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Gonda News: निजी अस्पताल में जुड़वां नवजातों की मौत, लापरवाही का आरोप

Mon, 14 Jul 2025 11:40 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Mon, 14 Jul 2025 11:40 PM IST
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Twins die in private hospital, negligence alleged
गोंडा। निजी अस्पताल में जुड़वां नवजात की मौत का गंभीर मामला सामने आया है। परिजनों ने निजी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान लापरवाही से बच्चों की मौत का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है। आरोप है कि सरकारी डॉक्टर ने ही ऑपरेशन किया था। पुलिस मामले की जांच की बात कह रही है।
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मझवा जानकी नगर निवासी शिवम कुमार सोनी ने नगर कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि उनकी पत्नी सोनम को रविवार शाम प्रसव पीड़ा होने पर जिला महिला अस्पताल ले जाया गया। जहां एक आशा कार्यकर्ता ने कहा कि रविवार को सरकारी अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिलेंगे। यहीं की डॉक्टर मुन्नन खां चौराहे पर संचालित एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन करती हैं।
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आरोप लगाया कि आशा कार्यकर्ता के कहने पर सोनम को उक्त निजी हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां महिला अस्पताल में तैनात डॉक्टर ने सिजेरियन प्रसव कराया। जिससे जुड़वां बच्चों का जन्म हुआ। करीब तीन घंटे के बाद एक बच्चे की मौत हो गई। सोमवार को दूसरे बच्चे की तबीयत भी बिगड़ने लगी। जिसे फैजाबाद रोड स्थित दूसरे निजी अस्पताल के लिए रेफर किया गया। मगर वहां पहुंचते ही दूसरे नवजात ने भी दम तोड़ दिया। पीड़ित ने ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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वहीं, निजी अस्पताल के संचालक यार मोहम्मद ने बताया कि 27 सप्ताह की प्रेग्नेंसी थी। गर्भाशय की नाल बाहर निकल रही थी। ऐसी स्थिति में परिजनों की सहमति के बाद ऑपरेशन कर प्रसूता की जान बचाई गई। नवजातों को जन्म के बाद ही वेंटीलेटर पर रखने का परामर्श दिया गया, लेकिन परिजन वेंटीलेटर वाले अस्पताल में नहीं ले गए। 27 सप्ताह के जुड़वा बच्चों के जीवन की संभावना कम रहती है।
सरकारी जांच से निजी अस्पतालों पर नहीं आती आंच
जिले में ऐसे कई निजी अस्पताल संचालित हैं, जिनके पास खुद के डॉक्टर नहीं हैं। इसके चलते नवीनीकरण भी रुका हुआ है, लेकिन धड़ल्ले से ऑपेरशन हो रहे हैं। ऑपरेशन के लिए सरकारी डॉक्टरों को बुलाया जाता है, जिनकी जल्दबाजी के कारण प्रसूता व नवजात की जान तक चली जाती है। बीते 25 मई को भी एक निजी अस्पताल में प्रसूता की मौत हो गई थी। सरकारी डॉक्टर पर ऑपरेशन करने का आरोप लगाकर शिकायत की गई थी, लेकिन अभी तक जांच की आंच संचालक तक नहीं पहुंची। यह मुद्दा डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के सामने में भी गूंजा था।
पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव
नगर कोतवाल विवेक त्रिवेदी ने बताया कि निजी अस्पताल में जुड़वा नवजात की मौत की शिकायत मिली है। परिजनों की तहरीर पर नवजातों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। पीएम रिपोर्ट आने के बाद सीएमओ को सूचना देकर केस दर्ज किया जाएगा।

जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई
सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने बताया कि निजी अस्पताल में नवजातों की मौत की जानकारी मिली है। परिजनों ने लिखित शिकायत नहीं की है। आशा कार्यकर्ता, सरकारी डॉक्टर व निजी अस्पताल संचालक पर लगे आरोपों की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई होगी। पूर्व की शिकायतों की जांच चल रही है। सभी पक्षों का बयान दर्ज किया गया है।
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