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नेपाल सीमा पर वाहनों का आवागमन ठप
बलरामपुर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 26 Sep 2015 10:54 PM IST
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नेपाल में लागू संविधान के विरोध में चल रहा मधेसी आंदोलन सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार तेज होता जा रहा है। आंदोलन के चलते सीमा पर भारी वाहनों का आवागमन ठप है। केवल छोटे वाहन व पैदल यात्री ही सीमा के आरपार आ-जा सकते हैं। सीमा स्थित भारतीय बाजारों में भी नेपाली नागरिकों का आना-जाना काफी कम हो गया है।
पिछले एक सप्ताह से व्यापार पर काफी प्रभाव पड़ा है। एसएसबी के जवान स्थिति पर नजर रखे हुए है। सीमा से सटे नेपाली जनपदों के प्रशासन से लगातार संपर्क बना हुआ है। खुफिया तंत्र भी स्थिति की निगरानी कर रहा है।
जिले के सीमावर्ती गांवों के तमाम लोगों का प्रतिदिन नेपाल सीमा पार से आना-जाना है। नेेपाल में लागू संविधान के विरोध में नेपाली मधेशी समाज आंदोलन कर रहा है।
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मधेसियों की बड़ी संख्या भारतीय सीमा से सटे नेपाली इलाकों में रहती है। मधेशियों के आंदोलन के चलते भारतीय व्यापारी माल से लदी गाड़ियां पिछले करीब एक सप्ताह से नेपाल नहीं भेज रहे है। कुछ लोग ही छोटी गाड़ियों व अन्य साधनों से सीमा पर आवागमन कर रहे हैं।
भारतीय बाजारों में भी नेपाली नागरिकों का आगमन करीब ठप है। इक्का-दुक्का नेपाली ही भारतीय बाजारों में दिख रहे हैं। पचपेड़वा बाजार के व्यापारी संतोष गुप्ता, मदनलाल, नंद किशोर व इलियास खां आदि ने बताया कि व्यापार पर मधेशी आंदोलन का काफी बुरा असर पड़ा है।
साप्ताहिक हाट बाजारों में भी नेपाली नहीं आ रहे हैं। इस संबंध में एसएसबी 50वीं वाहिनी के कमांडेंट डीबी सोनार ने बताया कि सीमा पर भारी वाहनों का आवागमन ठप है। केवल छोटे वाहन ही आ-जा रहे हैं। सीमा पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। नेपाल के जनपद कपिलवस्तु के प्रशासन से लगातार संपर्क कर हालात का जायजा लिया जा रहा है।
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पिछले एक सप्ताह से व्यापार पर काफी प्रभाव पड़ा है। एसएसबी के जवान स्थिति पर नजर रखे हुए है। सीमा से सटे नेपाली जनपदों के प्रशासन से लगातार संपर्क बना हुआ है। खुफिया तंत्र भी स्थिति की निगरानी कर रहा है।
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जिले के सीमावर्ती गांवों के तमाम लोगों का प्रतिदिन नेपाल सीमा पार से आना-जाना है। नेेपाल में लागू संविधान के विरोध में नेपाली मधेशी समाज आंदोलन कर रहा है।
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मधेसियों की बड़ी संख्या भारतीय सीमा से सटे नेपाली इलाकों में रहती है। मधेशियों के आंदोलन के चलते भारतीय व्यापारी माल से लदी गाड़ियां पिछले करीब एक सप्ताह से नेपाल नहीं भेज रहे है। कुछ लोग ही छोटी गाड़ियों व अन्य साधनों से सीमा पर आवागमन कर रहे हैं।
भारतीय बाजारों में भी नेपाली नागरिकों का आगमन करीब ठप है। इक्का-दुक्का नेपाली ही भारतीय बाजारों में दिख रहे हैं। पचपेड़वा बाजार के व्यापारी संतोष गुप्ता, मदनलाल, नंद किशोर व इलियास खां आदि ने बताया कि व्यापार पर मधेशी आंदोलन का काफी बुरा असर पड़ा है।
साप्ताहिक हाट बाजारों में भी नेपाली नहीं आ रहे हैं। इस संबंध में एसएसबी 50वीं वाहिनी के कमांडेंट डीबी सोनार ने बताया कि सीमा पर भारी वाहनों का आवागमन ठप है। केवल छोटे वाहन ही आ-जा रहे हैं। सीमा पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। नेपाल के जनपद कपिलवस्तु के प्रशासन से लगातार संपर्क कर हालात का जायजा लिया जा रहा है।