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वोटर अड्डा: पुरानी पेंशन व निजीकरण के मुद्दे पर वोट करेंगे बिजलीकर्मी
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फोटो-4 गोंडा में पॉवर कार्पोरेशन कार्यालय पर मतदान की शपथ लेते अधिकारी व कर्मचारी। (संवाद)
- फोटो : GONDA
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गोंडा। जिले में मतदान की तिथि करीब आ रही है। हर ओर चुनावी चर्चा का बाजार गर्म है। बिजली अधिकारी व कर्मचारी शिक्षा, पुरानी पेंशन बहाली व निजीकरण के मुद्दे पर वोट करने की बात कह रहे हैं। बिजलीकर्मियों ने कहा कि हमारे लिए वहीं सरकार उपयोगी है जो पुरानी पेंशन की बहाली करें तथा पॉवर कार्पोरेशन को निजीकरण की ओर ले लाने से बचाए। शनिवार को पॉवर कार्पोरेशन के मुख्य अभियंता कार्यालय पर अमर उजाला का वोटर अड्डा कार्यक्रम आयोजित हुआ तो कई अधिकारी व कर्मचारी अपने बात कहने के लिए जुटे। जहां बिजली कर्मियों ने ईमानदार व्यक्तित्व एवं विकास की सोच रखने वाले प्रत्याशी व दल को मतदान करने की बात कही। विद्युत वितरण खंड दो के अधिशासी अभियंता रणवीर सिंह ने उपस्थित लोगों को मतदान करने की शपथ दिलाई। एक्सईन ने लोगों को लोकतंत्र में सच्चे मतदाता के अधिकार व कर्तव्यों के बारे में बताया।
जाति धर्म व प्रलोभन से ऊपर उठकर करेंगे वोट
मैं खुद जाति-धर्म व प्रलोभन से ऊपर उठकर प्रदेश के विकास के मुद्दे पर वोट करुंगा। भावी सरकार को शिक्षा, सुरक्षा व रोजगार की ओर ध्यान देना चाहिए। सभी मतदाताओं का कर्तव्य हैं कि सबसे पहले वोट डालें उसके बाद ही कोई दूसरा काम करें। शत प्रतिशत वोटिंग से ही हम अपनी पसंद की सरकार चुन सकते हैं।
रणवीर सिंह, अधिशासी अभियंता
ईमानदार का करेंगे चुनाव
राजनीति में दागी छवि वाले नेता को दरकिनार कर देने की आवश्यकता है। विधायक यदि ईमानदार होगा तभी वह अपने दायित्वों का पालन पूरी निष्पक्षता के साथ कर सकेगा। हम मतदान करेंगे और अपने क्षेत्र के गांवों के लोगों को भी मतदान करने के लिए जागरूक कर रहे हैं।
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विपिन कुमार सिंह, उपखंड अधिकारी
पॉवर कार्पोरेशन को निजीकरण से बचाए सरकार
सरकार को बिजली कर्मियों के भविष्य को देखते हुए पॉवर कार्पोरेशन को निजीकरण से बचाना चाहिए। वहीं ऐसे उम्मीदवार को चुना जाना चाहिए जो विकास के प्रति गंभीर हो और युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान कराने के लिए संघर्षशील हो। धरातल पर विकास कार्य दिखाई दें।
सौरभ भारद्वाज, अधिशासी अभियंता
बेहतर छवि वाले को करेंगे मतदान
नेता सिर्फ वादे करते हैं फिर कुर्सी पाकर मुकर जाते हैं। इस बार उसी जनप्रतिनिधि को मौका मिलना चाहिए, जिसकी छवि समाज में बेहतर हो। पढ़े लिखे के साथ साथ जाति धर्म की राजनीति करने वाला न हो। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं के प्रति गंभीर हो।
रत्नेश गुप्ता, अवर अभियंता
शिक्षा व्यवस्था हो मजबूत
कोरोना में सबसे ज्यादा नुकसान शिक्षा क्षेत्र को हुआ है। प्रारंभिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है। कर्मचारियों के लिए सरकार पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल करें। बिजली कर्मचारियों के लिए नजीकरण सबसे बड़ा मुद्दा है। जो सरकार निजीकरण न करने का आश्वासन देगी उसी के पक्ष में मतदान किया जाएगा। कपिलदेव, कार्यकारी सहायक
निजीकरण न करने का भरोसा दिलाए सरकार
निजीकरण से बिजली कर्मियों व उनके परिवारों का भविष्य खतरे में पढ़ जाएगा। जो राजनीतिक दल निजीकरण रोकने का भरोसा दिलाएगी उसी के पक्ष में मतदान किया जाएगा। सरकार ने कर्मचारियों से पेंशन का हक छीन लिया, लेकिन सांसद, विधायक, मंत्री अपने लिए पुरानी पेंशन योजनाएं बनाए हुए हैं। सुनील कुमार यादव, शिविर सहायक
रोजगार की बात करने वाले करेंगे मतदान
चुनाव में वे उसी को वोट देंगे जो विकास व रोजगार के प्रति गंभीर दिखाई देता हो। स्थानीय स्तर पर रोजगार की व्यवस्था न होने के कारण लोगों को बड़े शहरों में भटकना पड़ता है। इस स्थिति में सुधार की जरूरत है। लघु उद्योग और कुटीर उद्योग को बढ़ावा देने वाले को चुनेंगे। सुमित श्रीवास्तव, कर्मचारी
युवाओं को मिले रोजगार
अपने क्षेत्र के विकास की मांग को लेकर मतदान करेंगे। घर के बच्चे शिक्षा पूरी कर घर बैठे हैं, सरकार को इन युवाओं को बेहतर रोजगार के साधन मुहैया कराना चाहिए। एके तिवारी, कर्मचारी
महंगाई पर लगे लगाम
कोरोना के कारण व्यापार में मंदी की स्थिति है। महंगाई काफी बढ़ गई है, आम आदमी इससे परेशान है। सिलिंडर से लेकर स्कूल फीस, आने वाली सरकार इन मुद्दों पर काम करना चाहिए। रवींद्र गोस्वामी, कर्मचारी
जन समस्याएं हों दूर
जाति और धर्म के आधार पर वोट करना गलत है, हम उसी प्रत्याशी को वोट देंगे जिनके मुद्दे में शहर का विकास हो और वो जनता की समस्याओं को समझकर उसे दूर कराए। रमेश कुमार, कर्मचारी
रोजगार का मिले अवसर
शहर के हुनरमंद युवाओं को अवसर के अभाव में शहर से बाहर जाकर नौकरी करनी पड़ती है, ऐसी सरकार हो जो अपने शहर में युवाओं और महिलाओं को रोजगार मुहैया कराए। मनीष सिंह, कर्मचारी
जाति-धर्म का विरोध
जो जाति-धर्म की राजनीति करेगा उसे वोट नहीं दूंगा। मैं चाहता हूं कि लोकतांत्रिक मूल्यों को समझने वाली और समता के आधार पर काम करने वाली सरकार बने। अनिल वर्मा, कर्मचारी
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जाति धर्म व प्रलोभन से ऊपर उठकर करेंगे वोट
मैं खुद जाति-धर्म व प्रलोभन से ऊपर उठकर प्रदेश के विकास के मुद्दे पर वोट करुंगा। भावी सरकार को शिक्षा, सुरक्षा व रोजगार की ओर ध्यान देना चाहिए। सभी मतदाताओं का कर्तव्य हैं कि सबसे पहले वोट डालें उसके बाद ही कोई दूसरा काम करें। शत प्रतिशत वोटिंग से ही हम अपनी पसंद की सरकार चुन सकते हैं।
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रणवीर सिंह, अधिशासी अभियंता
ईमानदार का करेंगे चुनाव
राजनीति में दागी छवि वाले नेता को दरकिनार कर देने की आवश्यकता है। विधायक यदि ईमानदार होगा तभी वह अपने दायित्वों का पालन पूरी निष्पक्षता के साथ कर सकेगा। हम मतदान करेंगे और अपने क्षेत्र के गांवों के लोगों को भी मतदान करने के लिए जागरूक कर रहे हैं।
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विपिन कुमार सिंह, उपखंड अधिकारी
पॉवर कार्पोरेशन को निजीकरण से बचाए सरकार
सरकार को बिजली कर्मियों के भविष्य को देखते हुए पॉवर कार्पोरेशन को निजीकरण से बचाना चाहिए। वहीं ऐसे उम्मीदवार को चुना जाना चाहिए जो विकास के प्रति गंभीर हो और युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान कराने के लिए संघर्षशील हो। धरातल पर विकास कार्य दिखाई दें।
सौरभ भारद्वाज, अधिशासी अभियंता
बेहतर छवि वाले को करेंगे मतदान
नेता सिर्फ वादे करते हैं फिर कुर्सी पाकर मुकर जाते हैं। इस बार उसी जनप्रतिनिधि को मौका मिलना चाहिए, जिसकी छवि समाज में बेहतर हो। पढ़े लिखे के साथ साथ जाति धर्म की राजनीति करने वाला न हो। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं के प्रति गंभीर हो।
रत्नेश गुप्ता, अवर अभियंता
शिक्षा व्यवस्था हो मजबूत
कोरोना में सबसे ज्यादा नुकसान शिक्षा क्षेत्र को हुआ है। प्रारंभिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है। कर्मचारियों के लिए सरकार पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल करें। बिजली कर्मचारियों के लिए नजीकरण सबसे बड़ा मुद्दा है। जो सरकार निजीकरण न करने का आश्वासन देगी उसी के पक्ष में मतदान किया जाएगा। कपिलदेव, कार्यकारी सहायक
निजीकरण न करने का भरोसा दिलाए सरकार
निजीकरण से बिजली कर्मियों व उनके परिवारों का भविष्य खतरे में पढ़ जाएगा। जो राजनीतिक दल निजीकरण रोकने का भरोसा दिलाएगी उसी के पक्ष में मतदान किया जाएगा। सरकार ने कर्मचारियों से पेंशन का हक छीन लिया, लेकिन सांसद, विधायक, मंत्री अपने लिए पुरानी पेंशन योजनाएं बनाए हुए हैं। सुनील कुमार यादव, शिविर सहायक
रोजगार की बात करने वाले करेंगे मतदान
चुनाव में वे उसी को वोट देंगे जो विकास व रोजगार के प्रति गंभीर दिखाई देता हो। स्थानीय स्तर पर रोजगार की व्यवस्था न होने के कारण लोगों को बड़े शहरों में भटकना पड़ता है। इस स्थिति में सुधार की जरूरत है। लघु उद्योग और कुटीर उद्योग को बढ़ावा देने वाले को चुनेंगे। सुमित श्रीवास्तव, कर्मचारी
युवाओं को मिले रोजगार
अपने क्षेत्र के विकास की मांग को लेकर मतदान करेंगे। घर के बच्चे शिक्षा पूरी कर घर बैठे हैं, सरकार को इन युवाओं को बेहतर रोजगार के साधन मुहैया कराना चाहिए। एके तिवारी, कर्मचारी
महंगाई पर लगे लगाम
कोरोना के कारण व्यापार में मंदी की स्थिति है। महंगाई काफी बढ़ गई है, आम आदमी इससे परेशान है। सिलिंडर से लेकर स्कूल फीस, आने वाली सरकार इन मुद्दों पर काम करना चाहिए। रवींद्र गोस्वामी, कर्मचारी
जन समस्याएं हों दूर
जाति और धर्म के आधार पर वोट करना गलत है, हम उसी प्रत्याशी को वोट देंगे जिनके मुद्दे में शहर का विकास हो और वो जनता की समस्याओं को समझकर उसे दूर कराए। रमेश कुमार, कर्मचारी
रोजगार का मिले अवसर
शहर के हुनरमंद युवाओं को अवसर के अभाव में शहर से बाहर जाकर नौकरी करनी पड़ती है, ऐसी सरकार हो जो अपने शहर में युवाओं और महिलाओं को रोजगार मुहैया कराए। मनीष सिंह, कर्मचारी
जाति-धर्म का विरोध
जो जाति-धर्म की राजनीति करेगा उसे वोट नहीं दूंगा। मैं चाहता हूं कि लोकतांत्रिक मूल्यों को समझने वाली और समता के आधार पर काम करने वाली सरकार बने। अनिल वर्मा, कर्मचारी