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डेंगू से दो लोगों की सांसें थमीं
अमर उजाला/बलरामपुर
Updated Tue, 01 Nov 2016 11:06 PM IST
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platelets, dengue
- फोटो : Demo Pic
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जिले में मंगलवार को अलग-अलग स्थानों पर दो लोगों की डेंगू की चपेट में आकर मौत हो गई। डेंगू की बीमारी को लेकर जिले में लोग परेशान हैं। लोेगों ने स्वास्थ्य महकमा पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
गैसड़ी कोतवाली क्षेत्र के लठावर गांव के डेंगू से पीड़ित एक बच्चे की इलाज के दौरान गोंडा में मौत हो गई। जगदंबा प्रसाद ने बताया कि उनका पुत्र अंकित (6) एक सप्ताह पहले बीमार हुआ था। बच्चे को सीएचसी गैसड़ी में भर्ती कराया गया।
सीएचसी के डॉक्टर ने बच्चे में डेंगू के लक्षण बताकर संयुक्त जिला अस्पताल रेफर कर दिया। अंकित को गोंडा के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान मंगलवार को उसकी मौत हो गई। वहीं, गौरा चौराहा थाना क्षेत्र के परसा गांव में डेंगू की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। जवान बेटे की अचानक मौत होने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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रिवार के सदस्य आलोक तिवारी ने बताया कि राहुल तिवारी (21) पुत्र डब्लू उर्फ हरीश तिवारी की तबियत खराब होने पर संयुक्त जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने गोंडा रेफर कर दिया। गोंडा ले जाते समय रास्ते में राहुल तिवारी की मौत हो गई।
परिवारीजनों का आरोप है कि जिले में स्वास्थ्य विभाग के पास डेंगू की बीमारी से निपटने के लिए कोई संसाधन नहीं हैं। परिवारीजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
वहीं, सीएमओ डॉ. आशुतोष गुप्ता ने बताया कि जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में डेंगू बीमारी की जांच के लिए किट उपलब्ध कराई गई है। किट के माध्यम से मरीजों में 40 प्रतिशत तक डेंगू के लक्षण होने की जांच संभव हो पाती है। आशंका होने पर मरीजों को इलाज व जांच के लिए लखनऊ रेफर किया जाता है। लोगों को साफ-सफाई रखने व पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने आदि की सलाह दी जा रही है।
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गैसड़ी कोतवाली क्षेत्र के लठावर गांव के डेंगू से पीड़ित एक बच्चे की इलाज के दौरान गोंडा में मौत हो गई। जगदंबा प्रसाद ने बताया कि उनका पुत्र अंकित (6) एक सप्ताह पहले बीमार हुआ था। बच्चे को सीएचसी गैसड़ी में भर्ती कराया गया।
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सीएचसी के डॉक्टर ने बच्चे में डेंगू के लक्षण बताकर संयुक्त जिला अस्पताल रेफर कर दिया। अंकित को गोंडा के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान मंगलवार को उसकी मौत हो गई। वहीं, गौरा चौराहा थाना क्षेत्र के परसा गांव में डेंगू की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। जवान बेटे की अचानक मौत होने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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रिवार के सदस्य आलोक तिवारी ने बताया कि राहुल तिवारी (21) पुत्र डब्लू उर्फ हरीश तिवारी की तबियत खराब होने पर संयुक्त जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने गोंडा रेफर कर दिया। गोंडा ले जाते समय रास्ते में राहुल तिवारी की मौत हो गई।
परिवारीजनों का आरोप है कि जिले में स्वास्थ्य विभाग के पास डेंगू की बीमारी से निपटने के लिए कोई संसाधन नहीं हैं। परिवारीजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
वहीं, सीएमओ डॉ. आशुतोष गुप्ता ने बताया कि जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में डेंगू बीमारी की जांच के लिए किट उपलब्ध कराई गई है। किट के माध्यम से मरीजों में 40 प्रतिशत तक डेंगू के लक्षण होने की जांच संभव हो पाती है। आशंका होने पर मरीजों को इलाज व जांच के लिए लखनऊ रेफर किया जाता है। लोगों को साफ-सफाई रखने व पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने आदि की सलाह दी जा रही है।