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Gonda News: गमगीन माहौल में एक साथ उठीं मां, बेटे और बहू की अर्थियां
Fri, 10 Jul 2026 12:16 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 10 Jul 2026 12:16 AM IST
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मुजेहना (गोंडा)। पंजाब के जालंधर-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले धानेपुर थाना क्षेत्र के बरईपारा छिटुहनी गांव निवासी मां, बेटे और बहू का बुधवार को गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। तीनों के शव पहुंचने पर परिवार के साथ ही पूरे गांव में मातम छा गया।
परिजनों की चीख-पुकार सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। गमगीन माहौल में गांव के बाहर खेत में एक साथ हुए तीनों के अंतिम संस्कार के दौरान वहां मौजूद सभी लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़े।
धानेपुर थाना क्षेत्र के बरईपुर छिटुहनी निवासी सुभाष शुक्ला ने बताया कि उनका भतीजा सुरेंद्र शुक्ला (32) पंजाब के लुधियाना में एक निजी डिलीवरी कंपनी में प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे। वह पत्नी प्रियंका शुक्ला (30), मां जामवंती (65), एक वर्षीय बेटी मानवी और भतीजी अंशिका व अर्पिता के साथ वहीं रहते थे। रविवार को पूरा परिवार कार से डेरा व्यास में सत्संग में शामिल होने के लिए निकला था। रविवार सुबह जालंधर-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सामने से आ रही एक तेज रफ्तार इनोवा से उनकी कार की जोरदार भिड़ंत हो गई।
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हादसे में सुरेंद्र और उनकी पत्नी प्रियंका की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल मां जामवंती को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान देर रात उन्होंने भी दम तोड़ दिया। वहीं कार में सवार एक वर्षीय मानवी, अंशिका और अर्पिता घायल हैं।
तीनों का पंजाब के अस्पताल में इलाज चल रहा है। फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को तीनों शव एंबुलेंस से पैतृक गांव बरईपारा छिटुहनी लाए गए। शव पहुंचते ही गांव में कोहराम मच गया। सुरेंद्र के चाचा सुभाष शुक्ला ने शाम को गांव के समीप खेत में मां-बेटे और बहू को मुखाग्नि दी।
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परिजनों की चीख-पुकार सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। गमगीन माहौल में गांव के बाहर खेत में एक साथ हुए तीनों के अंतिम संस्कार के दौरान वहां मौजूद सभी लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़े।
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धानेपुर थाना क्षेत्र के बरईपुर छिटुहनी निवासी सुभाष शुक्ला ने बताया कि उनका भतीजा सुरेंद्र शुक्ला (32) पंजाब के लुधियाना में एक निजी डिलीवरी कंपनी में प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे। वह पत्नी प्रियंका शुक्ला (30), मां जामवंती (65), एक वर्षीय बेटी मानवी और भतीजी अंशिका व अर्पिता के साथ वहीं रहते थे। रविवार को पूरा परिवार कार से डेरा व्यास में सत्संग में शामिल होने के लिए निकला था। रविवार सुबह जालंधर-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सामने से आ रही एक तेज रफ्तार इनोवा से उनकी कार की जोरदार भिड़ंत हो गई।
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हादसे में सुरेंद्र और उनकी पत्नी प्रियंका की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल मां जामवंती को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान देर रात उन्होंने भी दम तोड़ दिया। वहीं कार में सवार एक वर्षीय मानवी, अंशिका और अर्पिता घायल हैं।
तीनों का पंजाब के अस्पताल में इलाज चल रहा है। फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को तीनों शव एंबुलेंस से पैतृक गांव बरईपारा छिटुहनी लाए गए। शव पहुंचते ही गांव में कोहराम मच गया। सुरेंद्र के चाचा सुभाष शुक्ला ने शाम को गांव के समीप खेत में मां-बेटे और बहू को मुखाग्नि दी।