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66 लाख से बनेगा तीन पंचायतों में ग्राम सचिवालय
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बालपुर (गोंडा)। विकास खंड हलधरमऊ के तीन ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय बनाने के लिए 66 लाख रुपये की मंजूरी मिल गयी है, जबकि अभी भी 21 गांव पंचायत सचिवालय विहीन हैं। एक गांव का पंचायत भवन निष्प्रयोज्य घोषित किया गया है। हलधरमऊ ब्लॉक में कुल 61 गांव पंचायत हैं। जिसमें 36 गांवों में ग्राम सचिवालय का निर्माण कराया गया है।
ब्लॉक क्षेत्र में अभी भी 25 गांव सभा को ग्राम सचिवालय की दरकार है। जिसमें से तीन गांव झौहना, सेल्हरी व बरांव में सचिवालय निर्माण के लिए 53 लाख की मंजूरी दी गयी है। तीन प्रकार से भवन बनाने के लिए मानक बनाया गया। जो 14 लाख, 17 लाख व 22 लाख का इस्टीमेट बनाया जायेगा।
जिसके लिए गांव पंचायत जमीन मुहैया करायेगी। जमीन के अनुसार ही इस्टिमेट बनाया जाएगा। ग्राम सचिवालय में प्रधान कक्ष, सचिव कक्ष व मीटिंग हाल व किचन के साथ भवन के चारों तरफ बाउंड्रीवाल बनाया जायेगा। जिसमें प्रधान व सचिव जनता का काम काज सचिवालय में बैठकर करेंगे।
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यहां तक की जिन 36 ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिवालय बने हुए हैं वहां कभी बैठक ही नहीं होती है। वर्षों से ताला ही नहीं खोला गया है, अब वहां भी अधिकारियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। ब्लॉक के 36 गांवों में सचिवालय भवन बनाये गए हैं लेकिन कहीं भी सचिवालय में ग्राम प्रधान व सचिव दरबार नहीं लगते हैं। सचिवालय धूल फांक रहा है।
छह करोड़ से बने 36 ग्राम सचिवालय खंडहर में तब्दील हो गये है। वहीं बटौरा बख्तावर सिंह में भवन को निष्प्रयोज्य घोषित कर दिया गया है। बालपुर हजारी का सचिवालय अधूरा छोड़कर कार्यदायी संस्था फरार हो गयी। 15 साल से दीवार खड़ी है। दर्जनों भवन में बड़ी-बड़ी घास लगी हुई है। खंड विकास अधिकारी राम आज्ञा मौर्य ने जिस गांव में सचिवालय भवन बना है। वहां प्रधानों को बैठक व कामकाज करने का निर्देश दिया है।
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ब्लॉक क्षेत्र में अभी भी 25 गांव सभा को ग्राम सचिवालय की दरकार है। जिसमें से तीन गांव झौहना, सेल्हरी व बरांव में सचिवालय निर्माण के लिए 53 लाख की मंजूरी दी गयी है। तीन प्रकार से भवन बनाने के लिए मानक बनाया गया। जो 14 लाख, 17 लाख व 22 लाख का इस्टीमेट बनाया जायेगा।
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जिसके लिए गांव पंचायत जमीन मुहैया करायेगी। जमीन के अनुसार ही इस्टिमेट बनाया जाएगा। ग्राम सचिवालय में प्रधान कक्ष, सचिव कक्ष व मीटिंग हाल व किचन के साथ भवन के चारों तरफ बाउंड्रीवाल बनाया जायेगा। जिसमें प्रधान व सचिव जनता का काम काज सचिवालय में बैठकर करेंगे।
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यहां तक की जिन 36 ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिवालय बने हुए हैं वहां कभी बैठक ही नहीं होती है। वर्षों से ताला ही नहीं खोला गया है, अब वहां भी अधिकारियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। ब्लॉक के 36 गांवों में सचिवालय भवन बनाये गए हैं लेकिन कहीं भी सचिवालय में ग्राम प्रधान व सचिव दरबार नहीं लगते हैं। सचिवालय धूल फांक रहा है।
छह करोड़ से बने 36 ग्राम सचिवालय खंडहर में तब्दील हो गये है। वहीं बटौरा बख्तावर सिंह में भवन को निष्प्रयोज्य घोषित कर दिया गया है। बालपुर हजारी का सचिवालय अधूरा छोड़कर कार्यदायी संस्था फरार हो गयी। 15 साल से दीवार खड़ी है। दर्जनों भवन में बड़ी-बड़ी घास लगी हुई है। खंड विकास अधिकारी राम आज्ञा मौर्य ने जिस गांव में सचिवालय भवन बना है। वहां प्रधानों को बैठक व कामकाज करने का निर्देश दिया है।