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Gonda News: विश्वविद्यालय पर रार से पुराने जख्म ताजा, लोग एकजुट
Mon, 27 Mar 2023 11:45 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 27 Mar 2023 11:45 PM IST
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ज्ञापन सौंपते छात्र व संस्था के लोग।
गोंडा। राज्य विश्वविद्यालय पर छिड़ी सियासी दांव से पुराने घाव फिर हरे हो गए हैं। पूर्व में स्वीकृति के बाद जिले से आईटीबेस इंजीनियरिंग कॉलेज और मेडिकल कॉलेज स्थानांतरित हो चुका है। अब राज्य विवि को हाथ से जाने देने के लिए लोग तैयार नहीं हैं। युवाओं ने सीएम को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंप कर संकेत दे दिया है कि वह चुप नहीं बैठेंगे। सीएम पर भरोसा है कि ऐलान के बाद वह पीछे नहीं हटते। जिले के परसपुर ब्लाक के डोमाकल्पी गांव में मां पाटेश्वरी देवी विश्वविद्यालय निर्माण के लिए भूमि तय करके शासन को प्रस्ताव वर्ष 2020 में तत्कालीन मंडलायुक्त एसवीएस रंगाराव ने ही भेजा था। शासन से टीम ने आकर गोंडा मुख्यालय से मात्र 16 किमी. दूर गोंडा-लखनऊ हाईवे और रेल लाइन के नजदीक डोमाकल्पी गांव में 58 एकड़ भूमि की पड़ताल किया। टीम ने पूरी रिपोर्ट शासन को भेज दी।
2021-22 के बजट में योगी आदित्यनाथ ने विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा कर दी थी। बजट का आवंटन इस वित्तीय वर्ष में किया गया। 21 मार्च को गोंडा दौरे पर आगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों से भूमि आवंटन का प्रस्ताव मांग लिया। इसी बीच बलरामपुर जिले में सपा नेता विधायक एसपी यादव ने मांग तेज कर जिले के लोगों को चौंका दिया।
मंडल के साथ कई संस्थानों में पहले हो चुका है बदलाव
- वर्ष 1997 में देवीपाटन मंडल बनाने की घोषणा की गई। अधिकारियों की तैनाती भी हो गई। कुछ साल बाद मंडल स्थापना को रद्द करने की पुन: कोशिश की गई। लेकिन यहां के युवाओं व अधिवक्ताओं ने संघर्ष अभियान चलाया तब जाकर मंडल पूरी से अस्तित्व में आया। वर्ष 2006 मुलायम सिंह यादव की सरकार के समय गोंडा यानि मंडल मुख्यालय पर आईटी बेस इंजीनियरिंग कालेज की स्थापना करने की कवायद शुरू हुई। भूमि पूजन हो गया और 100 करोड़ रुपये जारी कर कार्यदायी संस्था को नामित कर दिया गया। काम शुरू हो गया। इसी बीच 2007 में सरकार बदल गई और बसपा की सरकार बनी तो उसने आईटी बेस कालेज को वापस कर लिया। यदि यह आईटी बेस कालेज बन गया होता तो मंडल के चारों जिलों के सैकड़ों बच्चे पढ़कर नाम रोशन कर रहे होते। 2006 मेडिकल कॉलेज की भी घोषणा हुई थी लेकिन इसे भी पूर्वांचल के जिले में भेज दिया गया।
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जनप्रतिनिधियों ने नहीं दिखाई दिलचस्पी
करीब 20 साल पहले गोंडा नगर क्षेत्र में सीवर लाइन और महायोजना प्लान बनाकर भेजा लेकिन यहां के जनप्रतिनिधियों ने कोई दिलचस्पी नहीं ली। परिवहन निगम का मंडल का क्षेत्रीय कार्यालय बहराइच में एक दशक तक स्थापित रहा। अभी कुछ साल पहले गोंडा लाया गया। राजनीतिक प्रतिद्वंदिता में मंडल मुख्यालय पर लेखपाल ट्रेनिंग स्कूल निर्माण नहीं होने दिया गया। एनआरएलएम के तहत युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए उन्हें विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण देना था। मंडल मुख्यालय के जिले में प्रशिक्षण केंद्र बनाया जाना था। रुपईडीह ब्लाक के फरेंदा शुक्ल गांव में जमीन मुहैया कराई गई लेकिन इसे भी बहराइच स्थानांतरित कर दिया गया।
विश्वविद्यालय स्थापना को लेकर सौंपा ज्ञापन
जिले की सामाजिक संस्था इंकलाब फाउंडेशन के अध्यक्ष अविनाश सिंह के नेतृत्व में सोमवार को मां पाटेश्वरी देवी विश्वविद्यालय की स्थापना देवीपाटन मंडल मुख्यालय जनपद गोंडा में कराने के लिए मुख्यमंत्री संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट अर्पित गुप्ता को सौंपा गया है।
डॉ. अरुण कुमार सिंह व वरिष्ठ समाजसेवी केबी सिंह ने कहा कि गोंडा जिले में मां पाटेश्वरी देवी विश्वविद्यालय स्थापना होनी चाहिए। कई बार जिले की अनदेखी हो चुकी है, अब सभी सतर्क हैं। अनिल श्रीवास्तव व भानु कोहली ने कहा कि मंडल मुख्यालय होने के चलते प्रशासनिक गतिविधियों के लिए गोंडा जनपद उपयुक्त है। चिन्हित स्थल डोमाकल्पी राजधानी लखनऊ के फोरलेन से मात्र पांच किलोमीटर दूरी पर होने से आवागमन की सुगमता है। जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मां पाटेश्वरी देवी विश्वविद्यालय मंडल मुख्यालय जनपद गोंडा में ही होनी चाहिए। इससे सभी को लाभ मिलेगा डोमाकल्पी स्थिति भूमि बाढ़ आपदा से पूर्णयता सुरक्षित है।
मुख्य रेल मार्ग से देश प्रदेश के किसी भी कोने से आने जाने वाले छात्र छात्राओं को सुगम रेल यात्रा की सुविधा मिलेगी। आयुष मिश्रा, भूपेंद्र सिंह, हनुमान सिंह, सुद्दन सिंह, सोभित पाठक, सूरज दुबे, प्रिंस, रोहित, मनीष ने भी हुंकार भरी की विश्वविद्यालय में बदलाव नहीं होने देंगे।
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2021-22 के बजट में योगी आदित्यनाथ ने विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा कर दी थी। बजट का आवंटन इस वित्तीय वर्ष में किया गया। 21 मार्च को गोंडा दौरे पर आगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों से भूमि आवंटन का प्रस्ताव मांग लिया। इसी बीच बलरामपुर जिले में सपा नेता विधायक एसपी यादव ने मांग तेज कर जिले के लोगों को चौंका दिया।
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मंडल के साथ कई संस्थानों में पहले हो चुका है बदलाव
- वर्ष 1997 में देवीपाटन मंडल बनाने की घोषणा की गई। अधिकारियों की तैनाती भी हो गई। कुछ साल बाद मंडल स्थापना को रद्द करने की पुन: कोशिश की गई। लेकिन यहां के युवाओं व अधिवक्ताओं ने संघर्ष अभियान चलाया तब जाकर मंडल पूरी से अस्तित्व में आया। वर्ष 2006 मुलायम सिंह यादव की सरकार के समय गोंडा यानि मंडल मुख्यालय पर आईटी बेस इंजीनियरिंग कालेज की स्थापना करने की कवायद शुरू हुई। भूमि पूजन हो गया और 100 करोड़ रुपये जारी कर कार्यदायी संस्था को नामित कर दिया गया। काम शुरू हो गया। इसी बीच 2007 में सरकार बदल गई और बसपा की सरकार बनी तो उसने आईटी बेस कालेज को वापस कर लिया। यदि यह आईटी बेस कालेज बन गया होता तो मंडल के चारों जिलों के सैकड़ों बच्चे पढ़कर नाम रोशन कर रहे होते। 2006 मेडिकल कॉलेज की भी घोषणा हुई थी लेकिन इसे भी पूर्वांचल के जिले में भेज दिया गया।
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जनप्रतिनिधियों ने नहीं दिखाई दिलचस्पी
करीब 20 साल पहले गोंडा नगर क्षेत्र में सीवर लाइन और महायोजना प्लान बनाकर भेजा लेकिन यहां के जनप्रतिनिधियों ने कोई दिलचस्पी नहीं ली। परिवहन निगम का मंडल का क्षेत्रीय कार्यालय बहराइच में एक दशक तक स्थापित रहा। अभी कुछ साल पहले गोंडा लाया गया। राजनीतिक प्रतिद्वंदिता में मंडल मुख्यालय पर लेखपाल ट्रेनिंग स्कूल निर्माण नहीं होने दिया गया। एनआरएलएम के तहत युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए उन्हें विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण देना था। मंडल मुख्यालय के जिले में प्रशिक्षण केंद्र बनाया जाना था। रुपईडीह ब्लाक के फरेंदा शुक्ल गांव में जमीन मुहैया कराई गई लेकिन इसे भी बहराइच स्थानांतरित कर दिया गया।
विश्वविद्यालय स्थापना को लेकर सौंपा ज्ञापन
जिले की सामाजिक संस्था इंकलाब फाउंडेशन के अध्यक्ष अविनाश सिंह के नेतृत्व में सोमवार को मां पाटेश्वरी देवी विश्वविद्यालय की स्थापना देवीपाटन मंडल मुख्यालय जनपद गोंडा में कराने के लिए मुख्यमंत्री संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट अर्पित गुप्ता को सौंपा गया है।
डॉ. अरुण कुमार सिंह व वरिष्ठ समाजसेवी केबी सिंह ने कहा कि गोंडा जिले में मां पाटेश्वरी देवी विश्वविद्यालय स्थापना होनी चाहिए। कई बार जिले की अनदेखी हो चुकी है, अब सभी सतर्क हैं। अनिल श्रीवास्तव व भानु कोहली ने कहा कि मंडल मुख्यालय होने के चलते प्रशासनिक गतिविधियों के लिए गोंडा जनपद उपयुक्त है। चिन्हित स्थल डोमाकल्पी राजधानी लखनऊ के फोरलेन से मात्र पांच किलोमीटर दूरी पर होने से आवागमन की सुगमता है। जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मां पाटेश्वरी देवी विश्वविद्यालय मंडल मुख्यालय जनपद गोंडा में ही होनी चाहिए। इससे सभी को लाभ मिलेगा डोमाकल्पी स्थिति भूमि बाढ़ आपदा से पूर्णयता सुरक्षित है।
मुख्य रेल मार्ग से देश प्रदेश के किसी भी कोने से आने जाने वाले छात्र छात्राओं को सुगम रेल यात्रा की सुविधा मिलेगी। आयुष मिश्रा, भूपेंद्र सिंह, हनुमान सिंह, सुद्दन सिंह, सोभित पाठक, सूरज दुबे, प्रिंस, रोहित, मनीष ने भी हुंकार भरी की विश्वविद्यालय में बदलाव नहीं होने देंगे।