बाहर नहीं निकले।
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जरूरी काम से जो लोग बाहर निकले भी वे दिन ढलते ही घर लौट आये। शाम होते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। ठंड से बचने के लिए लोग रजाई व कंबल में दुबके रहे। पालतू जानवरों को भी ठंड से राहत देने के लिए गर्म कपड़े से ढक कर रखा गया। जिले मे ठंड बढ़ने से जहां लोग परेशान हैं वहीं प्रशासन पूरी तरह उदासीन बना हुआ है। अलाव जलवाने व कंबल वितरण के लिए धन आवंटित होने के बावजूद अभी तक न तो अलाव जल रहे हैं और न ही कंबल वितरण का काम प्रशासन ने शुरू कराया है।
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