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Gonda News: दवा खरीद घोटाले में टेंडर पर टिकी सतर्कता अधिष्ठान की नजर

Sun, 22 Dec 2024 11:05 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Sun, 22 Dec 2024 11:05 PM IST
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Vigilance Foundation's eyes fixed on tender in drug procurement scam
गोंडा। वर्ष 2017-18 में दवा की खरीद में हुए घोटाले के निविदा प्रपत्रों की जांच सतर्कता अधिष्ठान ने शुरू कर दी है। अधिष्ठान ने स्वास्थ्यकर्मियों को बुलाकर निविदा के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली है। निविदा की फाइल खुलने से जांच की जद में आ रहे तत्कालीन अधिकारियों व कर्मचारियों की बेचैनी बढ़ गई है।
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जिले में वर्ष 2017-18 व 2018-19 में दवाओं की खरीद को लेकर शासन स्तर पर शिकायत की गई थी। इसके बाद मामले की जांच सतर्कता अधिष्ठान को सौंपी गई थी। सतर्कता अधिष्ठान ने दवा खरीद से जुड़े रिकॉर्ड कई चरण में एकत्र करने के बाद जांच शुरू कर दी है। दवा खरीद के लिए कराई गई निविदा की प्रक्रिया में नियमों का पालन किया गया या नहीं, जेम पोर्टल से खरीदी गई दवाओं में मानक का ध्यान रखा गया या नहीं... इन तमाम बिंदुओं की जांच शुरू कर दी गई है।
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सतर्कता अधिष्ठान ने विभाग से कई बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी। इसके बाद शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय के दो कर्मचारियों को अयोध्या स्थित उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान कार्यालय भेजा गया। वहां सवालों पर जवाब दाखिल करने के साथ ही अन्य जानकारी जांच टीम को उपलब्ध कराई गई है। जांच शुरू होने से विभाग के तत्कालीन अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। दरअसल, उस समय तैनात रहे कई अधिकारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। ऐसे में वह कर्मचारियों को फोन करके जानकारी जुटा रहे हैं।
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सीएमओ डाॅ. रश्मि वर्मा ने बताया कि पुराना मामला है। जांच टीम जो भी जानकारी मांग रही है, उसे उपलब्ध कराया जा रहा है। जांच टीम का पूरा सहयोग किया जा रहा है।



पहले भी सामने आ चुका है मामला

दवा खरीद में अनियमितता का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले 2009-10 व 2010-11 में भी दवा खरीद में गड़बड़ी का मामला सीबीआई ने पकड़ा था। उस वक्त सीएमओ कार्यालय का एक कक्ष जर्जर होने के कारण गिर गया था। अफसरों ने कहा था कि अभिलेख उसमें दब गए हैं। हालांकि इसके बाद सीबीआई टीम ने यहां पर करीब एक माह तक कैंप करके जांच की थी। कई अफसरों के आवास पर छापा भी मारा गया था।
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