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ग्रामीणों ने अजगर को मार डाला
अमर उजाला/गोंडा
Updated Sun, 02 Oct 2016 12:07 AM IST
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मारा गया अजगर
- फोटो : अमर उजाला
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तरबगंज के कटहापूरे लीला गांव में वनरोज के बच्चे को निगल रहे अजगर को ग्रामीणों ने पीटकर मार डाला। पुलिस ने गड्ढा खोदकर उसे दफना दिया। लेकिन तब तक मामले की भनक वन विभाग के रेंजर केसी मिश्र को लग गई। जिन्होंने मौके पर वनकर्मियों को भेजकर मामले की जानकारी की।
रेंजर के मुताबिक रविवार को इस प्रकरण में जमीन में दफनाए गए अजगर को निकलवाकर वह उसका पोस्टमार्टम कराएंगे और जो भी अजगर मारने का दोषी होगा, उसके खिलाफ वन्यजीव अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
कटहापूरेलीलाल गांव में शनिवार की सुबह कहीं से एक आठ फीट लंबा अजगर निकल आया। जिसने वहीं पर घूम रहे वनरोज के एक बच्चे को अपनी गिरफ्त में लेकर उसके पूरे शरीर को लपेट लिया।
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अजगर ने अभी वनरोज के बच्चे को निगलना शुरू ही किया था कि ग्रामीणों की उस अजगर पर नजर पड़ गई और उन्होंने उसे लाठियों से पीटकर मार डाला। रेंजर केसी मिश्र के मुताबिक अजगर शेड्यूल वन का प्राणी है। जिसको मारना गैर कानूनी है। अगर किसी ने उसकी हत्या की है तो उसके दोषी के खिलाफ वन्यजीव अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया जाएगा।
उधर, तरबगंज एसओ दुर्गेश कुमार सिंह की मानें तो उन्हें जैसे ही अजगर की सूचना मिली वह मौके पर गए थे। लेकिन इसके बाद वहां उसे मारने वाला जब कोई नहीं मिला तो उसे दफन करवाने के बाद लौट आए। मामले में अगर कोई तहरीर किसी से मिलती है तो पुलिस नियमानुसार मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच जरूर करेगी।
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रेंजर के मुताबिक रविवार को इस प्रकरण में जमीन में दफनाए गए अजगर को निकलवाकर वह उसका पोस्टमार्टम कराएंगे और जो भी अजगर मारने का दोषी होगा, उसके खिलाफ वन्यजीव अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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कटहापूरेलीलाल गांव में शनिवार की सुबह कहीं से एक आठ फीट लंबा अजगर निकल आया। जिसने वहीं पर घूम रहे वनरोज के एक बच्चे को अपनी गिरफ्त में लेकर उसके पूरे शरीर को लपेट लिया।
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अजगर ने अभी वनरोज के बच्चे को निगलना शुरू ही किया था कि ग्रामीणों की उस अजगर पर नजर पड़ गई और उन्होंने उसे लाठियों से पीटकर मार डाला। रेंजर केसी मिश्र के मुताबिक अजगर शेड्यूल वन का प्राणी है। जिसको मारना गैर कानूनी है। अगर किसी ने उसकी हत्या की है तो उसके दोषी के खिलाफ वन्यजीव अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया जाएगा।
उधर, तरबगंज एसओ दुर्गेश कुमार सिंह की मानें तो उन्हें जैसे ही अजगर की सूचना मिली वह मौके पर गए थे। लेकिन इसके बाद वहां उसे मारने वाला जब कोई नहीं मिला तो उसे दफन करवाने के बाद लौट आए। मामले में अगर कोई तहरीर किसी से मिलती है तो पुलिस नियमानुसार मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच जरूर करेगी।